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Charkhi Dadri News: डायलिसिस सुविधा शुरू करने की तैयारी, सीएमओ ने किया निरीक्षण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Nov 2022 11:45 PM IST
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Preparation to start dialysis facility in the district, CMO inspected
डायलिसिस यूनिट के आइसोलेशन वार्ड के बारे में अपनी टीम से जानकारी लेते सीएमओ डॉ. कृष्ण सिंह। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जिले में किडनी की बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को राहत देने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग एमसीएच (मातृ-शिशु अस्पताल) में जल्द डायलिसिस यूनिट की सुविधा देने जा रहा है। अगले 20 दिनों के अंदर यह यूनिट शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए सेटअप तैयार किया जा चुका है।
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सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने हाल ही में यहां की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने दावा किया कि जल्द से जल्द यह सुविधा दादरी में ही मरीजों को मिलेगी और फिर उन्हें भिवानी, रोहतक या गुरुग्राम के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सीएमओ ने बताया कि डायलिसिस यूनिट शुरू करने की मुख्यालय से पहले ही अनुमति मिल चुकी है और इसके लिए मातृ-शिशु अस्पताल भवन तय किया गया है। इसके अलावा विभाग का प्रयास है कि जल्द ही सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा भी शुरू कर दी जाए।
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बता दें कि किडनी मरीजों को डायलिसिस की जरूरत होती है। जिले में फिलहाल यह सुविधा न होने पर मरीजों को भिवानी, पीजीआई रोहतक, हिसार, दिल्ली व गुरुग्राम आदि बड़े शहरों में जाना पड़ता है। जहां जाने और इलाज पर छह से आठ हजार रुपये प्रति चक्कर खर्च होता है। दादरी के मातृ-शिशु अस्पताल में डायलिसिस सेंटर बनने के बाद यहां करीब एक हजार रुपये में ही डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। हालांकि रेट सुविधा शुरू करने से पहले ही तय होंगे।
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4000 स्क्वेयर फुट जगह की गई चिह्नित
सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि डायलिसिस यूनिट शुरू होने के बाद एमआरआई और सीटी स्कैन सेंटर की सुविधा मरीजों को मुहैया कराने पर फोकस रहेगा। इसके लिए करीब 4000 स्क्वेयर फुट जगह चिह्नित की गई है। उन्होंने बताया कि डायलिसिस, सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा शुरू करने के लिए वो लगातार प्रयासरत्त हैं।
चार साल में पांच हजार मरीज किए जा चुके हैं रेफर
सिविल अस्पताल से डायलिसिस, सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए मरीजों को रेफर किया जा रहा है। 2018 से मरीजों को रेफर किया जा रहा है। अब तक पांच हजार से अधिक मरीजों को रेफर किया जा चुका है। अब प्रतिमाह औसतन 220 मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
इन्हें मिलेगी निशुल्क सुविधा
बीपीएल, एससी श्रेणी, आर्थिक रूप से पिछड़े, स्लम एरिया के मरीजों, सड़क हादसों में घायलों को डायलिसिस की निशुल्क सुविधा मिलेगी। वहीं सिटी स्कैन और एमआरआई सेंटर बनने के बाद इन श्रेणी को ये सुविधाएं भी निशुल्क मिलेंगी।
डायलिसिस में लगता है चार घंटे का समय
डायलिसिस में चार घंटे का समय लगता है। किडनी रक्त को साफ करने का काम करती है और खराब तत्वों को यूरिन के माध्यम से बाहर निकालती है, लेकिन कई बार ब्लड यूरिन बढ़ जाता है, जिससे किडनी संबंधित बीमारियां बनती हैं। डायलिसिस से ब्लड यूरिया को नियंत्रित किया जाता है।

हमारा प्रयास है कि अगले 20 दिन के अंदर डायलिसिस यूनिट शुरू कर दी जाए, ताकि मरीजों को इस सुविधा के लिए दूसरे जिलों की खाक न छाननी पड़े। डायलिसिस यूनिट के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं और मैंने निरीक्षण कर इनका जायजा भी लिया है।
डॉ. कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन, चरखी दादरी
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