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रियायती दर पर उच्च शिक्षा के लिए ऋण लेकर जीवन संवार सकती हैं लड़कियां : मुनीश शर्मा
Mon, 31 Mar 2025 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 31 Mar 2025 11:01 PM IST
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- योजना के तहत शिक्षा लोन ब्याज पर मिलता है 5 प्रतिशत अनुदान, आवेदक हरियाणा की स्थायी निवासी होनी जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। हरियाणा महिला विकास निगम की ओर से लड़कियों व महिलाओं को देश-विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बैंकों से ऋण लेने पर ब्याज दर में 5 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। योजना का लाभ उठाने वाली महिला एवं लड़की का हरियाणा का स्थायी निवासी होना जरूरी है।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि महंगे ब्याज दर के अभाव में कोई भी छात्रा उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रहे, इसलिए सरकार लड़कियों व महिलाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने पर 5 प्रतिशत ब्याज दर से सब्सिडी देने के लिए वचनबद्ध है। सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को गति प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशन में यह योजना चलाई जा रही है। ताकि, लड़कियों व महिलाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि लड़कियों व महिलाओं को तकनीकी शिक्षा, डिप्लोमा, स्नातकोत्तर, पीएचडी व अन्य उच्च शिक्षा कोर्स में दाखिला लेने के लिए शिक्षा ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज राशि की क्षतिपूर्ति महिला विकास निगम की ओर से की जाती है। सुविधा प्राप्त करने के लिए आय, जाति सहित कोई अन्य शर्त नहीं है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। हरियाणा महिला विकास निगम की ओर से लड़कियों व महिलाओं को देश-विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बैंकों से ऋण लेने पर ब्याज दर में 5 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। योजना का लाभ उठाने वाली महिला एवं लड़की का हरियाणा का स्थायी निवासी होना जरूरी है।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि महंगे ब्याज दर के अभाव में कोई भी छात्रा उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रहे, इसलिए सरकार लड़कियों व महिलाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने पर 5 प्रतिशत ब्याज दर से सब्सिडी देने के लिए वचनबद्ध है। सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को गति प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशन में यह योजना चलाई जा रही है। ताकि, लड़कियों व महिलाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
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उन्होंने बताया कि लड़कियों व महिलाओं को तकनीकी शिक्षा, डिप्लोमा, स्नातकोत्तर, पीएचडी व अन्य उच्च शिक्षा कोर्स में दाखिला लेने के लिए शिक्षा ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज राशि की क्षतिपूर्ति महिला विकास निगम की ओर से की जाती है। सुविधा प्राप्त करने के लिए आय, जाति सहित कोई अन्य शर्त नहीं है।
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