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मॉलीकुलर लैब शुरू, अस्पताल में होगी प्रतिदिन 1000 सैंपलों की जांच
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चरखी दादरी। कोरोना जांच के सैंपल जिले से बाहर भेजने का झंझट अब खत्म हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में हाल ही में बनाई गई मॉलीकुलर लैब में सैंपलों की जांच शुरू कर दी है। प्रतिदिन यहां एक हजार सैंपलों की जांच की जाएगी। इसके लिए विभाग ने आठ एलटी की दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई है। लैब शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि 24 घंटे के बाद जांच रिपोर्ट मिल जाएगी जबकि इससे पहले रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन लग जाते थे। लैब के लिए मशीनें सरकार की ओर से भेजी गई हैं जबकि ढांचा तैयार करवाने पर आठ लाख रुपये लागत आई है।
अक्तूबर 2020 में जिले में कोरोना जांच लैब खोलने की घोषणा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने की थी। गत मई में स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए मांग सरकार को भेजी। इसके कुछ दिन बाद सरकार ने मॉलीकुलर लैब की स्वीकृति दी थी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने टेंडर प्रक्रिया के तहत लैब का ढांचा तैयार करवाने का काम शुरू करवाया था। लैब में मशीनें इंस्टॉल होते ही विभाग ने सैंपलों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल जिले में जो एलटी तैनात थे उन्हीं की ड्यूटी यहां लगाकर काम चलाया गया है। जिले में फिलहाल पांच और एलटी की जरुरत है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार वीरवार से ही सैंपलों की जांच लैब में शुरू कर दी गई है और अब सैंपल बाहर नहीं भेजे जा रहे हैं। सैंपलों की जांच सिविल अस्पताल लैब में शुरू होने से 24 घंटे के अंदर मरीज को रिपोर्ट दे दी जाएगी जबकि पहले रोहतक या अन्य जिलों की लैब में जांच करवाने पर रिपोर्ट मरीज को तीन से चार दिन बाद मिलती थी। इससे कोरोना के मामले समय पर पकड़ में आ सकेंगे और फैलाव होने से बचेगा। कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. संदीप ने मॉलीकुलर लैब के वर्किंग में आ जाने की पुष्टि की है।
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जिले से लिए जा चुके 3.10 लाख सैंपल
स्वास्थ्य विभाग पिछले करीब पौने दो साल में जिले से कोरोना जांच के लिए तीन लाख दस हजार सैंपल ले चुका है। करीब ढाई लाख सैंपल जांच के लिए जिले से बाहर भेजे गए हैं और विभाग की गाड़ियों ने डेढ़ लाख किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की है। अब यह झंझट खत्म हो गया है और सैंपलों की जांख् यही हो सकेगी।
लैब के लिए ये पद हैं स्वीकृत
पद का नाम - संख्या
माइक्रोबायोलॉजिस्ट- 3
लैब टेक्निशियन- 8
रिसर्च साइंटिस्ट- 2
मल्टीपर्पज स्टाफ- 12
डाटा एंट्री ऑपरेटर-3
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वर्जन:
मॉलीकुलर लैब वर्किंग में आ गई है। प्रतिदिन यहां एक हजार सैंपलों की जांच की जाएगी। फिलहाल जिले में तैनात एलटी की यहां दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। हमने उच्चाधिकारियों से और एलटी की मांग भी की है।
डॉ. संदीप, कोरोना नोडल अधिकारी
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अक्तूबर 2020 में जिले में कोरोना जांच लैब खोलने की घोषणा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने की थी। गत मई में स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए मांग सरकार को भेजी। इसके कुछ दिन बाद सरकार ने मॉलीकुलर लैब की स्वीकृति दी थी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने टेंडर प्रक्रिया के तहत लैब का ढांचा तैयार करवाने का काम शुरू करवाया था। लैब में मशीनें इंस्टॉल होते ही विभाग ने सैंपलों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल जिले में जो एलटी तैनात थे उन्हीं की ड्यूटी यहां लगाकर काम चलाया गया है। जिले में फिलहाल पांच और एलटी की जरुरत है।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार वीरवार से ही सैंपलों की जांच लैब में शुरू कर दी गई है और अब सैंपल बाहर नहीं भेजे जा रहे हैं। सैंपलों की जांच सिविल अस्पताल लैब में शुरू होने से 24 घंटे के अंदर मरीज को रिपोर्ट दे दी जाएगी जबकि पहले रोहतक या अन्य जिलों की लैब में जांच करवाने पर रिपोर्ट मरीज को तीन से चार दिन बाद मिलती थी। इससे कोरोना के मामले समय पर पकड़ में आ सकेंगे और फैलाव होने से बचेगा। कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. संदीप ने मॉलीकुलर लैब के वर्किंग में आ जाने की पुष्टि की है।
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जिले से लिए जा चुके 3.10 लाख सैंपल
स्वास्थ्य विभाग पिछले करीब पौने दो साल में जिले से कोरोना जांच के लिए तीन लाख दस हजार सैंपल ले चुका है। करीब ढाई लाख सैंपल जांच के लिए जिले से बाहर भेजे गए हैं और विभाग की गाड़ियों ने डेढ़ लाख किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की है। अब यह झंझट खत्म हो गया है और सैंपलों की जांख् यही हो सकेगी।
लैब के लिए ये पद हैं स्वीकृत
पद का नाम - संख्या
माइक्रोबायोलॉजिस्ट- 3
लैब टेक्निशियन- 8
रिसर्च साइंटिस्ट- 2
मल्टीपर्पज स्टाफ- 12
डाटा एंट्री ऑपरेटर-3
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वर्जन:
मॉलीकुलर लैब वर्किंग में आ गई है। प्रतिदिन यहां एक हजार सैंपलों की जांच की जाएगी। फिलहाल जिले में तैनात एलटी की यहां दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। हमने उच्चाधिकारियों से और एलटी की मांग भी की है।
डॉ. संदीप, कोरोना नोडल अधिकारी
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