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Charkhi Dadri News: किसानों की जगह फर्जी काश्तकारों को दे दिया भावांतर भरपाई योजना का लाभ
Wed, 16 Aug 2023 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 16 Aug 2023 11:23 PM IST
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चरखी दादरी। भावांतर भरपाई योजना के तहत तिवाला के करीब 70 किसानों के हक की राशि हड़पने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत ने इस संबंध में सदर थाने में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस को दी शिकायत में तिवाला सरपंच अनिल ने बताया कि वर्ष 2021 में गांव के किसानों ने बाजरा की फसल बेची थी। सरकार की घोषणा के अनुसार 700 रुपये प्रति क्विंटल की राशि किसानों के खाते में आनी थी। उस दौरान साजिश के तहत किसानों की जगह अन्य लोगों को किसी ने जमीन का काश्तकार दिखा दिया।
इस कारण योजना के तहत सरकार की ओर से डाले जानी वाली राशि किसानों की जगह फर्जी काश्तकार को मिल गई। सरपंच अनिल समेत किसान जगवीर सिंह, रमेश, धर्मवीर व सुक्रमपाल आदि ने बताया कि गांव के करीब 70 किसानों के साथ ऐसा हुआ है और इसके जरिये जालसाजों ने करीब 50 लाख रुपये की राशि हड़प ली है। उन्होंने सदर थाना पुलिस को शिकायत देकर इस जालसाजी में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और उनसे धनराशि की रिकवरी करने की मांग की है।
दो बार पंचायत मिली डीसी से
तिवाला के किसानों के अनुसार इस मसले को लेकर दो बार ग्राम पंचायत जिला उपायुक्त प्रीति से मिली। उस दौरान उपायुक्त ने उन्हें फर्जीवाड़ा के सभी दस्तावेज मुहैया करवाने की बात कही। इसके बाद किसानों ने दस्तावेज जुटाने शुरू किए और अब पुलिस को शिकायत दी है।
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यूं किया गया फर्जीवाड़ा
सरपंच अनिल ने बताया कि 2021 में बाजरा बेचने वाले किसानों की जगह दूसरों को काश्तकार दिखाया गया। इसके चलते सरकार की घोषणा के अनुसार 700 रुपये प्रति क्विंटल की राशि इन किसानों के बजाय उनके खातों में गई जो फर्जी काश्तकार थे। गांव के किसानों के बजाय उन्हीं के नाम और खाता संख्या पोर्टल पर अपलोड की गई।
गांव के करीब 70 किसानों के साथ ऐसा करके 50 लाख की चपत लगाई गई है। हमने मामले की शिकायत पुलिस को दे दी है। पुलिस से आरोपियों पर कार्रवाई और किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की गई है।
अनिल कुमार, सरपंच, तिवाला
पुलिस ने शिकायत के आधार पर इस संबंध में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बीर सिंह, सदर थाना प्रभारी
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इस कारण योजना के तहत सरकार की ओर से डाले जानी वाली राशि किसानों की जगह फर्जी काश्तकार को मिल गई। सरपंच अनिल समेत किसान जगवीर सिंह, रमेश, धर्मवीर व सुक्रमपाल आदि ने बताया कि गांव के करीब 70 किसानों के साथ ऐसा हुआ है और इसके जरिये जालसाजों ने करीब 50 लाख रुपये की राशि हड़प ली है। उन्होंने सदर थाना पुलिस को शिकायत देकर इस जालसाजी में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और उनसे धनराशि की रिकवरी करने की मांग की है।
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दो बार पंचायत मिली डीसी से
तिवाला के किसानों के अनुसार इस मसले को लेकर दो बार ग्राम पंचायत जिला उपायुक्त प्रीति से मिली। उस दौरान उपायुक्त ने उन्हें फर्जीवाड़ा के सभी दस्तावेज मुहैया करवाने की बात कही। इसके बाद किसानों ने दस्तावेज जुटाने शुरू किए और अब पुलिस को शिकायत दी है।
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यूं किया गया फर्जीवाड़ा
सरपंच अनिल ने बताया कि 2021 में बाजरा बेचने वाले किसानों की जगह दूसरों को काश्तकार दिखाया गया। इसके चलते सरकार की घोषणा के अनुसार 700 रुपये प्रति क्विंटल की राशि इन किसानों के बजाय उनके खातों में गई जो फर्जी काश्तकार थे। गांव के किसानों के बजाय उन्हीं के नाम और खाता संख्या पोर्टल पर अपलोड की गई।
गांव के करीब 70 किसानों के साथ ऐसा करके 50 लाख की चपत लगाई गई है। हमने मामले की शिकायत पुलिस को दे दी है। पुलिस से आरोपियों पर कार्रवाई और किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की गई है।
अनिल कुमार, सरपंच, तिवाला
पुलिस ने शिकायत के आधार पर इस संबंध में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बीर सिंह, सदर थाना प्रभारी