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धरती पर केवल तीन प्रतिशत जल ही पीने योग्य : अनीता शर्मा
Thu, 23 May 2024 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 23 May 2024 12:30 AM IST
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सांजरवास स्कूल में छात्राओं को जानकारी देते जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी।
बौंदकलां। गांव सांजरवास स्थित शहीद बघड़ावत सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता प्राचार्य भुवनेश गौड़ ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति की बहुमूल्य निधि जल के सदुपयोग के बारे में जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता जल जीवन मिशन के तहत ब्लाॅक कोऑर्डिनेटर अनीता शर्मा ने शिरकत की। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल बचाने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि धरती पर केवल तीन प्रतिशत जल ही पीने योग्य है। इसका बड़ा हिस्सा भूमिगत पेजयल और ग्लेशियरों में है।
हम केवल बारिश के पानी पर ही निर्भर है। इतनी तेजी से जल का दुरुपयोग करना भविष्य के जल संकट का खतरा बनेगा। उन्होंने कहा कि शुद्ध जल पीना बहुत ही दुर्लभ होता जा रहा है। इसलिए जल को व्यर्थ न बहाएं और नलों को खुला न छोड़ें। आरओ के बेकार पानी को कपड़े धोने, सब्जी उगाने, बर्तन धोने में इस्तेमाल करें।
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प्राचार्य भुवनेश गौड़ ने कहा कि जल के बिना कोई प्राणी, जीव, वनस्पति धरा पर जीवित नहीं रह सकता। इसलिए हमेशा का संरक्षण करें। इस दौरान डॉ. बाला देवी, प्रवक्ता पूजा गुप्ता, प्रमिला, प्रवक्ता रेनू महला, कुलदीप श्योराण, विनोद शास्त्री, उमेश टीजीटी, अनील, सुरेंद्र, कर्मवीर, संदीप, जगदीप आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता जल जीवन मिशन के तहत ब्लाॅक कोऑर्डिनेटर अनीता शर्मा ने शिरकत की। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल बचाने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि धरती पर केवल तीन प्रतिशत जल ही पीने योग्य है। इसका बड़ा हिस्सा भूमिगत पेजयल और ग्लेशियरों में है।
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हम केवल बारिश के पानी पर ही निर्भर है। इतनी तेजी से जल का दुरुपयोग करना भविष्य के जल संकट का खतरा बनेगा। उन्होंने कहा कि शुद्ध जल पीना बहुत ही दुर्लभ होता जा रहा है। इसलिए जल को व्यर्थ न बहाएं और नलों को खुला न छोड़ें। आरओ के बेकार पानी को कपड़े धोने, सब्जी उगाने, बर्तन धोने में इस्तेमाल करें।
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प्राचार्य भुवनेश गौड़ ने कहा कि जल के बिना कोई प्राणी, जीव, वनस्पति धरा पर जीवित नहीं रह सकता। इसलिए हमेशा का संरक्षण करें। इस दौरान डॉ. बाला देवी, प्रवक्ता पूजा गुप्ता, प्रमिला, प्रवक्ता रेनू महला, कुलदीप श्योराण, विनोद शास्त्री, उमेश टीजीटी, अनील, सुरेंद्र, कर्मवीर, संदीप, जगदीप आदि मौजूद रहे।