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आरटीई नियमों का पालन करें सभी निजी स्कूल : नवीन नारा
Mon, 31 Mar 2025 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 31 Mar 2025 10:49 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2011 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इसमें सभी निजी स्कूलों को कक्षा 1 या उससे पहले की कक्षाओं में 25 फीसदी सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होंगी।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि आरक्षण नीति का उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान करना है, जो गरीबी रेखा से नीचे, अनाथ, एचआईवी प्रभावित, विशेष जरूरतों वाले, या युद्ध विधवाओं के बच्चे हैं।
उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए इस कोटे के तहत सीट घोषणा प्रक्रिया के लिए 1 अप्रैल रात 12 बजे तक पोर्टल खुला रहेगा। स्कूलों की ओर से इन वर्गों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाए। ताकि, शिक्षा तक उनकी पहुंच बाधित न हो। निजी स्कूलों को सीट आवंटन के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और समानता को बढ़ावा देने व कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में शामिल करने के आदेश दिए गए। उन्होंने सभी स्कूलों को नियम का पालन करने के आदेश दिए हैं।
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चरखी दादरी। हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2011 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इसमें सभी निजी स्कूलों को कक्षा 1 या उससे पहले की कक्षाओं में 25 फीसदी सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होंगी।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि आरक्षण नीति का उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान करना है, जो गरीबी रेखा से नीचे, अनाथ, एचआईवी प्रभावित, विशेष जरूरतों वाले, या युद्ध विधवाओं के बच्चे हैं।
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उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए इस कोटे के तहत सीट घोषणा प्रक्रिया के लिए 1 अप्रैल रात 12 बजे तक पोर्टल खुला रहेगा। स्कूलों की ओर से इन वर्गों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाए। ताकि, शिक्षा तक उनकी पहुंच बाधित न हो। निजी स्कूलों को सीट आवंटन के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और समानता को बढ़ावा देने व कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में शामिल करने के आदेश दिए गए। उन्होंने सभी स्कूलों को नियम का पालन करने के आदेश दिए हैं।
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