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आबादी के साथ बढ़ी मकानों की संख्या, जनस्वास्थ्य विभाग ने नहीं बढ़ाए पेयजल आपूर्ति के जोन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Dec 2021 12:12 AM IST
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Number of houses increased with population, Public Health Department did not increase the zones of drinking water supply
फोटो 06 शहर के मुख्य जलघर का वाटर स्टोरेज टैंक। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। शहर में आवासीय बस्ती बढ़ने पर कॉलोनियों का दायरा भी बढ़ा है लेकिन पेयजल सप्लाई के लिए जोन की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। जोन की संख्या पुराने पैटर्न पर ही बनी हुई है जबकि हर साल मकानों की संख्या बढ़ रही है ऐसे में पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है। शहर में करीब 15 हजार वैध और करीब छह हजार अवैध पेयजल कनेक्शन हैं जबकि वार्डों की संख्या 21 है।
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शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने वार्डों को जोन में बांटा हुआ है। आबादी बढ़ने पर हर साल आवासीय बस्ती बढ़ रही है, ऐसे में पानी की खपत भी बढ़ी है। जबकि जोन की संख्या नहीं बढ़ने से पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है। ज्यादातर कॉलोनियों में लो-प्रेशर आपूर्ति की समस्या बनी रहती है। लोगों का कहना है कि अगर जोन की संख्या बढ़ा दी जाए तो लाइन में पानी का प्रेशर भी बढ़ जाएगा और दिक्कत नहीं रहेगी।
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पेयजल समस्या का कारण मेन लाइनों में अवैध पेयजल कनेक्शन भी हैं। जलघर और प्रत्येक बूस्टिंग स्टेशन से विभाग ने मेन लाइनें बिछा रखी हैं। शहर में आठ बूस्टिंग स्टेशन हैं। बूस्टिंग से मेन लाइनें ज्यादा संख्या में निकल रही है। यह बूस्टिंग भी शहर के विभिन्न भागों में अलग- अलग एरिया में बना रखे हैं। इनसे तकरीबन शहर के सभी वार्ड और बाजार का एरिया कवर हो जाता है। इसी प्रकार जलघर और बूस्टिंग से निकलने वाली मेन लाइनों में भी अवैध पेयजल कनेक्शनों की भरमार बनी हुई है जिससे अंतिम छोर पर पड़ने वाले मकानों में पानी नहीं पहुंच पाता। यह समस्या शहर के हर वार्ड मेें बनी हुई है।
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- इन क्षेत्रों में ज्यादा हैं अवैध कनेक्शन
शहर के गांधी नगर, हरिनगर, प्रेमनगर, कॉलेज रोड, महेंद्रगढ़ रोड, चंपापुरी, मेन लोहारू रोड, ढाणी रोड, दिल्ली रोड एरिया, रोहतक रोड एरिया, सिविल अस्पताल रोड क्षेत्र में मेन लाइनों में ज्यादा संख्या में अवैध पेयजल कनेक्शन हैं जो आम पेयजल उपभोक्ताओं के लिए पेयजल संकट का कारण बन रहे हैं। जो उपभोक्ता नियमित रूप से पेयजल के बिलों का भुगतान कर रहे हैं उनको पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है जबकि अवैध पेयजल कनेक्शन धारक पानी की चोरी करके सरकारी राजस्व में भी घाटा पहुंचा रहे हैं। इस समय शहर में करीब छह हजार अवैध कनेक्शन हैं।
- निवर्तमान पार्षद बोले: बढ़ाई जाए जोन की संख्या
निवर्तमान पार्षद आनंद सिंह व पूर्व पार्षद वीरेंद्र चरखी का कहना है कि शहर में जोन की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है ताकि पानी अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों को भी मिल सके। एक जोन में सीमित संख्या पेयजल कनेक्शन ही होने चाहिए ज्यादा कनेक्शन होने पर पानी का प्रेशर नहीं बन पाएगा। इनका कहना है कि अगर विभाग की ओर से इन मेन लाइनों के समानांतर बस्ती क्षेत्र में चार या पांच इंची पेयजल लाइन बिछा दी जाएं तो सुविधा हो सकेगी। मेन लाइनों पर पड़ने वाले मकानों में इस चार इंची लाइन से पेयजल कनेक्शन दिया जा सकता है। इसके साथ जोन की संख्या बढ़ाकर पानी की सप्लाई की जा सकती है।
लोग बोले: जल्द समस्या का समाधान करे विभाग
शहर निवासी नरेश कुमार, नरेंद्र शर्मा, राकेश, मंजीत व शिवकुमार आदि का कहना है कि विभाग को इस दिशा में जल्द कदम उठाना चाहिए ताकि सबको समान रूप से पानी मिल सके। उनका कहना है कि शहर में विभाग को पेयजल आपूर्ति प्रतिदिन करनी चाहिए और इसके लिए संसाधनों की कमी को दूर किया जाना चाहिए।

मेन लाइनों से अवैध पेयजल कनेक्शन काटे जाएंगे। जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर में नल का पर्याप्त मात्रा मेें पानी पहुंचेगा। जोन की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
सुरेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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