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Charkhi Dadri News: बेसहारा पशुओं को पकड़ने और टैगिंग करने के दिए आदेश
Fri, 09 Jun 2023 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 09 Jun 2023 12:52 AM IST
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चरखी दादरी। पशु क्रूरता को रोकने के लिए गांवों और नगरपरिषद क्षेत्र में शेल्टर होम बनाए जाने चाहिए। बेसहारा पशुओं को पकड़ने और टैगिंग करने का कार्य अधिकारियों की देखरेख में किया जाए। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह ने वीरवार को पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये शब्द कहे।
उन्होंने कहा कि दादरी शहर में बेसहारा गोवंश, बंदर, बिल्ली व कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। नंदियों और गायों को गोशालाओं में भिजवाया जाए। इसके लिए गोसेवा संस्थाओं की मदद ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि पशुओं को बंध्याकरण के टीके लगाए जाएं और उनकी टैगिंग होनी चाहिए। इसके अलावा विभिन्न बीमारियों से बचाव के भी उनको टीके लगाए जा सकते हैं। कुत्तों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए जाएं। नंदीशाला की जमीन मार्केट कमेटी के पास है। इस मामले में नगरपरिषद को विभागीय कार्यवाही करनी होगी।
डाॅ. जयेंद्र सिंह ने बताया कि पशु क्रूरता निवारण समिति गोवंश के पालन के लिए दस लाख रुपये शीशवाला में बाबा मुंगीपा गोशाला को और पांच लाख रुपये बाबा न्यारमदास गोशाला कोल्हावास को दे चुकी है। इसके अलावा अटेला में नंदीशाला बनवाई गई थी। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डाॅ. जसवंत जून ने कहा कि पंचायत विभाग और नगरपरिषद को बेसहारा पशुओं को पकड़ने में मदद करनी होगी। तभी टीकाकरण का कार्य हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी वाहन पशुओं को लेकर जा रहा है तो उसके पास बाकायदा सरकारी अनुमति होनी चाहिए, जो पशुपालन विभाग की ओर से दी जाएगी।
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इस अवसर पर बाढड़ा के एसडीएम डाॅ. विरेंद्र सिंह, दादरी के एसडीएम नवीन कुमार, नगराधीश रेणुका, डीएसपी सुभाष चंद्र, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र, बीडीपीओ विवेक यादव, डाॅ. महासिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि दादरी शहर में बेसहारा गोवंश, बंदर, बिल्ली व कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। नंदियों और गायों को गोशालाओं में भिजवाया जाए। इसके लिए गोसेवा संस्थाओं की मदद ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि पशुओं को बंध्याकरण के टीके लगाए जाएं और उनकी टैगिंग होनी चाहिए। इसके अलावा विभिन्न बीमारियों से बचाव के भी उनको टीके लगाए जा सकते हैं। कुत्तों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए जाएं। नंदीशाला की जमीन मार्केट कमेटी के पास है। इस मामले में नगरपरिषद को विभागीय कार्यवाही करनी होगी।
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डाॅ. जयेंद्र सिंह ने बताया कि पशु क्रूरता निवारण समिति गोवंश के पालन के लिए दस लाख रुपये शीशवाला में बाबा मुंगीपा गोशाला को और पांच लाख रुपये बाबा न्यारमदास गोशाला कोल्हावास को दे चुकी है। इसके अलावा अटेला में नंदीशाला बनवाई गई थी। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डाॅ. जसवंत जून ने कहा कि पंचायत विभाग और नगरपरिषद को बेसहारा पशुओं को पकड़ने में मदद करनी होगी। तभी टीकाकरण का कार्य हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी वाहन पशुओं को लेकर जा रहा है तो उसके पास बाकायदा सरकारी अनुमति होनी चाहिए, जो पशुपालन विभाग की ओर से दी जाएगी।
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इस अवसर पर बाढड़ा के एसडीएम डाॅ. विरेंद्र सिंह, दादरी के एसडीएम नवीन कुमार, नगराधीश रेणुका, डीएसपी सुभाष चंद्र, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र, बीडीपीओ विवेक यादव, डाॅ. महासिंह आदि मौजूद रहे।