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एक दिन में प्रशासन की टीम कुत्तों और लावारिस गोवंश का करेगी सर्वे
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उपायुक्त राजेश जोगपाल ने नगर परिषद और पशुपालन विभाग को शहर में लावारिस गोवंश और कुत्तों की संख्या का पता लगाने के आदेश दिए है। प्रशासन की संयुक्त टीम को यह काम एक ही दिन में पूरा करना है। सर्दी में गोवंश से होने वाले हादसों को रोकने के लिए उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से ये काम करने के आदेश दिए है। उन्होंने कहा कि कुत्ते रखने वाले सभी लोगों के रजिस्ट्रेशन किए जाएं और उन्हें नगर परिषद की तरफ से एक टोकन नंबर दिया जाए।
उपायुक्त राजेश जोगपाल ने बताया कि इस सर्वे से शहर में लावारिस गोवंश का पता चलेगा। इसके साथ ही पालतू कुत्तों को नगर नरिषद के तहत रजिस्टर्ड करने के आदेश भी बैठक में दिए गए। उन्होंने कहा कि आजकल धुंध के कारण दृष्टता कम रहती है और कई बार वाहन चालकों को लावारिस पशु नजर नहीं आ पाते हैं, जिसके कारण सड़क दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसी दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद और पशुपालन विभाग एक दिन निश्चित कर ले और उसी दिन शहर में सभी बेसहारा गोवंश और कुत्तों का सर्वे किया जाए।
शहर के साथ गांवों में भी होगा सर्वे
उपायुक्त ने कहा कि संबंधित बीडीपीओ और पशुपालन विभाग की ओर से ऐसा ही सर्वे जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जाए। इससे शहर और ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे बेसहारा पशुओं और कुत्तों की वास्तविक संख्या का पता चलेगा। इसके बाद बेसहारा पशुओं के गले में रिफ्लेक्टिड कॉलर लगाया जाए, जो वाहनों की लाइट पडने पर स्पष्ट नजर आ सके। उन्होंने कहा कि सर्वे के बाद बेसहारा पशुओं और कुत्तों की रिपोर्ट वार्ड और लिंग के आधार पर तैयार की जाए।
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पालतू कुत्ते का करवाना होगा पंजीकरण, गले में लगाना पड़ेगा टोकन
उपायुक्त राजेश जोगपाल ने नगर परिषद को निर्देश दिए कि नगर पालिका एक्ट के तहत पालतू कुत्तों का पंजीकरण किया जाए। सरकार के नियमों के अनुसार पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को एक फार्म भरकर नगर परिषद में जमा कराना होता है। इच्छुक लोगों को नगर परिषद की ओर से यह फार्म उपलब्ध करवाया जाता है। आवेदन के बाद नगर परिषद संबंधित कुत्ते के लिए एक टोकन जारी करता है, जिसे उस कुत्ते के गले में डालना होता है। उपायुक्त ने सुशासन सहयोगी रूपकुंवर को निर्देश दिए कि डॉग रजिस्ट्रेशन का कार्य सरल सेवाओं में शामिल किया जाए।
कलियाणा नंदीशाला की जमीन का अधिकारी करेंगे दौरा
शहर में चल रही नंदीशाला को किसी दूसरे स्थान पर विस्थापित करने की संभावनाएं तलाशने को लेकर भी उपायुक्त ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले कलियाणा गांव में गोशाला चलती थी, जो आजकल बंद है और यहां पंचायत विभाग की लगभग 10 एकड़ भूमि है, जिसकी फेसिंग की हुई है। संबंधित अधिकारी इस भूमि का सर्वे कर नंदीशाला को यहां शुरू करने की संभावनाओं को तलाशें।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में नगराधीश अमित मान, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. जसवंत जून, नगरपरिषद सचिव प्रशांत पाराशर, सफाई निरीक्षक राजकुमार, पंचायत विभाग से विकास राणा आदि उपस्थित रहे।
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उपायुक्त राजेश जोगपाल ने बताया कि इस सर्वे से शहर में लावारिस गोवंश का पता चलेगा। इसके साथ ही पालतू कुत्तों को नगर नरिषद के तहत रजिस्टर्ड करने के आदेश भी बैठक में दिए गए। उन्होंने कहा कि आजकल धुंध के कारण दृष्टता कम रहती है और कई बार वाहन चालकों को लावारिस पशु नजर नहीं आ पाते हैं, जिसके कारण सड़क दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसी दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद और पशुपालन विभाग एक दिन निश्चित कर ले और उसी दिन शहर में सभी बेसहारा गोवंश और कुत्तों का सर्वे किया जाए।
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शहर के साथ गांवों में भी होगा सर्वे
उपायुक्त ने कहा कि संबंधित बीडीपीओ और पशुपालन विभाग की ओर से ऐसा ही सर्वे जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जाए। इससे शहर और ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे बेसहारा पशुओं और कुत्तों की वास्तविक संख्या का पता चलेगा। इसके बाद बेसहारा पशुओं के गले में रिफ्लेक्टिड कॉलर लगाया जाए, जो वाहनों की लाइट पडने पर स्पष्ट नजर आ सके। उन्होंने कहा कि सर्वे के बाद बेसहारा पशुओं और कुत्तों की रिपोर्ट वार्ड और लिंग के आधार पर तैयार की जाए।
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पालतू कुत्ते का करवाना होगा पंजीकरण, गले में लगाना पड़ेगा टोकन
उपायुक्त राजेश जोगपाल ने नगर परिषद को निर्देश दिए कि नगर पालिका एक्ट के तहत पालतू कुत्तों का पंजीकरण किया जाए। सरकार के नियमों के अनुसार पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को एक फार्म भरकर नगर परिषद में जमा कराना होता है। इच्छुक लोगों को नगर परिषद की ओर से यह फार्म उपलब्ध करवाया जाता है। आवेदन के बाद नगर परिषद संबंधित कुत्ते के लिए एक टोकन जारी करता है, जिसे उस कुत्ते के गले में डालना होता है। उपायुक्त ने सुशासन सहयोगी रूपकुंवर को निर्देश दिए कि डॉग रजिस्ट्रेशन का कार्य सरल सेवाओं में शामिल किया जाए।
कलियाणा नंदीशाला की जमीन का अधिकारी करेंगे दौरा
शहर में चल रही नंदीशाला को किसी दूसरे स्थान पर विस्थापित करने की संभावनाएं तलाशने को लेकर भी उपायुक्त ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले कलियाणा गांव में गोशाला चलती थी, जो आजकल बंद है और यहां पंचायत विभाग की लगभग 10 एकड़ भूमि है, जिसकी फेसिंग की हुई है। संबंधित अधिकारी इस भूमि का सर्वे कर नंदीशाला को यहां शुरू करने की संभावनाओं को तलाशें।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में नगराधीश अमित मान, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. जसवंत जून, नगरपरिषद सचिव प्रशांत पाराशर, सफाई निरीक्षक राजकुमार, पंचायत विभाग से विकास राणा आदि उपस्थित रहे।