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स्वयं को मानें परिस्थितियों का जिम्मेदार : बीके वसुधा
Wed, 28 Feb 2024 03:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 28 Feb 2024 03:14 AM IST
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बेरला बाढड़ा की ब्रह्माकुमारीज पाठशाला में मौजूद संस्था सदस्य व ग्रामीण।
बाढड़ा। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कादमा शाखा की ओर से महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में शिव संदेश सद्भावना यात्रा आयोजित की गई। इसमें शिवलिंग की आकर्षक झांकी सजाई गई। इसके तहत क्षेत्रीय प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा ने बेरला की ब्रह्माकुमारीज पाठशाला में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दूसरों को दुआ देने से हमारी शक्ति बढ़ती है। इससे सकारात्मकता भी बढ़ती है। अपनी स्थिति के लिए स्वयं को जिम्मेवार समझना चाहिए। इससे हमारे जीवन में बदलाव आता रहेगा।
उन्होंने कहा कि दूसरों को दोषी ठहराकर हम अपनी शक्ति को कम कर देते हैं। इसी कारण आज हमारे सामाजिक संबंध कमजोर हो रहे हैं। हम खुद के विचारों से ही दुखी होते हैं जबकि विचारों के निर्माता हम स्वयं हैं। यात्रा संयोजक एवं झोझूकलां सेवाकेंद्र की प्रभारी ब्रह्माकुमारी ज्योति ने कहा कि मानव जीवन दुर्लभ है। हम अपने दैनिक कार्यों में आध्यात्मिकता को शामिल कर दिव्य गुणों की खुशबू से खुशबूदार बना सकते हैं। ब्रह्माकुमारी नीलम ने राजयोग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मन को सुखी, शांत और स्वस्थ रखने के लिए मेडिटेशन जरूरी है। इसका हमें नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि दूसरों को दोषी ठहराकर हम अपनी शक्ति को कम कर देते हैं। इसी कारण आज हमारे सामाजिक संबंध कमजोर हो रहे हैं। हम खुद के विचारों से ही दुखी होते हैं जबकि विचारों के निर्माता हम स्वयं हैं। यात्रा संयोजक एवं झोझूकलां सेवाकेंद्र की प्रभारी ब्रह्माकुमारी ज्योति ने कहा कि मानव जीवन दुर्लभ है। हम अपने दैनिक कार्यों में आध्यात्मिकता को शामिल कर दिव्य गुणों की खुशबू से खुशबूदार बना सकते हैं। ब्रह्माकुमारी नीलम ने राजयोग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मन को सुखी, शांत और स्वस्थ रखने के लिए मेडिटेशन जरूरी है। इसका हमें नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए।
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