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Charkhi Dadri News: खाद के लिए नहीं मारामारी, 80 हजार बैग बिक चुके

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Oct 2023 10:01 PM IST
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No fight for fertilizer, 80 thousand bags have been sold
जमीदारा सोसायटी कार्यालय के बाहर खड़ा खाद के बैग से लदा ट्राॅला।
चरखी दादरी। किसानों का नैनो डीएपी व यूरिया की तरफ रुझान नहीं है। दूसरी ओर अब तक जिले में डीएपी खाद के 80 हजार बैग की बिक्री हो चुकी है। डीएपी की पिछले साल हुई किल्लत को देखते हुए किसानों ने इस बार सितंबर माह से ही खरीद शुरू कर दी थी। यही कारण है कि इस बार खाद के लिए मारामारी नहीं है। किसानों को इस बार आसानी से खाद मिल रही है।
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वहीं चरखी दादरी के साथ लगते झज्जर, महेंद्रगढ़, रोहतक जिले के किसान भी यहां से खाद की खरीद कर रहे हैं। जिले में इस बार सरसों की बिजाई का रकबा 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को पार करने की उम्मीद है। इस समय सरसों की बिजाई का काम शुरू हो गया है। फिलहाल रबी की फसलों की बिजाई का सीजन है। किसानों ने सरसों की बिजाई काम शुरू कर रखा है।
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नवंबर के प्रथम सप्ताह के बाद गेहूं की अगेती फसलों की बिजाई का काम शुरू हो जाएगा। डीएपी की बिजाई के समय जरूरत होती है। सरसों की बिजाई से पहले किसान मशीन से डीएपी खेत में डालते हैं उसके बाद बिजाई की जाती है। इसी प्रकार गेहूं की बिजाई से पहले डीएपी जमीन में डाली जाती है ताकि पौधों को शुरुआत से ही पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मिलने शुरू हो जाए और पौधों का ठीक से विकास एवं वृद्धि हो सके। डीएपी पौधे को न्यूट्रेंस सस्टेंड रिलीज करता है। पौधे को पकाव तक पोषक तत्व मिलते रहते हैं। यही वजह है किसान डीएपी को ज्यादा वरीयता देते हैं।
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- जमीदारा सोसायटी में 15 हजार तो इफको केंद्र पर बिके 9 हजार बैग
जिले में अब तक करीब 80 हजार बैग डीएपी की बिक्री हो चुकी है। जमीदारा सोसायटी कार्यालय से 15 हजार से ज्यादा बैग की बिक्री हुई है। इसी प्रकार इफको केंद्र से भी करीब नौ हजार बैग किसानों ने खरीदे हैं। इनके अलावा गांवों में सोसायटी कार्यालयों व प्राइवेट विक्रेताओं ने भी डीएपी की बिक्री की है। डीएपी 50 किलोग्राम बैग का रेट 1350 रुपये है। कृषि वैज्ञानिक एक एकड़ में 35 किलोग्राम डीएपी डालने की सलाह देते हैं जबकि किसान पूरा एक बैग डाल रहे हैं जो ज्यादा मात्रा मानी गई है।


- डीएपी खाद से सस्ता है नैनो यूरिया
सरकार अब धीरे-धीरे नैना डीएपी बाजार में उतारने जा रही है। नैनो डीएपी पर कम लागत आती है। यह किसानों के लिए सस्ती भी पड़ती है। नैनो यूरिया पहले से ही बाजार उपलब्ध है। आधा लीटर नैनो यूरिया की कीमत 235 रुपये है जबकि यूरिया दाना खाद 50 किलोग्राम का बैग 270 रुपये में मिलता है। किसानों का फिलहाल नैनो डीएपी व नैनो यूरिया के प्रति रुझान नहीं है। दाना के रूप में डीएपी व यूरिया का किसान आसानी से खेत में छिड़काव कर सकते हैं जबकि नैनो खाद की बिजाई के 20 से 25 दिन बाद स्प्रे करनी होती है। स्प्रे के लिए मशीन की जरूरत पड़ती है।


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किसान फसलों में रसायनिक खाद का कम से कम इस्तेमाल करें। जरूरत होने पर ही खाद डालने की सलाह दी जाती है। खेत की मिट्टी की अवश्य जांच करवाएं ताकि मौजूद पोषक तत्वों का पता चल सके और उसी हिसाब से खाद का इस्तेमाल करें।

-डॉ. चंद्रभान, कृषि विशेषज्ञ


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अब तक जिले में करीब 80 हजार बैग की बिक्री हो चुकी है। किसानों ने अगस्त माह के अंत से ही डीएपी की खरीद शुरू कर दी थी। किसानों का खाद की किल्लत होने का डर सता रहा था। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। किसान नैना खाद का ज्यादा इस्तेमाल करेंं।
-राजेश कुमार,मैनेजर,जमीदारा सोसायटी






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