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Charkhi Dadri News: लांस नायक आनंद कुमार को सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई, जम्मू-कश्मीर के खुंदरू में ड्यूटी के दौरान गिर गए थे
Sun, 10 May 2026 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 10 May 2026 12:18 AM IST
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झोझू खुर्द में बलिदानी आनंद कुमार के बेटों को तिरंगा सौंपते हुए सेना के अधिकारी। संवाद
झोझू कलां। जम्मू-कश्मीर के खुंदरू में ड्यूटी के दौरान शहादत देने वाले झोझू खुर्द निवासी लांस नायक आनंद कुमार का शनिवार को उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दाैरान भारत माता की जय और आनंद कुमार अमर रहे के नारों के साथ आसमान गुंजायमान हो उठा। नम आंखों के बीच बलिदानी के मासूम बेटों दिक्षु और अभि ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
ड्यूटी के दौरान हुए शहीद
35 वर्षीय लांस नायक आनंद कुमार जून 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनके चचेरे भाई जगमाल ने बताया कि शुक्रवार सुबह ड्यूटी के दौरान वे अचानक गिर गए और देश सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। शनिवार दोपहर जब सेना के फूलों से सजे वाहन में उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो जनसैलाब उमड़ पड़ा।
पांच बहनों के इकलौते भाई थे आनंद
बलिदानी आनंद कुमार के परिवार में उनकी पत्नी अनीता देवी और दो बेटे हैं। बड़ा बेटा दिक्षु चौथी कक्षा और छोटा बेटा अभि पहली कक्षा में पढ़ता है। वे पांच बहनों के इकलौते भाई थे। उनके पिता स्व. दिलावर सिंह भी सेना से सेवानिवृत्त थे जिनसे प्रेरणा लेकर आनंद ने सेना को चुना था। घर के इकलौते चिराग की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। अंतिम संस्कार में बाढड़ा के विधायक उमेद पातुवास, मोहित चौधरी (सांसद धर्मबीर सिंह के पुत्र) और झोझू कलां थाना प्रभारी एसआई दिलबाग सिंह ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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सेना की सलामी
हिसार कैंट से आई सेना की टुकड़ी और सूबेदार मानवीर के नेतृत्व वाली टीम ने हवा में फायर कर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। सेना के अधिकारियों ने पूरे सम्मान के साथ बलिदानी की निशानी तिरंगा उनके बेटों को सौंपा जिसे देख हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
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ड्यूटी के दौरान हुए शहीद
35 वर्षीय लांस नायक आनंद कुमार जून 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनके चचेरे भाई जगमाल ने बताया कि शुक्रवार सुबह ड्यूटी के दौरान वे अचानक गिर गए और देश सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। शनिवार दोपहर जब सेना के फूलों से सजे वाहन में उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो जनसैलाब उमड़ पड़ा।
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पांच बहनों के इकलौते भाई थे आनंद
बलिदानी आनंद कुमार के परिवार में उनकी पत्नी अनीता देवी और दो बेटे हैं। बड़ा बेटा दिक्षु चौथी कक्षा और छोटा बेटा अभि पहली कक्षा में पढ़ता है। वे पांच बहनों के इकलौते भाई थे। उनके पिता स्व. दिलावर सिंह भी सेना से सेवानिवृत्त थे जिनसे प्रेरणा लेकर आनंद ने सेना को चुना था। घर के इकलौते चिराग की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। अंतिम संस्कार में बाढड़ा के विधायक उमेद पातुवास, मोहित चौधरी (सांसद धर्मबीर सिंह के पुत्र) और झोझू कलां थाना प्रभारी एसआई दिलबाग सिंह ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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सेना की सलामी
हिसार कैंट से आई सेना की टुकड़ी और सूबेदार मानवीर के नेतृत्व वाली टीम ने हवा में फायर कर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। सेना के अधिकारियों ने पूरे सम्मान के साथ बलिदानी की निशानी तिरंगा उनके बेटों को सौंपा जिसे देख हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

झोझू खुर्द में बलिदानी आनंद कुमार के बेटों को तिरंगा सौंपते हुए सेना के अधिकारी। संवाद