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Charkhi Dadri News: पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से नशा छोड़ने का संदेश दिया
Thu, 27 Nov 2025 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 27 Nov 2025 10:46 PM IST
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एपीजे महाविद्यालय में तंबाकू निषेध कार्यक्रम में शामिल छात्राएं। विज्ञप्ति
चरखी दादरी।
शहर स्थित एपीजे कन्या महाविद्यालय में रेड रिबन क्लब और रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से छात्राओं ने वीरवार को तंबाकू मुक्त अभियान के तहत पोस्टर व स्लोगन बनाए। इसमें सौ से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। छात्राओं ने पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से नशा मुक्त भारत का संदेश दिया।
छात्राओं ने संकल्प लिया वे अपने आसपास लोगों को जागरूक करेंगी। कार्यकारी प्राचार्या स्नेहलता ने कहा कि नशा शरीर का नाश करता है। आर्थिक रूप से भी नुकसान पहुंचाता है। नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को गहरे तक प्रभावित करता है। इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है, हृदय, यकृत और मस्तिष्क जैसे महत्वपूर्ण अंग कमजोर हो जाते हैं। नशा मानसिक तनाव, अवसाद, चिड़चिड़ापन और व्यवहारिक असंतुलन पैदा करता है।
आर्थिक स्थिति बिगड़ने के साथ-साथ परिवारिक संबंध भी तनावग्रस्त हो जाते हैं। नशे की लत व्यक्ति को गलत संगत, अपराध और सामाजिक अपमान की ओर धकेल सकती है। इससे पढ़ाई, नौकरी और कॅरिअर पर भी बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि अभिभावक जागरूक बनें। बच्चों का मार्गदर्शन करें और नशा रूपी बुराई में पड़ने से रोकें।
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शहर स्थित एपीजे कन्या महाविद्यालय में रेड रिबन क्लब और रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से छात्राओं ने वीरवार को तंबाकू मुक्त अभियान के तहत पोस्टर व स्लोगन बनाए। इसमें सौ से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। छात्राओं ने पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से नशा मुक्त भारत का संदेश दिया।
छात्राओं ने संकल्प लिया वे अपने आसपास लोगों को जागरूक करेंगी। कार्यकारी प्राचार्या स्नेहलता ने कहा कि नशा शरीर का नाश करता है। आर्थिक रूप से भी नुकसान पहुंचाता है। नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को गहरे तक प्रभावित करता है। इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है, हृदय, यकृत और मस्तिष्क जैसे महत्वपूर्ण अंग कमजोर हो जाते हैं। नशा मानसिक तनाव, अवसाद, चिड़चिड़ापन और व्यवहारिक असंतुलन पैदा करता है।
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आर्थिक स्थिति बिगड़ने के साथ-साथ परिवारिक संबंध भी तनावग्रस्त हो जाते हैं। नशे की लत व्यक्ति को गलत संगत, अपराध और सामाजिक अपमान की ओर धकेल सकती है। इससे पढ़ाई, नौकरी और कॅरिअर पर भी बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि अभिभावक जागरूक बनें। बच्चों का मार्गदर्शन करें और नशा रूपी बुराई में पड़ने से रोकें।
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