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नप ने फिर शुरू करवाया बंदर पकड़ो अभियान
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चरखी दादरी। शहर में बंदर पकड़ो अभियान नगर परिषद अधिकारियों ने दोबारा शुरू करवा दिया है। इससे पहले दो माह से अभियान बंद था। इस बार अभियान की शुरुआत कोर्ट परिसर में पिंजरे रखकर की गई है और बुधवार को यहां से छह बंदर पकड़े गए। मुहिम के तहत शहर से 500 बंदर पकड़कर पहाड़ी क्षेत्र में छोड़े जाने हैं। एजेंसी का दावा है कि अब तक शहर से 230 बंदर पकड़े जा चुके हैं। जल्द ही समझौते के मुताबिक 500 बंदर पकड़ने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
नगर परिषद ने शहर में बंदरों की समस्या को देखते हुए लॉकडाउन से पहले अभियान शुरू करवाया था। इसके लिए नप को वन्य प्राणी एवं जीव विभाग से अनुमति तो मिली हुई थी, लेकिन मुहिम का आगाज नप अधिकारियों ने आनन फानन में करवा दिया और वन्य प्राणी एवं जीव विभाग को सूचित नहीं किया गया। चूक का पता चलते ही तत्कालीन अधिकारियों ने नप ने शहर में अभियान बंद करवा दिया था। इसके बाद लॉकडाउन लागू हो गया और अब नप ने वन्य प्राणी एवं जीव विभाग को सूचित कर बंदर पकड़ो अभियान दोबारा शुरू करवा दिया है।
नप और एजेंसी के करार के मुताबिक शहर से पांच सौ बंदर पकड़े जाने हैं। वन्य प्राणी एवं जीव विभाग इन बंदरों को कालेसर के जंगलों में छोड़ने की अनुमति दे चुका है। पहले ही दिन कोर्ट परिसर में पिंजरे लगाकर पांच बंदर पकड़े गए। एजेंसी का दावा है कि शहर से अब तक करीब 230 बंदर पकड़े जा चुके हैं और इसके भुगतान के लिए नप कार्यालय में बिल भी जमा करवाया जा चुका है। हालांकि अभी तक एजेंसी का भुगतान नहीं हुआ है।
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800 रुपये आना है प्रति बंदर खर्च
शहर में 500 बंदरों को पकड़वाने के लिए नगर परिषद चार लाख रुपये खर्च करेगी। एजेंसी के साथ हुए करार के मुताबिक एक बंदर पकड़ने पर नगर परिषद एजेंसी को 800 रुपये देगी। इसमें बंदरों के खाने से लेकर उन्हें जंगल तक छोड़ने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है।
इन क्षेत्रों में बंदरों का ज्यादा उत्पात
हीरा चौक, सुभाष चौक, छोटी बाजारी, रंगीला हनुमान मंदिर क्षेत्र, चरखी दरवाजा, कबीर नगर, वाल्मीकि नगर, गांधी नगर, विश्वकर्मा कॉलोनी, प्रेम नगर, हरी नगर, पुरानी अनाज मंडी, आश्रम रोड, घिकाड़ा रोड, बस स्टैंड क्षेत्र, एमसी कॉलोनी, चंपापुरी, एमसी कॉलोनी, बस स्टैंड के पिछली तरफ, अनाज मंडी, कोर्ट परिसर, सैनीपुरा, गामड़ी आदि क्षेत्रों में बंदरों की समस्या ज्यादा है।
कार्यालय से लेकर सीएम विंडो तक आ रहीं बंदरों की शिकायतें
नप सूत्रों के अनुसार बंदरों की कई शिकायतें अधिकारियों को मिल रही हैं। कुछ लोग पार्षद की मार्फत तो कुछ सीधे कार्यालय पहुंचकर बंदरों से संबंधित शिकायतें सौंप रहे हैं। इसके अलावा बंदरों से निजात दिलाने की गुहार लोग मुख्यमंत्री से भी सीएम विंडो के जरिये लगा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सीएम विंडो पर तीन शिकायतें की गई हैं, जो समाधान के लिए नप अधिकारियों के पास पहुंची हैं।
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नगर परिषद सचिव प्रशांत पाराशर ने बताया कि बंदर पकड़ो अभियान शहर में शुरू करवा दिया है। एजेंसी शहर से 500 बंदर पकड़ेगी और जल्द से जल्द हम शहरवासियों को बंदरों की समस्या से निजात दिला देंगे।
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नगर परिषद ने शहर में बंदरों की समस्या को देखते हुए लॉकडाउन से पहले अभियान शुरू करवाया था। इसके लिए नप को वन्य प्राणी एवं जीव विभाग से अनुमति तो मिली हुई थी, लेकिन मुहिम का आगाज नप अधिकारियों ने आनन फानन में करवा दिया और वन्य प्राणी एवं जीव विभाग को सूचित नहीं किया गया। चूक का पता चलते ही तत्कालीन अधिकारियों ने नप ने शहर में अभियान बंद करवा दिया था। इसके बाद लॉकडाउन लागू हो गया और अब नप ने वन्य प्राणी एवं जीव विभाग को सूचित कर बंदर पकड़ो अभियान दोबारा शुरू करवा दिया है।
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नप और एजेंसी के करार के मुताबिक शहर से पांच सौ बंदर पकड़े जाने हैं। वन्य प्राणी एवं जीव विभाग इन बंदरों को कालेसर के जंगलों में छोड़ने की अनुमति दे चुका है। पहले ही दिन कोर्ट परिसर में पिंजरे लगाकर पांच बंदर पकड़े गए। एजेंसी का दावा है कि शहर से अब तक करीब 230 बंदर पकड़े जा चुके हैं और इसके भुगतान के लिए नप कार्यालय में बिल भी जमा करवाया जा चुका है। हालांकि अभी तक एजेंसी का भुगतान नहीं हुआ है।
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800 रुपये आना है प्रति बंदर खर्च
शहर में 500 बंदरों को पकड़वाने के लिए नगर परिषद चार लाख रुपये खर्च करेगी। एजेंसी के साथ हुए करार के मुताबिक एक बंदर पकड़ने पर नगर परिषद एजेंसी को 800 रुपये देगी। इसमें बंदरों के खाने से लेकर उन्हें जंगल तक छोड़ने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है।
इन क्षेत्रों में बंदरों का ज्यादा उत्पात
हीरा चौक, सुभाष चौक, छोटी बाजारी, रंगीला हनुमान मंदिर क्षेत्र, चरखी दरवाजा, कबीर नगर, वाल्मीकि नगर, गांधी नगर, विश्वकर्मा कॉलोनी, प्रेम नगर, हरी नगर, पुरानी अनाज मंडी, आश्रम रोड, घिकाड़ा रोड, बस स्टैंड क्षेत्र, एमसी कॉलोनी, चंपापुरी, एमसी कॉलोनी, बस स्टैंड के पिछली तरफ, अनाज मंडी, कोर्ट परिसर, सैनीपुरा, गामड़ी आदि क्षेत्रों में बंदरों की समस्या ज्यादा है।
कार्यालय से लेकर सीएम विंडो तक आ रहीं बंदरों की शिकायतें
नप सूत्रों के अनुसार बंदरों की कई शिकायतें अधिकारियों को मिल रही हैं। कुछ लोग पार्षद की मार्फत तो कुछ सीधे कार्यालय पहुंचकर बंदरों से संबंधित शिकायतें सौंप रहे हैं। इसके अलावा बंदरों से निजात दिलाने की गुहार लोग मुख्यमंत्री से भी सीएम विंडो के जरिये लगा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सीएम विंडो पर तीन शिकायतें की गई हैं, जो समाधान के लिए नप अधिकारियों के पास पहुंची हैं।
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नगर परिषद सचिव प्रशांत पाराशर ने बताया कि बंदर पकड़ो अभियान शहर में शुरू करवा दिया है। एजेंसी शहर से 500 बंदर पकड़ेगी और जल्द से जल्द हम शहरवासियों को बंदरों की समस्या से निजात दिला देंगे।