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क्रशर बंद होने से करोड़ों का नुकसान, लाखों लोग बेरोजगार : घसौला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 12:36 AM IST
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Loss of crores due to closure of crushers, lakhs of people unemployed: Ghasoula
चरखी दादरी।
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11 नवंबर से क्रशर बंद है और करोड़ों का नुकसान हो रहा है। अकेले दादरी में 50 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए हैं। करीब 200 क्रशर के बिजली कनेक्शन काटे हुए हैं, बावजूद इसके करोड़ों का फिक्स चार्ज वसूला जा रहा है। दिल्ली के प्रदूषण से दादरी, भिवानी या नारनौल के क्रशर का कोई लेना-देना नहीं, बस सरकार के इशारे पर अधिकारी परेशान कर रहे हैं। ये आरोप क्रशर एसोसिएशन चरखी दादरी के प्रधान सोमबीर घसौला ने लगाए। उन्होंने कहा कि बुधवार को उनका एक प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से मिलेगा। जल्द क्रशर शुरू नहीं किए गए तो आंदोलन किया जाएगा।

पत्रकारों से बातचीत में प्रधान सोमबीर घसौला ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के स्तर पर 150 किलोमीटर दूर की इंडस्ट्रीज का क्या फर्क पड़ेगा। सिर्फ खानापूर्ति के लिए दादरी, भिवानी, नारनौल के क्रशर बंद किए गए हैं, जिससे इन तीनों जगह डेढ़ लाख से अधिक मजदूरों के सामने भूख मरने की नौबत आ गई है। सरकार दोहरी नीति अपना रही है। क्रशर बंद कर दिए और माइनिंग चालू है। बेवजह क्रशर संचालकों को परेशान करने की बजाए सरकार को प्रदूषण रोकने के लिए कदम उठाने चाहिएं। एनसीआर में ग्रीन टैक्स वसूला जाता है, जबकि उसका खर्च प्रदूषण रोकने के लिए किया ही नहीं जा रहा। सरकार को चाहिए कि उस टैक्स से स्मॉग टॉवर लगवाने चाहिएं।
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