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Charkhi Dadri News: सरदार झाडू सिंह जयंती पर होंगे विशेष कार्यक्रम
Tue, 17 Dec 2024 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 17 Dec 2024 12:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। 17 दिसंबर को सरदार झाडू सिंह का जन्मदिवस मनाया जाएगा। पूर्व डीईओ कुलदीप फोगाट ने बताया कि फोगाटों की दादरी झाडू सिंह सरदार के नाम से जानी जाती है।
उन्होंने बताया कि 17वीं शताब्दी में जोधपुर के राजा साहब राजा जसवंत सिंह ने दादरी के एक साधारण किसान के अतिथि सत्कार से खुश हुए। यह साधारण किसान झाडू सिंह थे, जो बाद में सरदार झाडू सिंह के नाम से प्रसिद्ध हुए। इनको सरदार की उपाधि के साथ 12 गांवों की जागीर भी सौंपी गई।
कुलदीप फोगाट ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मास्टर हुक्म सिंह के प्रयत्नों के फलस्वरूप सरदार झाडू सिंह फोगाट चौक पर सरदार झाडू सिंह की प्रतिमा स्थापित की गई थी।
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पाना प्रधान राजेंद्र फोगाट ने बताया कि सरदार झाडू सिंह का जन्म लाधान पाना निवासी भगवान सिंह के घर पर हुआ था। सरदार झाडू सिंह के घर तीन पुत्र रूप सिंह, इंद्राज सिंह व शोभाचंद पैदा हुए। इनके नामों से ही नगर में लाधान पाना के तीन ठोलों का नाम पड़ा।
जोधपुर के राजा झाडू सिंह के सेवा भाव व अतिथि सत्कार को देखकर इतने प्रभावित हुए थे कि उनको दिल्ली अपने दरबार में बुलाया गया। झाडू सिंह को बादशाह ने स्वयं खड़े होकर अपने साथ गद्दी पर बैठाया और झाडू सिंह को सरदार का खिताब दिया।
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चरखी दादरी। 17 दिसंबर को सरदार झाडू सिंह का जन्मदिवस मनाया जाएगा। पूर्व डीईओ कुलदीप फोगाट ने बताया कि फोगाटों की दादरी झाडू सिंह सरदार के नाम से जानी जाती है।
उन्होंने बताया कि 17वीं शताब्दी में जोधपुर के राजा साहब राजा जसवंत सिंह ने दादरी के एक साधारण किसान के अतिथि सत्कार से खुश हुए। यह साधारण किसान झाडू सिंह थे, जो बाद में सरदार झाडू सिंह के नाम से प्रसिद्ध हुए। इनको सरदार की उपाधि के साथ 12 गांवों की जागीर भी सौंपी गई।
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कुलदीप फोगाट ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मास्टर हुक्म सिंह के प्रयत्नों के फलस्वरूप सरदार झाडू सिंह फोगाट चौक पर सरदार झाडू सिंह की प्रतिमा स्थापित की गई थी।
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पाना प्रधान राजेंद्र फोगाट ने बताया कि सरदार झाडू सिंह का जन्म लाधान पाना निवासी भगवान सिंह के घर पर हुआ था। सरदार झाडू सिंह के घर तीन पुत्र रूप सिंह, इंद्राज सिंह व शोभाचंद पैदा हुए। इनके नामों से ही नगर में लाधान पाना के तीन ठोलों का नाम पड़ा।
जोधपुर के राजा झाडू सिंह के सेवा भाव व अतिथि सत्कार को देखकर इतने प्रभावित हुए थे कि उनको दिल्ली अपने दरबार में बुलाया गया। झाडू सिंह को बादशाह ने स्वयं खड़े होकर अपने साथ गद्दी पर बैठाया और झाडू सिंह को सरदार का खिताब दिया।