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Charkhi Dadri News: छुट्टी पर आए एनएसजी कमांडो की तबीयत बिगड़ने से मौत
Mon, 19 May 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 19 May 2025 01:00 AM IST
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जयभगवान। स्रोत: परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गांव मौड़ी निवासी बीएसएफ इंस्पेक्टर व एनएसजी कमांडो जयभगवान की रविवार को तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। दोपहर को परिजन उन्हें लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे। यहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सोमवार को दिवंगत जयभगवान की राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि होने की संभावना है।
बेटे अमित कुमार ने बताया कि उनके पिता 36 साल से बीएसएफ में हैं। वर्ष 1999 में हुए कारगिल युद्ध में भी उन्होंने हिस्सा लिया। इसके बाद पुलवामा हमले के दौरान भी उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में थी। फिलहाल, उनकी तैनाती मेघालय-बांग्लादेश बॉर्डर पर थी।
अमित ने बताया कि दो माह पूर्व ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत खराब हुई थी। उस दौरान जांच में शुगर अधिक मिला। बाद में जयभगवान उपचार के लिए अवकाश लेकर घर आ गए। अब दो माह से घर पर थे। काफी जगह उपचार कराया, लेकिन, कहीं पर बीमारी का पता नहीं चला।
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बेटे ने बताया कि रविवार को दोपहर में घर पर उनकी अचानक तबीयत बिगड़ी। उन्होंने देह त्याग कर दिया। बाद में पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया। देर शाम को दिवंगत जयभगवान का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने पार्थिव देह परिजनों को सौंप दी।
जयभगवान की दो संतानें हैं। इनमें बेटी शादीशुदा है। बेटा अमित अविवाहित है। दिवंगत के दादा भी सेना में सूबेदार थे। उनके निधन से घर में मातम छाया है।
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चरखी दादरी। गांव मौड़ी निवासी बीएसएफ इंस्पेक्टर व एनएसजी कमांडो जयभगवान की रविवार को तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। दोपहर को परिजन उन्हें लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे। यहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सोमवार को दिवंगत जयभगवान की राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि होने की संभावना है।
बेटे अमित कुमार ने बताया कि उनके पिता 36 साल से बीएसएफ में हैं। वर्ष 1999 में हुए कारगिल युद्ध में भी उन्होंने हिस्सा लिया। इसके बाद पुलवामा हमले के दौरान भी उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में थी। फिलहाल, उनकी तैनाती मेघालय-बांग्लादेश बॉर्डर पर थी।
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अमित ने बताया कि दो माह पूर्व ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत खराब हुई थी। उस दौरान जांच में शुगर अधिक मिला। बाद में जयभगवान उपचार के लिए अवकाश लेकर घर आ गए। अब दो माह से घर पर थे। काफी जगह उपचार कराया, लेकिन, कहीं पर बीमारी का पता नहीं चला।
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बेटे ने बताया कि रविवार को दोपहर में घर पर उनकी अचानक तबीयत बिगड़ी। उन्होंने देह त्याग कर दिया। बाद में पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया। देर शाम को दिवंगत जयभगवान का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने पार्थिव देह परिजनों को सौंप दी।
जयभगवान की दो संतानें हैं। इनमें बेटी शादीशुदा है। बेटा अमित अविवाहित है। दिवंगत के दादा भी सेना में सूबेदार थे। उनके निधन से घर में मातम छाया है।