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बलकरा की ज्योति सेना में बनीं लेफ्टिनेंट
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लेफ्टिनेंट ज्योति।
- फोटो : CharkhiDadri
किसान व सेना परिवार से संबंध रखने वाली दादरी के गांव बलकरा निवासी ज्योति कालेहर कमीशन प्राप्त कर सेना में लेफ्टिनेंट बनी हैं। ज्योति ने आर्मी में हवलदार तैनात पिता से प्रेरणा लेते हुए बचपन से ही देश सेवा करने फैसला कर लिया था। उनकी नियुक्ति कानपुर के सेना अस्पताल में लेफ्टिनेंट के पद पर हुई है।
ज्योति के पिता सत्यनारायण और मां बबली देवी ने अपनी संतान की सफलता पर खुशी जाहिर की है। सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद ज्योति की तैनाती सेना अस्पताल कानपुर में हुई है। इनकी प्राथमिक शिक्षा गांव बलकरा में हुई और बाद में दिल्ली से चार साल की ट्रेनिंग के बाद पास आउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट तैनात हुई हैं। ज्योति ने बताया कि पिता व मामा सेना में थे जिसके चलते उसने भी इसे ही अपना लक्ष्य बनाया था।
लड़कियां देश सेवा के लिए आएं आगे
लेफ्टिनेंट ज्योति कालेहर का कहना है कि लड़कियां भी देश सेवा के लिए सेना में आएं। उन्हें कभी भी सपनों से समझौता नहीं करना चाहिए और कड़ी मेहनत से सफलता जरूर मिलती है।
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ज्योति के पिता सत्यनारायण और मां बबली देवी ने अपनी संतान की सफलता पर खुशी जाहिर की है। सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद ज्योति की तैनाती सेना अस्पताल कानपुर में हुई है। इनकी प्राथमिक शिक्षा गांव बलकरा में हुई और बाद में दिल्ली से चार साल की ट्रेनिंग के बाद पास आउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट तैनात हुई हैं। ज्योति ने बताया कि पिता व मामा सेना में थे जिसके चलते उसने भी इसे ही अपना लक्ष्य बनाया था।
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लड़कियां देश सेवा के लिए आएं आगे
लेफ्टिनेंट ज्योति कालेहर का कहना है कि लड़कियां भी देश सेवा के लिए सेना में आएं। उन्हें कभी भी सपनों से समझौता नहीं करना चाहिए और कड़ी मेहनत से सफलता जरूर मिलती है।
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