{"_id":"5dee88238ebc3e87de7df9bc","slug":"pndt-act-35-thousand-arrest-charkhidadri-news-rtk5316115124","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रूण लिंग जांच की बात कहकर ऐंठते थे 35 हजार, सामान्य अल्ट्रासाउंड करवाने के बाद बता देते थे कि बेटा होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रूण लिंग जांच की बात कहकर ऐंठते थे 35 हजार, सामान्य अल्ट्रासाउंड करवाने के बाद बता देते थे कि बेटा होगा
विज्ञापन
चरखी दादरी, रोहतक और झज्जर स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने भ्रूण लिंग जांच कराने की एवज में रुपये ऐंठने वाले दो आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी लिंग जांच कराने की बजाय सामान्य अल्ट्रासाउंड ही कराते थे और इसकी रिपोर्ट पर ही लड़का या लड़की होने की बात कह देते थे। दोनों आरोपी 12वीं पास हैं और सौ से अधिक लोगों से इसी प्रकार जालसाजी कर रुपये ऐंठ चुके हैं। भ्रूण लिंग जांच के नाम पर ये प्रति केस करीब 35 हजार रुपये ऐंठते थे। आरोपियों से 19 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं।
जानकारी के अनुसार रोहतक सीएमओ को सूचना मिली थी कि दादरी, रोहतक और झज्जर जिले में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो भ्रूण लिंग जांच के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठता है। यह गिरोह सामान्य अल्ट्रासाउंड कराता है और उसकी रिपोर्ट गर्भवती महिला या परिजन को थमाकर लड़का या लड़की होने की बात कह देता है। गिरोह के लोग चरखी दादरी, झज्जर और रोहतक शहर के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कराते हैं।
दो दिन पहले मिली सूचना के आधार पर रोहतक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जानकारियां हासिल की तो झज्जर और चरखी दादरी जिलों के रहने वाले तीन लोगों के नाम सामने आए। वहीं, उनके चौथे साथी का नाम पता नहीं चल पाया। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा तैयार किए गए डिकॉय पेशेंट से आरोपियों की 35 हजार में डील तय हुई। यह डील झज्जर जिले में हुई और आरोपियों को भ्रूण लिंग जांच की एवज में 35 हजार रुपये दे दिए गए। आरोपियों ने महिला को दादरी के लोहारू रोड स्थित दीप डायग्नोस्टिक सेंटर लाने की बात कही। वहीं, स्वास्थ्य विभाग रोहतक से डॉ. संदीप, डॉ. विकास सैनी, झज्जर से डॉ. अचल त्रिपाठी व डॉ. ममता और चरखी दादरी स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अंकुर व डॉ. संजय गुप्ता की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने जिले के चरखी गांव निवासी आरोपी सुनील और झज्जर जिले के भिंडावास गांव निवासी सोनू उर्फ धर्मेंद्र को दादरी शहर के लोहारू रोड से गिरफ्तार कर लिया। टीम ने दीप डायग्नोस्टिक सेंटर के रिकॉर्ड की जांच की तो यहां सब कु छ सही पाया गया। डॉ. विकास सैनी ने बताया कि आरोपियों ने यहां केवल अल्ट्रासाउंड कराया था और अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए जरूरी सभी औपचारिकताएं पूरी करवाई हुई थी। अस्पताल का रिकॉर्ड और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए निर्धारित सभी नॉर्म्स की इस केस में पालना की गई है। टीम ने अपने स्तर की जांच में डायग्नोस्टिक सेंटर के काम को सही पाया।
विज्ञापन
डेढ़ साल से गिरोह है सक्रिय, सौ से ज्यादा लोगों को लगा चुके चपत
डॉ. विकास सैनी व डॉ. ममता ने बताया कि पकड़े गए आरोपी सुनील और धर्मेंद्र 12वीं पास हैं। इन्होंने बताया कि उनका चार लोगों का गिरोह है और उनके गिरोह के दो लोग अभी फरार हैं। तीसरा आरोपी विजय झज्जर का रहने वाला है, जबकि चौथे आरोपी का पकड़े गए दोनों आरोपियों ने नाम नहीं बताया था। दोनों आरोपियों ने बताया कि उनका गिरोह पिछले डेढ़ साल से ये काम कर रहा है और वो करीब सौ से अधिक लोगों से भ्रूण लिंग जांच के नाम पर रुपये ऐंठकर अल्ट्रासाउंड करवा चुके हैं।
चार हिस्सों में बांटते थे राशि
डॉ. विकास सैनी ने बताया कि चरखी निवासी सुनील और भिंडावास निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि उनके गिरोह में चार लोग हैं। चारों डील के मुताबिक मिले रुपये को आपस में बांट लेते थे। गिरोह में शामिल तीन आरोपी झज्जर जिले के हैं, जबकि चौथा चरखी दादरी जिले का है। आरोपी करीब 30 से 35 लाख रुपये लोगों से पिछले डेढ़ साल में ऐंठ चुके हैं।
पहले एक जगह करते थे दोनों आरोपी काम
आरोपी सुनील और धर्मेंद्र ने बताया कि करीब पांच साल पहले वो दादरी शहर के एक अस्पताल में एकसाथ काम करते थे। उन दोनों की तभी से जान-पहचान है। करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने रुपये कमाने के लालच में लोगों को भ्रूण लिंग जांच के नाम पर बेवकूफ बनाकर रुपये ऐंठने का प्लान तैयार किया। दोनों आरोपियों ने बताया कि वो केवल बारहवीं पास हैं।
रोहतक, झज्जर और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने भ्रूण लिंग जांच के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठने के दो आरोपी सुनील और धर्मेंद्र को दादरी शहर के लोहारू रोड से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने डिकॉय पेशेंट की भ्रूण लिंग जांच के लिए 35 हजार रुपये मांगे थे। रविवार को झज्जर में रुपये आरोपियों को दे दिए गए थे और सोमवार को उन्होंने डिकॉय पेशेंट को चरखी दादरी के दीप डायग्नोस्टिक सेंटर में बुलाया था। यहां सामान्य अल्ट्रासाउंड कराने के बाद डिकॉय को बेटा होने की आरोपियों ने बात कही और टीम ने उन्हें धर दबोचा।
डॉ. विकास सैनी, पीएनडीटी नोडल अधिकारी, रोहतक।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार रोहतक सीएमओ को सूचना मिली थी कि दादरी, रोहतक और झज्जर जिले में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो भ्रूण लिंग जांच के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठता है। यह गिरोह सामान्य अल्ट्रासाउंड कराता है और उसकी रिपोर्ट गर्भवती महिला या परिजन को थमाकर लड़का या लड़की होने की बात कह देता है। गिरोह के लोग चरखी दादरी, झज्जर और रोहतक शहर के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कराते हैं।
विज्ञापन
दो दिन पहले मिली सूचना के आधार पर रोहतक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जानकारियां हासिल की तो झज्जर और चरखी दादरी जिलों के रहने वाले तीन लोगों के नाम सामने आए। वहीं, उनके चौथे साथी का नाम पता नहीं चल पाया। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा तैयार किए गए डिकॉय पेशेंट से आरोपियों की 35 हजार में डील तय हुई। यह डील झज्जर जिले में हुई और आरोपियों को भ्रूण लिंग जांच की एवज में 35 हजार रुपये दे दिए गए। आरोपियों ने महिला को दादरी के लोहारू रोड स्थित दीप डायग्नोस्टिक सेंटर लाने की बात कही। वहीं, स्वास्थ्य विभाग रोहतक से डॉ. संदीप, डॉ. विकास सैनी, झज्जर से डॉ. अचल त्रिपाठी व डॉ. ममता और चरखी दादरी स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अंकुर व डॉ. संजय गुप्ता की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने जिले के चरखी गांव निवासी आरोपी सुनील और झज्जर जिले के भिंडावास गांव निवासी सोनू उर्फ धर्मेंद्र को दादरी शहर के लोहारू रोड से गिरफ्तार कर लिया। टीम ने दीप डायग्नोस्टिक सेंटर के रिकॉर्ड की जांच की तो यहां सब कु छ सही पाया गया। डॉ. विकास सैनी ने बताया कि आरोपियों ने यहां केवल अल्ट्रासाउंड कराया था और अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए जरूरी सभी औपचारिकताएं पूरी करवाई हुई थी। अस्पताल का रिकॉर्ड और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए निर्धारित सभी नॉर्म्स की इस केस में पालना की गई है। टीम ने अपने स्तर की जांच में डायग्नोस्टिक सेंटर के काम को सही पाया।
विज्ञापन
डेढ़ साल से गिरोह है सक्रिय, सौ से ज्यादा लोगों को लगा चुके चपत
डॉ. विकास सैनी व डॉ. ममता ने बताया कि पकड़े गए आरोपी सुनील और धर्मेंद्र 12वीं पास हैं। इन्होंने बताया कि उनका चार लोगों का गिरोह है और उनके गिरोह के दो लोग अभी फरार हैं। तीसरा आरोपी विजय झज्जर का रहने वाला है, जबकि चौथे आरोपी का पकड़े गए दोनों आरोपियों ने नाम नहीं बताया था। दोनों आरोपियों ने बताया कि उनका गिरोह पिछले डेढ़ साल से ये काम कर रहा है और वो करीब सौ से अधिक लोगों से भ्रूण लिंग जांच के नाम पर रुपये ऐंठकर अल्ट्रासाउंड करवा चुके हैं।
चार हिस्सों में बांटते थे राशि
डॉ. विकास सैनी ने बताया कि चरखी निवासी सुनील और भिंडावास निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि उनके गिरोह में चार लोग हैं। चारों डील के मुताबिक मिले रुपये को आपस में बांट लेते थे। गिरोह में शामिल तीन आरोपी झज्जर जिले के हैं, जबकि चौथा चरखी दादरी जिले का है। आरोपी करीब 30 से 35 लाख रुपये लोगों से पिछले डेढ़ साल में ऐंठ चुके हैं।
पहले एक जगह करते थे दोनों आरोपी काम
आरोपी सुनील और धर्मेंद्र ने बताया कि करीब पांच साल पहले वो दादरी शहर के एक अस्पताल में एकसाथ काम करते थे। उन दोनों की तभी से जान-पहचान है। करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने रुपये कमाने के लालच में लोगों को भ्रूण लिंग जांच के नाम पर बेवकूफ बनाकर रुपये ऐंठने का प्लान तैयार किया। दोनों आरोपियों ने बताया कि वो केवल बारहवीं पास हैं।
रोहतक, झज्जर और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने भ्रूण लिंग जांच के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठने के दो आरोपी सुनील और धर्मेंद्र को दादरी शहर के लोहारू रोड से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने डिकॉय पेशेंट की भ्रूण लिंग जांच के लिए 35 हजार रुपये मांगे थे। रविवार को झज्जर में रुपये आरोपियों को दे दिए गए थे और सोमवार को उन्होंने डिकॉय पेशेंट को चरखी दादरी के दीप डायग्नोस्टिक सेंटर में बुलाया था। यहां सामान्य अल्ट्रासाउंड कराने के बाद डिकॉय को बेटा होने की आरोपियों ने बात कही और टीम ने उन्हें धर दबोचा।
डॉ. विकास सैनी, पीएनडीटी नोडल अधिकारी, रोहतक।