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Charkhi Dadri News: मानसून में सामान्य से अधिक हुई बारिश, शहर से प्रतिदिन 9 एमएलडी पानी का उठान
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चरखी दादरी में सीवर लाइनों से पानी का उठान करने के लिए एसटीपी पर चलाई गईं मोटरें। संवाद
चरखी दादरी। इस मानसून में सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण दादरी शहर में प्रतिदिन आठ से नौ एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) पानी का उठान किया जा रहा है। लगातार हो रही बारिश से पानी की मात्रा बढ़ गई है, लेकिन सीवरेज विभाग ने इसे नियंत्रित करने के लिए कड़े प्रयास किए हैं।
शहर की सीवर लाइनों की सफाई इस बार एक माह पहले करवाई गई थी, जिससे विभाग को काफी राहत मिली है। इसके साथ ही, नए पंपिंग स्टेशनों के निर्माण और पुराने स्टेशनों के अपग्रेडेशन से पानी की निकासी दोगुनी हो गई है। कीकर वासनी क्षेत्र, तिकोना पार्क और डूंगरवाला जोहड़ के पास नए पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें 20, 25, 40 और 50 हॉर्सपावर की मोटरें लगाई गई हैं। कर्मचारी 24 घंटे मोटरों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि पानी का निर्बाध उठान हो सके।
डूंगरवाला जोहड़ में जाता है 45 प्रतिशत पानी
डूंगरवाला जोहड़ के माध्यम से शहर के लगभग 45 प्रतिशत हिस्से का सीवर पानी निकाला जाता है। इससे पहले बाजारों में अक्सर जलभराव की समस्या होती थी, लेकिन इस बार नए पंपिंग स्टेशनों के कारण ऐसी कोई समस्या नहीं हुई है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक इस माह में 260 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से अधिक है। नई व्यवस्थाओं से आम लोगों और दुकानदारों को जलभराव से राहत मिली है और जनस्वास्थ्य विभाग को पानी निकासी में मदद मिल रही है।
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एसटीपी पर लगातार चलाई जा रहीं मोटरें
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एसटीपी के लिए हायर की गई एजेंसी के कर्मचारी लगातार मोटरें चलाकर शहर की सीवर लाइनों से पानी का उठान कर रहे हैं। इसके बाद पाइपलाइन के जरिये पानी आगे ड्रेन नंबर 8 तक पहुंचाया जा रहा है। पानी का दबाव ज्यादा होने के कारण दो बार ड्रेन नंबर 8 की पाइपलाइन लीकेज भी कर चुकी है।
शहर में जलभराव की नौबत नहीं आने दी जाएगी। पानी का लगातार उठान किया जा रहा है। विभाग कर्मचारी 24 घंटे निगरानी रखे हुए हैं। बारिश होने के बाद तीन से चार घंटे में शहर से पानी की निकासी कर दी जाती है। पानी निकासी की परियोजनाओं का काफी लाभ मिला है। - मुकेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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शहर की सीवर लाइनों की सफाई इस बार एक माह पहले करवाई गई थी, जिससे विभाग को काफी राहत मिली है। इसके साथ ही, नए पंपिंग स्टेशनों के निर्माण और पुराने स्टेशनों के अपग्रेडेशन से पानी की निकासी दोगुनी हो गई है। कीकर वासनी क्षेत्र, तिकोना पार्क और डूंगरवाला जोहड़ के पास नए पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें 20, 25, 40 और 50 हॉर्सपावर की मोटरें लगाई गई हैं। कर्मचारी 24 घंटे मोटरों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि पानी का निर्बाध उठान हो सके।
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डूंगरवाला जोहड़ में जाता है 45 प्रतिशत पानी
डूंगरवाला जोहड़ के माध्यम से शहर के लगभग 45 प्रतिशत हिस्से का सीवर पानी निकाला जाता है। इससे पहले बाजारों में अक्सर जलभराव की समस्या होती थी, लेकिन इस बार नए पंपिंग स्टेशनों के कारण ऐसी कोई समस्या नहीं हुई है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक इस माह में 260 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से अधिक है। नई व्यवस्थाओं से आम लोगों और दुकानदारों को जलभराव से राहत मिली है और जनस्वास्थ्य विभाग को पानी निकासी में मदद मिल रही है।
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एसटीपी पर लगातार चलाई जा रहीं मोटरें
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एसटीपी के लिए हायर की गई एजेंसी के कर्मचारी लगातार मोटरें चलाकर शहर की सीवर लाइनों से पानी का उठान कर रहे हैं। इसके बाद पाइपलाइन के जरिये पानी आगे ड्रेन नंबर 8 तक पहुंचाया जा रहा है। पानी का दबाव ज्यादा होने के कारण दो बार ड्रेन नंबर 8 की पाइपलाइन लीकेज भी कर चुकी है।
शहर में जलभराव की नौबत नहीं आने दी जाएगी। पानी का लगातार उठान किया जा रहा है। विभाग कर्मचारी 24 घंटे निगरानी रखे हुए हैं। बारिश होने के बाद तीन से चार घंटे में शहर से पानी की निकासी कर दी जाती है। पानी निकासी की परियोजनाओं का काफी लाभ मिला है। - मुकेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग