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Charkhi Dadri News: नहरी पानी से भरेंगे तालाब, पाइपलाइन के लिए पंचायत को पारित करना होगा प्रस्ताव
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चरखी दादरी जिले का तालाब। संवाद
चरखी दादरी। सिंचाई विभाग की अटल भू-जल योजना के तहत नहरों से तालाबों को जुड़वाने के लिए ग्राम पंचायत प्रस्ताव पारित कर विभाग को भेज सकती हैं। विभाग सरकारी खर्च पर नहरों से तालाबों तक विशेष पाइप लाइन बिछवाएगा। इसके तहत जिस भी जोहड़ की दूरी दो किलोमीटर तक है, वो सभी विभाग की ओर से नहरों से जोड़े दिए जाएंगे।
सिंचाई विभाग ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है। योजना अनुसार सभी तालाब नहरी पानी से भरे जाएंगे। विभाग ने शुरुआत में करीब 15 गांवों को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया है। धीरे-धीरे अन्य गांवों को इसमें शामिल किया जाएगा।
जिले में 167 में से करीब 70 गांवों में भूमिगत जलस्तर काफी नीचे है जो चिंता का विषय बना हुआ है। जिला के बाढड़ा खंड में तो कई गांव ऐसे हैं जिनमें 85 से 95 मीटर नीचे पानी है। ऐसे मेंं इस क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल के लिए भी आने वाले कुछ समय में संकट होना स्वाभाविक है। जलस्तर सुधार के लिए विभाग की ओर से भी समय-समय पर नीतियां बनाई जा रही हैं। गांवों में जल संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं। पीजोमीटर भी लगा रखे हैं और सोख्ता गड्ढों का निर्माण भी कर रखा है ताकि बारिश के पानी का संचयन हो सके। किसानों को भी बारिश के पानी के संचयन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकारी भवनों में पानी संचयन का काम चल रहा है।
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इन गांवों में पूरा हो चुका काम
योजना के तहत भूमिगत जलस्तर ज्यादा नीचे वाले गांवों में जोहड़ों को नहरों से जोड़ा जा रहा है। एक से दो किलोमीटर की दूरी में जिन गांवों के समीप से नहरें गुजरती हैं, उन गांवों के जोहड़ों को नहरों से जोड़ा जा रहा है ताकि नहर में पानी पहुंचने पर इन जोहड़ों को भरा जा सके व इससे तालाबों के आसपास काफी दायरे में जलस्तर में सुधार आ सकेगा। अब तक विभाग ने गांव काकड़ोली हुक्मी, डोहका हरिया, डोहका दीना, हड़ोदा, हड़ोदी, मांढ़ी केहर, द्वारका व लाडावास आदि 15 गांवों के जोहड़ों को नहरों से जोड़ दिया है।
इन गांवों के तालाबों को जोड़ने की प्रक्रिया जारी
उमरवास, जीतपुरा, पोकरवास, डोहका मौजी, काकड़ोली सरदारा सहित अन्य कई गांवों के लिए प्रक्रिया जारी है। इन गांवों के ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव मिले हैं। अन्य पंचायतें भी विभाग को प्रस्ताव पारित कर भेज सकती हैं। प्रत्येक गांव के लिए पाइपलाइन पर करीब 10 से 15 लाख रुपये तक का बजट खर्च होना है।
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एक से दो किलोमीटर की दूरी में जिस भी गांव से नहरें गुजरती हैं उन गांवों के सरपंच प्रस्ताव भेज सकती हैं। इन गांवों के जोहड़ों को नहरों से जोड़ दिया जाएगा। नहर से जोहड़ तक अलग से पाइप लाइन बिछाई जाएगी ताकि नहरी पानी से जोहड़ों को भरा जा सके।
खुर्शीद अहमद, सूचना संचार एवं भूजल विशेषज्ञ, चरखी दादरी
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सिंचाई विभाग ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है। योजना अनुसार सभी तालाब नहरी पानी से भरे जाएंगे। विभाग ने शुरुआत में करीब 15 गांवों को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया है। धीरे-धीरे अन्य गांवों को इसमें शामिल किया जाएगा।
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जिले में 167 में से करीब 70 गांवों में भूमिगत जलस्तर काफी नीचे है जो चिंता का विषय बना हुआ है। जिला के बाढड़ा खंड में तो कई गांव ऐसे हैं जिनमें 85 से 95 मीटर नीचे पानी है। ऐसे मेंं इस क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल के लिए भी आने वाले कुछ समय में संकट होना स्वाभाविक है। जलस्तर सुधार के लिए विभाग की ओर से भी समय-समय पर नीतियां बनाई जा रही हैं। गांवों में जल संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं। पीजोमीटर भी लगा रखे हैं और सोख्ता गड्ढों का निर्माण भी कर रखा है ताकि बारिश के पानी का संचयन हो सके। किसानों को भी बारिश के पानी के संचयन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकारी भवनों में पानी संचयन का काम चल रहा है।
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इन गांवों में पूरा हो चुका काम
योजना के तहत भूमिगत जलस्तर ज्यादा नीचे वाले गांवों में जोहड़ों को नहरों से जोड़ा जा रहा है। एक से दो किलोमीटर की दूरी में जिन गांवों के समीप से नहरें गुजरती हैं, उन गांवों के जोहड़ों को नहरों से जोड़ा जा रहा है ताकि नहर में पानी पहुंचने पर इन जोहड़ों को भरा जा सके व इससे तालाबों के आसपास काफी दायरे में जलस्तर में सुधार आ सकेगा। अब तक विभाग ने गांव काकड़ोली हुक्मी, डोहका हरिया, डोहका दीना, हड़ोदा, हड़ोदी, मांढ़ी केहर, द्वारका व लाडावास आदि 15 गांवों के जोहड़ों को नहरों से जोड़ दिया है।
इन गांवों के तालाबों को जोड़ने की प्रक्रिया जारी
उमरवास, जीतपुरा, पोकरवास, डोहका मौजी, काकड़ोली सरदारा सहित अन्य कई गांवों के लिए प्रक्रिया जारी है। इन गांवों के ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव मिले हैं। अन्य पंचायतें भी विभाग को प्रस्ताव पारित कर भेज सकती हैं। प्रत्येक गांव के लिए पाइपलाइन पर करीब 10 से 15 लाख रुपये तक का बजट खर्च होना है।
एक से दो किलोमीटर की दूरी में जिस भी गांव से नहरें गुजरती हैं उन गांवों के सरपंच प्रस्ताव भेज सकती हैं। इन गांवों के जोहड़ों को नहरों से जोड़ दिया जाएगा। नहर से जोहड़ तक अलग से पाइप लाइन बिछाई जाएगी ताकि नहरी पानी से जोहड़ों को भरा जा सके।
खुर्शीद अहमद, सूचना संचार एवं भूजल विशेषज्ञ, चरखी दादरी