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रेलवे रोड पर बनेगा 33 केवी का एक और बिजली सब स्टेशन
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रेलवे रोड स्थित मौजूदा 33 केवी सब स्टेशन का वापर ग्रिड।
- फोटो : CharkhiDadri
रेलवे रोड बिजली सब स्टेशन से जुड़े दादरी शहर और समीपवर्ती गांवों के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। निगम अब बिजली क्षमता बढ़ाने के लिए रेलवे रोड पर 33 केवी का एक और पावर सब स्टेशन बनाने जा रहा है। इसकी टेंडर अलॉटमेंट प्रक्रिया आचार संहिता लागू होने से पहले ही पूरी की जा चुकी है। अगले दस दिन में धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। नया सब स्टेशन पुराने के पास ही बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से करीब 85 हजार की आबादी को राहत मिलेगी, जिसमें शहरी आबादी करीब 70 हजार और ग्रामीण 85 हजार लोगों की है।
शहर के रेलवे रोड स्थित 10 एमवीए पावर सब स्टेशन परिसर में ही 33 केवी का नया पावर सब स्टेशन बनेगा। हेड ऑफिस से इसकी अप्रूवल पहले ही मिल गई थी और इसके बाद ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। निगम अधिकारी ने बताया कि टेंडर अलॉटमेंट प्रक्रिया आचार संहिता लागू होने से पहले ही पूरी कर ली गई थी। अब दस दिन के अंदर इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है। इससे शहर में बिजली आपूर्ति में काफी सुधार आएगा। लाइन ब्रेक डाउन की समस्या से भी उपभोक्ताओं को निजात मिल जाएगी। वहीं, इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में नई लाइनें भी लगाई जाएंगी।
करीब साढ़े चार दशक पुराने रेेलवे स्टेशन की क्षमता इस समय 10 एमवीए है। यह सब स्टेशन बनने के बाद से ही क्षमता नहीं बढ़ पा रही थी। इससे शहर में बिजली की समस्या बढ़ती जा रही थी। लोड बढ़ने पर लाइन ब्रेक डाउन कर जाती है, जिससे कई घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है। इस समय इस सब स्टेशन से शहर के करीब 45 प्रतिशत एरिया में बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा समसपुर व रावलधी क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति की जाती है। समसपुर फीडर के तहत कुछ गांवों में भी आपूर्ति की जाती है।
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गर्मियों में 950 एंपीयर पार हो जाता है लोड
इस समय इस सब स्टेशन पर लोड ज्यादा होने की वजह से लाइन समय- समय पर ब्रेक डाउन की समस्या आती हैं। इससे खासकर शहर में बिजली आपूर्ति में ज्यादा व्यवधान आता है। गर्मी के मौसम में लोड 950 एंपीयर को पार कर जाता है। इससे बीच-बीच में पावर कट लगाने पड़ते हैं, ताकि मेन पावर ट्रांसफार्मर पर लोड न पड़े और यह जलने न पाए। करीब दो साल पहले लाइन में ब्रेक डाउन की वजह से इस सब स्टेशन का मेन पावर ट्रांसफार्मर जल गया था। इससे लोगों को करीब दो माह तक परेशानी झेलनी पड़ी थी। इससे निगल को करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हो गया था। बाद में यहां करीब ढाई करोड़ का नया पावर ट्रांसफार्मर लगाना पड़ा था। इसी समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए अब यहां 33 केवी का नया सब स्टेशन बनाया जाएगा।
शहर के फीडरों का लोड होगा कम
अब सरकार की ओर से यहां 33 केवी के नए सब स्टेशन निर्माण को अप्रूवल मिल गई है। आने वालेे कुछ दिनों में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है। इसी कैंपस में यह नया सब स्टेशन बनाया जाएगा। इससे सब स्टेशन की क्षमता बढ़ जाएगी। नया सब स्टेशन बनने से फीडरों का लोड कम हो जाएगा। फीडर बारी- बारी से नहीं चलानेे पड़ेंगे। शहर में कम वोल्टेज की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। इसके अलावा शहर के साथ लगते कुछ गांवों को भी इससे कनेक्ट किए जाने की योजना है। नया सब स्टेशन निर्माण के साथ ही कई भागों में नई लाइनें भी लगाई जाएंगी। इससे लाइन ब्रेक डाउन कम होंगी और फॉल्ट भी कम आएंगे। बिजली निगम के जेई महेश कुमार ने कहा कि 33 केवी के नए सब स्टेशन को मंजूरी मिल गई है। आने वाले कुछ दिनों में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। इससे शहर में बिजली आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। वोल्टेज में भी सुधार हो सकेगा।
यहां भी दें ध्यान
- 17 हजार हैं शहरी उपभोक्ता की संख्या।
- तीन लाख यूनिट है प्रतिदिन बिजली खपत।
- शहर में 12 है बिजली फीडरों की संख्या।
- 1300 है शहर में पुराने ट्रांसफार्मर।
- 950 लाल रंग के हैं शहर में ट्रांसफार्मर।
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शहर के रेलवे रोड स्थित 10 एमवीए पावर सब स्टेशन परिसर में ही 33 केवी का नया पावर सब स्टेशन बनेगा। हेड ऑफिस से इसकी अप्रूवल पहले ही मिल गई थी और इसके बाद ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। निगम अधिकारी ने बताया कि टेंडर अलॉटमेंट प्रक्रिया आचार संहिता लागू होने से पहले ही पूरी कर ली गई थी। अब दस दिन के अंदर इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है। इससे शहर में बिजली आपूर्ति में काफी सुधार आएगा। लाइन ब्रेक डाउन की समस्या से भी उपभोक्ताओं को निजात मिल जाएगी। वहीं, इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में नई लाइनें भी लगाई जाएंगी।
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करीब साढ़े चार दशक पुराने रेेलवे स्टेशन की क्षमता इस समय 10 एमवीए है। यह सब स्टेशन बनने के बाद से ही क्षमता नहीं बढ़ पा रही थी। इससे शहर में बिजली की समस्या बढ़ती जा रही थी। लोड बढ़ने पर लाइन ब्रेक डाउन कर जाती है, जिससे कई घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है। इस समय इस सब स्टेशन से शहर के करीब 45 प्रतिशत एरिया में बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा समसपुर व रावलधी क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति की जाती है। समसपुर फीडर के तहत कुछ गांवों में भी आपूर्ति की जाती है।
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गर्मियों में 950 एंपीयर पार हो जाता है लोड
इस समय इस सब स्टेशन पर लोड ज्यादा होने की वजह से लाइन समय- समय पर ब्रेक डाउन की समस्या आती हैं। इससे खासकर शहर में बिजली आपूर्ति में ज्यादा व्यवधान आता है। गर्मी के मौसम में लोड 950 एंपीयर को पार कर जाता है। इससे बीच-बीच में पावर कट लगाने पड़ते हैं, ताकि मेन पावर ट्रांसफार्मर पर लोड न पड़े और यह जलने न पाए। करीब दो साल पहले लाइन में ब्रेक डाउन की वजह से इस सब स्टेशन का मेन पावर ट्रांसफार्मर जल गया था। इससे लोगों को करीब दो माह तक परेशानी झेलनी पड़ी थी। इससे निगल को करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हो गया था। बाद में यहां करीब ढाई करोड़ का नया पावर ट्रांसफार्मर लगाना पड़ा था। इसी समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए अब यहां 33 केवी का नया सब स्टेशन बनाया जाएगा।
शहर के फीडरों का लोड होगा कम
अब सरकार की ओर से यहां 33 केवी के नए सब स्टेशन निर्माण को अप्रूवल मिल गई है। आने वालेे कुछ दिनों में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है। इसी कैंपस में यह नया सब स्टेशन बनाया जाएगा। इससे सब स्टेशन की क्षमता बढ़ जाएगी। नया सब स्टेशन बनने से फीडरों का लोड कम हो जाएगा। फीडर बारी- बारी से नहीं चलानेे पड़ेंगे। शहर में कम वोल्टेज की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। इसके अलावा शहर के साथ लगते कुछ गांवों को भी इससे कनेक्ट किए जाने की योजना है। नया सब स्टेशन निर्माण के साथ ही कई भागों में नई लाइनें भी लगाई जाएंगी। इससे लाइन ब्रेक डाउन कम होंगी और फॉल्ट भी कम आएंगे। बिजली निगम के जेई महेश कुमार ने कहा कि 33 केवी के नए सब स्टेशन को मंजूरी मिल गई है। आने वाले कुछ दिनों में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। इससे शहर में बिजली आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। वोल्टेज में भी सुधार हो सकेगा।
यहां भी दें ध्यान
- 17 हजार हैं शहरी उपभोक्ता की संख्या।
- तीन लाख यूनिट है प्रतिदिन बिजली खपत।
- शहर में 12 है बिजली फीडरों की संख्या।
- 1300 है शहर में पुराने ट्रांसफार्मर।
- 950 लाल रंग के हैं शहर में ट्रांसफार्मर।