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कमजोर नहीं, शक्ति का दूसरा नाम है नारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Nov 2021 12:15 AM IST
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Not weak, another name for power is woman
विचार गोष्ठी में वक्तव्य देती छात्रा। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। नारी की स्थिति तभी सुधरेगी जब वे सशक्त बनेंगी। यह तभी संभव है जब बेटियां खूब पढ़ें और आगे बढे़ं। जब वे अपने पैरों पर खड़ी हो जाएंगी तो उनके सशक्त होने के द्वार अपने आप खुल जाएंगे। यह बात एपीजे कन्या महिला महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य स्नेहलता ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कही।
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एपीजे कन्या महिला महाविद्यालय में वीरवार को अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत नारी सशक्तीकरण और स्वास्थ्य विषय पर गोष्ठी करवाई गई। इसमें कार्यवाहक प्राचार्य स्नेहलता ने मुख्य अतिथि के तौर पर ने शिरकत की। इसमें विद्यार्थियों को स्वास्थ्य और आगे बढ़ने के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में 60 छात्राओं ने भाग लिया जिनमें से दस ने मंच के जरिये अपने विचार व्यक्त किए। बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा बबीता जांगड़ा ने अपनी कविता ‘कमजोर नहीं, शक्ति का दूसरा नाम है नारी....’ के जरिये छात्राओं को निडर बनने का संदेश दिया।
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कार्यवाहक प्राचार्य स्नेहलता बेटियों के आगे बढ़ने में जो भी तत्व बाधा बने, उनका बेटियां विरोध करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग व सरकार बेटियों के स्वास्थ्य को लेकर सजग है। बेटियां खुद इसके प्रति जागरूक हों तभी समस्याएं दूर होंगी। छात्रा ईशा गर्ग ने कहा कि नारी की स्थिति समाज में पहले के मुकाबले काफी सुधरी है, लेकिन इसमें अभी और सुधार की दरकार है। अंत में महाविद्यालय की छात्राओं और शिक्षकों ने भ्रूण हत्या समेत अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मोर्चा खोलने का संकल्प लिया।
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घरेलू हिंसा रोकने को शराब पर लगे रोक : प्रिया लांबा
बीए अंतिम वर्ष की छात्रा प्रिया लांबा ने कहा कि अमर उजाला की यह पहल नारी सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आज घरों में शराब के कारण महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा होती है। ऐसे घरों की बेटियां हमेशा सहमी रहती हैं। कई अपराधों का कारण भी शराब है। ऐेसे में सरकार को शराब पर प्रतिबंधित लगा देना चाहिए।
आगे बढ़ने की मिली प्रेरणा : ईशा गर्ग
बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा सुप्रिया सिंह ने कहा कि कार्यक्रम से छात्राओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। असामाजिक तत्वों से लड़ने का जज्बा पैदा हुआ है। नारी यदि आत्मविश्वास से लबरेज हो जाए तो उसके प्रगति में कोई भी बाधा नहीं बन सकता है। आवश्यकता इस बात की है कि बगैर डरे आगे बढ़ते रहा जाए।
सम्मान न मिलने का कारण अशिक्षा : निशा
बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा निशा ने कहा कि नारियों की दशा और दिशा सुधारने में अपराजिता कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। घरों में नारियों को अब भी वह सम्मान नहीं मिलता है जिसकी वह हकदार हैं। इसकी वजह अशिक्षा और उपेक्षा है। यदि पूरा सम्मान मिले तो उनके अंदर हीन भावना नहीं आएगी।

अपने अधिकारों के प्रति सजग हो नारी: बबीता जांगड़ा
बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा बबीता जांगड़ा ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी न होना खेद का विषय है। अगर नारी को अपने अधिकारों की जानकारी हो तो महिला विरुद्ध अपराधों में अपने आप कमी आ जाएगी। उन्होंने कहा कि नारी कमजोर नहीं है, बल्कि शक्ति का दूसरा नाम है।
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