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Charkhi Dadri News: कांहड़ा पशु अस्पताल का भवन कंडम, चिकित्सक भी नहीं
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गांव कांहड़ा स्थित पशु अस्पताल।
- फोटो : 1
बाढड़ा। गांव कांहड़ा स्थित पशु अस्पताल चिकित्सा सुविधाएं नहीं होने से पशुपालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। इसके लिए ग्रामीण कई दफा विभाग व प्रशासन के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीण रामनिवास, संदीप, धर्मेंद्र, रघुवीर सिंह, जगत सिंह, रिंकू, सोनू, वेदप्रकाश, शिव कुमार, महेंद्र, जयवीर आदि ने बताया कि 2003 में गांव कांहड़ा में पशु अस्पताल का निर्माण हुआ था। अब तक यहां पशु चिकित्सक की तैनात नहीं हुई है।
पशुपालकों का कहना है कि साथ लगते गांव दगड़ौली में भी पशु चिकित्सक का पद खाली है। मजबूरीवश पशु बीमार होने पर प्राइवेट चिकित्सक को बुलाना पड़ता हैं, जिससे आर्थिक बोझ झेलना पड़ता है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि गांव में पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाए। ग्रामीणों का कहना हैं कि अस्पताल का निर्माण किए हुए करीब 21 वर्ष हो गए हैं और रख रखाव के अभाव में लाखों रुपयों से बना भवन कंडम हो रहा है। इससे सरकार को भी आर्थिक नुकसान हो रहा हैं। ग्रामीणों में प्रशासन व विभाग के प्रति रोष बना हुआ हैं।
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ग्रामीण रामनिवास, संदीप, धर्मेंद्र, रघुवीर सिंह, जगत सिंह, रिंकू, सोनू, वेदप्रकाश, शिव कुमार, महेंद्र, जयवीर आदि ने बताया कि 2003 में गांव कांहड़ा में पशु अस्पताल का निर्माण हुआ था। अब तक यहां पशु चिकित्सक की तैनात नहीं हुई है।
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पशुपालकों का कहना है कि साथ लगते गांव दगड़ौली में भी पशु चिकित्सक का पद खाली है। मजबूरीवश पशु बीमार होने पर प्राइवेट चिकित्सक को बुलाना पड़ता हैं, जिससे आर्थिक बोझ झेलना पड़ता है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि गांव में पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाए। ग्रामीणों का कहना हैं कि अस्पताल का निर्माण किए हुए करीब 21 वर्ष हो गए हैं और रख रखाव के अभाव में लाखों रुपयों से बना भवन कंडम हो रहा है। इससे सरकार को भी आर्थिक नुकसान हो रहा हैं। ग्रामीणों में प्रशासन व विभाग के प्रति रोष बना हुआ हैं।
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