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Charkhi Dadri News: प्राचार्य पर विद्यार्थियों को जातिसूचक शब्द बोलने का आरोप, ग्रामीणों ने राजकीय स्कूल को जड़ा ताला
Tue, 29 Oct 2024 09:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 29 Oct 2024 09:29 PM IST
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प्राचार्य को थप्पड़ मारने के लिए हाथ उठाती महिला।
बाढड़ा। गांव डालावास स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य पर ग्रामीणों ने विद्यार्थियों को जातिसूचक शब्द बोलने का आरोप लगाकर स्कूल को मंगलवार सुबह ताला जड़ दिया। वहीं, इससे पहले विद्यार्थियों व शिक्षकों को स्कूल से बाहर निकाल दिया। ग्रामीणों ने एक घंटे स्कूल बंद रखा और पुलिस के आने के बाद ताला खोल दिया। हालांकि उन्होंने प्राचार्य का तबादला न होने पर धरना देने की चेतावनी दी है।
बता दें कि गांव डालावास स्कूल में चार साल से स्थायी प्राचार्य नहीं हैं और शिक्षक दलबीर सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य बनाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दलबीर सुबह स्कूल में समय पर नहीं आते और न ही विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। वो सुबह 11 बजे आते हैं और हाजिरी लगाकर 12 बजे स्कूल से चले जाते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
मंगलवार सुबह 10 बजे सभी ग्रामीण व एसएमसी सदस्य स्कूल पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों व विद्यार्थियों को बाहर निकाल दिया और गेट पर ताला लगा दिया। जब कार्यवाहक प्राचार्य दलबीर सिंह स्कूल पहुंचा तो देरी से आने के संबंध उनसे पूछताछ की गई। बाद में दोनों पक्षों में बहस चली और बात कहासुनी तक पहुंच गई। तीखी बहस होने से नौबत हाथापाई तक पहुंच जाती, लेकिन वहां मौजूद कुछ लोगों की समझदारी दिखाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
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- डायल 112 और बाढड़ा थाना पुलिस पहुंची मौके पर
सूचना मिलने पर डायल 112 टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से मामले की जानकारी ली। इसके बाद डायल 112 टीम ने बाढड़ा थाना पुलिस को सूचित किया व कुछ देर बाद ही एक और पुलिस टीम वहां पहुंच गई। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की। बाद में शिक्षक दलबीर को पुलिस टीम अपने वाहन में बैठाकर बाढड़ा ले गई।
- ग्रामीण बोले : बच्चों को फेल करने की दी जाती है धमकी
ग्रामीण मनोज, महेंद्र, कपिल, सुनील, वीरपाल व मीनाक्षी ने बताया कि वे चार साल से शिक्षक को समय पर आने और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए समझा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। प्राचार्य सारा दोष अन्य शिक्षकों पर निकाल रहा है। प्रतिदिन विद्यार्थियों को परीक्षा में फेल करने की धमकी दे रहा है और कभी-कभार ही कक्षा में आता है। वहीं, एक महिला ने प्राचार्य पर स्कूल में सुबह 11 बजे शराब गटक कर आने का आरोप लगाया।
विद्यार्थी बोले : मजदूरों की औलाद कहकर बुलाते हैं कार्यवाहक प्राचार्य
विद्यार्थियों का कहना है कि कार्यवाहक प्राचार्य का पढ़ाने का तरीका अच्छा नहीं है और वो डांट लगाकर ही बोलते हैं। वहीं, कमलेश, बिमला, सुरेश, अनिल आदि अभिभावकों ने बताया कि विद्यार्थियों को मजदूरों की औलाद व अन्य जातिसूचक शब्द कहकर बुलाया जाता है। इस रवैये के चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से शिक्षक के तबादले और नए प्राचार्य की नियुक्ति की मांग की है। प्राचार्य से इस बारे में पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपना पक्ष देने से मना कर दिया।
विद्यार्थियों व अभिभावकों ने शिक्षक के तबादले की मांग की है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है और शिक्षक के तबादले की सिफारिश की गई है। -जलकरण सिंह, बीईओ बाढड़ा।
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बता दें कि गांव डालावास स्कूल में चार साल से स्थायी प्राचार्य नहीं हैं और शिक्षक दलबीर सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य बनाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दलबीर सुबह स्कूल में समय पर नहीं आते और न ही विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। वो सुबह 11 बजे आते हैं और हाजिरी लगाकर 12 बजे स्कूल से चले जाते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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मंगलवार सुबह 10 बजे सभी ग्रामीण व एसएमसी सदस्य स्कूल पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों व विद्यार्थियों को बाहर निकाल दिया और गेट पर ताला लगा दिया। जब कार्यवाहक प्राचार्य दलबीर सिंह स्कूल पहुंचा तो देरी से आने के संबंध उनसे पूछताछ की गई। बाद में दोनों पक्षों में बहस चली और बात कहासुनी तक पहुंच गई। तीखी बहस होने से नौबत हाथापाई तक पहुंच जाती, लेकिन वहां मौजूद कुछ लोगों की समझदारी दिखाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
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- डायल 112 और बाढड़ा थाना पुलिस पहुंची मौके पर
सूचना मिलने पर डायल 112 टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से मामले की जानकारी ली। इसके बाद डायल 112 टीम ने बाढड़ा थाना पुलिस को सूचित किया व कुछ देर बाद ही एक और पुलिस टीम वहां पहुंच गई। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की। बाद में शिक्षक दलबीर को पुलिस टीम अपने वाहन में बैठाकर बाढड़ा ले गई।
- ग्रामीण बोले : बच्चों को फेल करने की दी जाती है धमकी
ग्रामीण मनोज, महेंद्र, कपिल, सुनील, वीरपाल व मीनाक्षी ने बताया कि वे चार साल से शिक्षक को समय पर आने और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए समझा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। प्राचार्य सारा दोष अन्य शिक्षकों पर निकाल रहा है। प्रतिदिन विद्यार्थियों को परीक्षा में फेल करने की धमकी दे रहा है और कभी-कभार ही कक्षा में आता है। वहीं, एक महिला ने प्राचार्य पर स्कूल में सुबह 11 बजे शराब गटक कर आने का आरोप लगाया।
विद्यार्थी बोले : मजदूरों की औलाद कहकर बुलाते हैं कार्यवाहक प्राचार्य
विद्यार्थियों का कहना है कि कार्यवाहक प्राचार्य का पढ़ाने का तरीका अच्छा नहीं है और वो डांट लगाकर ही बोलते हैं। वहीं, कमलेश, बिमला, सुरेश, अनिल आदि अभिभावकों ने बताया कि विद्यार्थियों को मजदूरों की औलाद व अन्य जातिसूचक शब्द कहकर बुलाया जाता है। इस रवैये के चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से शिक्षक के तबादले और नए प्राचार्य की नियुक्ति की मांग की है। प्राचार्य से इस बारे में पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपना पक्ष देने से मना कर दिया।
विद्यार्थियों व अभिभावकों ने शिक्षक के तबादले की मांग की है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है और शिक्षक के तबादले की सिफारिश की गई है। -जलकरण सिंह, बीईओ बाढड़ा।