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कंडम राजकीय स्कूलों की सूची तैयार, तोड़ने के लिए डीसी की अनुमति का इंतजार
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राजकीय स्कूल का कंडम भवन।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। पीडब्ल्यूडी की टीमों ने राजकीय स्कूलों का दौरा कर 90 कंडम भवनों की रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब डीसी की मंजूरी के बाद इनको तोड़ने का काम शुरू होगा, जो करीब दो माह में पूरा हो जाएगा। स्कूलों में कंडम कमरों, छत व चहारदीवारी आदि की लंबे समय से हालत खराब बनी हुई है। तीन स्कूलों के तो पूरे भवन ही कंडम हो चुके हैं।
जिले में 365 प्राइमरी, मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। जिले के अधिकतर सरकारी स्कूल 45 से 50 वर्ष पुराने हैं। अब इन स्कूलों के भवन जवाब दे चुके हैं। किसी स्कूल में कमरों की छत कंडम हो चुकी हैं तो कही कमरों की दीवारों में दरारें बनी हुई हैं। कई स्कूलों में चहारदीवारी टूटी पड़ी हैं। कई ऐसे भी स्कूल हैं जिनका लेवल काफी नीचा होने की वजह से जलभराव की समस्या बन जाती है और कई दिनों तक स्कूल बंद करने पड़ते हैं। ऐसे स्कूलों में पीडब्ल्यूडी की टीमों ने दौरा कर सूची तैयार कर ली है। सूची के अनुसार जिले में 90 स्कूलों के 124 कमरे कंडम हो चुके हैं। इनमें से तीन स्कूलों के तो पूरे भवन ही कंडम हैं। अब इन कंडम भवनों को तोड़ने के लिए डीसी की मंजूरी का इंतजार हैं। मंजूरी मिलते ही दो माह में भवनों को तोड़ने का काम पूरा हो जाएगा।
तीन स्कूलों के पूरे भवन समेत 124 कमरे हैं कंडम
ाजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गोपालवास, मिडिल स्कूल डांडमा, राजकीय उच्च विद्यालय डालावास के पूरे भवन को कंडम घोषित किया गया है। राजकीय स्कूल प्राइमरी स्कूल रामनगर में तीन कमरे, राजकीय मिडिल स्कूल गोठड़ा में तीन कमरे, मिडिल स्कूल मकड़ाना में छह, राजकीय प्राइमरी स्कूल मकड़ानी में पांच, राजकीय प्राइमरी स्कूल संतोखपुरा में तीन, नगर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सात, राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल छपार में चार, प्राइमरी स्कूल सारंगपुर में तीन, प्राइमरी स्कूल तिवाला में छह, प्राइमरी स्कूल खेड़ी बूरा में छह, राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल चरखी दादरी में आठ कमरे कंडम घोषित किए गए हैं। इसी प्रकार ढाणी गुजरान स्कूल की छत, राजकीय प्राइमरी स्कूल मंदोला में दो कमरे, आदमपुर डाढ़ी स्कूल में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल खोरड़ा में तीन कमरे, डूडीवाला-किशनपुरा में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल पंचगांव में दो कमरे, मिडिल स्कूल ऊण में तीन कमरे, डोहका मौजी में आठ कमरे, प्राइमरी स्कूल हुई में दो कमरें, मिडल स्कूल हुई में दो कमरे कंडम घोषित किए गए हैं। इसके अलावा मिडिल स्कूल जगरामबास में तीन कमरे, उच्च विद्यालय लाड में दो कमरे, प्राइमरी स्कूल सिरसली में तीन कमरे, सीनियर सेकेंडरी स्कूल कारी आदू में तीन कमरे, प्राइमरी स्कूल हंसावास कलां में तीन कमरे, गांव डोहका हरिया स्कूल में दो कमरे, काकड़ोली सरदारा में तीन कमरे, काकड़ोली हट्ठी में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल नीमड़ बडेसरा में तीन कमरे, काकड़ोली हुक्मी में तीन कमरे, प्राइमरी स्कूल नांधा में चार कमरे, प्राइमरी स्कूल रामलवास में दो कमरे, मिडिल स्कूल जेवली में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल जेवली में पांच कमरे, नौरंगाबास जाटान में दो कमरे और बीजणा स्कूल में दो कमरों की छत कंडम घोषित की गई है। राजकीय स्कूल कलियाणा में आठ कमरे व कांहड़ा में दो कमरे भी कंडम घोषित किए गए हैं। राजकीय स्कूल बाढड़ा में भवन को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
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डीसी की अनुमति मिलते ही शुरू होगा काम
अगले दो माह में इन कमरों को तोड़ने का काम पूरा होने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पीडब्ल्यूडी की ओर से रिपोर्ट डीसी कार्यालय में भेज दी गई है। वहां से अनुमति मिलते ही भवनों के कमरों को तोड़ने का शुरू करवा दिया जाएगा। इसके तत्काल बाद नए भवन निर्माण की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया जाएगा। उसके बाद बजट मिलने पर निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
90 स्कूलों में कमरे, हॉल, चहारदीवारी व अन्य प्रकार की बिल्डिंग को कंडम घोषित किया गया है। अब जल्द ही इन कंडम कमरों को तोड़ा जाएगा। उसके बाद नया भवन निर्माण के लिए प्रपोजल तैयार होगा। -कुलदीप सिंह, जिला शिक्षा परियोजना अधिकारी
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जिले में 365 प्राइमरी, मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। जिले के अधिकतर सरकारी स्कूल 45 से 50 वर्ष पुराने हैं। अब इन स्कूलों के भवन जवाब दे चुके हैं। किसी स्कूल में कमरों की छत कंडम हो चुकी हैं तो कही कमरों की दीवारों में दरारें बनी हुई हैं। कई स्कूलों में चहारदीवारी टूटी पड़ी हैं। कई ऐसे भी स्कूल हैं जिनका लेवल काफी नीचा होने की वजह से जलभराव की समस्या बन जाती है और कई दिनों तक स्कूल बंद करने पड़ते हैं। ऐसे स्कूलों में पीडब्ल्यूडी की टीमों ने दौरा कर सूची तैयार कर ली है। सूची के अनुसार जिले में 90 स्कूलों के 124 कमरे कंडम हो चुके हैं। इनमें से तीन स्कूलों के तो पूरे भवन ही कंडम हैं। अब इन कंडम भवनों को तोड़ने के लिए डीसी की मंजूरी का इंतजार हैं। मंजूरी मिलते ही दो माह में भवनों को तोड़ने का काम पूरा हो जाएगा।
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तीन स्कूलों के पूरे भवन समेत 124 कमरे हैं कंडम
ाजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गोपालवास, मिडिल स्कूल डांडमा, राजकीय उच्च विद्यालय डालावास के पूरे भवन को कंडम घोषित किया गया है। राजकीय स्कूल प्राइमरी स्कूल रामनगर में तीन कमरे, राजकीय मिडिल स्कूल गोठड़ा में तीन कमरे, मिडिल स्कूल मकड़ाना में छह, राजकीय प्राइमरी स्कूल मकड़ानी में पांच, राजकीय प्राइमरी स्कूल संतोखपुरा में तीन, नगर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सात, राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल छपार में चार, प्राइमरी स्कूल सारंगपुर में तीन, प्राइमरी स्कूल तिवाला में छह, प्राइमरी स्कूल खेड़ी बूरा में छह, राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल चरखी दादरी में आठ कमरे कंडम घोषित किए गए हैं। इसी प्रकार ढाणी गुजरान स्कूल की छत, राजकीय प्राइमरी स्कूल मंदोला में दो कमरे, आदमपुर डाढ़ी स्कूल में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल खोरड़ा में तीन कमरे, डूडीवाला-किशनपुरा में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल पंचगांव में दो कमरे, मिडिल स्कूल ऊण में तीन कमरे, डोहका मौजी में आठ कमरे, प्राइमरी स्कूल हुई में दो कमरें, मिडल स्कूल हुई में दो कमरे कंडम घोषित किए गए हैं। इसके अलावा मिडिल स्कूल जगरामबास में तीन कमरे, उच्च विद्यालय लाड में दो कमरे, प्राइमरी स्कूल सिरसली में तीन कमरे, सीनियर सेकेंडरी स्कूल कारी आदू में तीन कमरे, प्राइमरी स्कूल हंसावास कलां में तीन कमरे, गांव डोहका हरिया स्कूल में दो कमरे, काकड़ोली सरदारा में तीन कमरे, काकड़ोली हट्ठी में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल नीमड़ बडेसरा में तीन कमरे, काकड़ोली हुक्मी में तीन कमरे, प्राइमरी स्कूल नांधा में चार कमरे, प्राइमरी स्कूल रामलवास में दो कमरे, मिडिल स्कूल जेवली में एक कमरा, प्राइमरी स्कूल जेवली में पांच कमरे, नौरंगाबास जाटान में दो कमरे और बीजणा स्कूल में दो कमरों की छत कंडम घोषित की गई है। राजकीय स्कूल कलियाणा में आठ कमरे व कांहड़ा में दो कमरे भी कंडम घोषित किए गए हैं। राजकीय स्कूल बाढड़ा में भवन को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
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डीसी की अनुमति मिलते ही शुरू होगा काम
अगले दो माह में इन कमरों को तोड़ने का काम पूरा होने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पीडब्ल्यूडी की ओर से रिपोर्ट डीसी कार्यालय में भेज दी गई है। वहां से अनुमति मिलते ही भवनों के कमरों को तोड़ने का शुरू करवा दिया जाएगा। इसके तत्काल बाद नए भवन निर्माण की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया जाएगा। उसके बाद बजट मिलने पर निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
90 स्कूलों में कमरे, हॉल, चहारदीवारी व अन्य प्रकार की बिल्डिंग को कंडम घोषित किया गया है। अब जल्द ही इन कंडम कमरों को तोड़ा जाएगा। उसके बाद नया भवन निर्माण के लिए प्रपोजल तैयार होगा। -कुलदीप सिंह, जिला शिक्षा परियोजना अधिकारी