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हेड ऑफिस ने दिए मॉलीकुलर कोरोना टेस्टिंग लैब का प्रस्ताव तैयार करने के आदेश
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कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य विभाग पिछले आठ महीने में 96 हजार से अधिक सैंपल ले चुका है। इन सैंपल को जांच के लिए रोहतक पीजीआई, बीपीएस खानपुर, यमुनानगर, पंचकूला, रेवाड़ी आदि जिलों में जांच के लिए भेजा गया है, लेकिन लैब से रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। इस सब को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में मॉलीकुलर लैब खोलने के लिए स्थानीय अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा है।
15 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग पंचकूला से सीएमओ ऑफिस में मॉलीकुलर लैब बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के आदेश मिले हैं। सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने नोडल कोरोना अधिकारी गौरव भारद्वाज को लैब का प्रारूप तैयार करने के आदेश दिए हैं। सीएमओ ने बताया कि हेड ऑफिस ने मॉलीकुलर लैब का प्रस्ताव डीसी ऑफिस की मार्फत भेजने के आदेश दिए है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया जाएगा। अभी जिले में ट्रू नेट मशीन से ही कोरोना सैंपल की जांच की जा रही है, लेकिन इस मशीन के जरिये 75 मिनट में केवल दो ही सैंपल की जांच हो पाती है। इसलिए सैंपल जांच के लिए दूसरे जिलों की लैब में भेजे जाते है और वहां से रिपोर्ट में काफी समय लग रहा है। करीब एक सप्ताह पहले भेजे सैंपलों की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है और इसके चलते लोग परेशान हैं।
डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखा था लैब का प्रस्ताव
जिले में मॉलीकुलर लैब बनाने का प्रस्ताव डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने गत 25 सितंबर को दादरी लघु सचिवालय से वीडियो कांफ्रेंस में भाग लेते समय स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज के सामने रखा था। उन्होंने तुरंत इसे स्वीकृति दे दी थी। ढाई माह बाद भी मॉलीकुलर लैब शुरू करने की योजना पर काम शुरू न होने पर अमर उजाला ने गत 13 दिसंबर के संस्करण में इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और स्थानीय प्रशासन को प्रारूप तैयार करने के आदेश दे दिए है।
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औसतन 800 सैंपल लिए जा रहे प्रतिदिन
जिले से प्रतिदिन औसतन करीब 800 सैंपल लिए जा रहे हैं जिनमें से 500 सैंपल रोहतक पीजीआई भेजे जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सैंपल पीजीआई के अलावा अंबाला भेजे जा रहे हैं। मॉलीकुलर लैब बनने के बाद प्रतिदिन 900 सैंपलों की जांच सिविल अस्पताल में ही हो जाएगी और 24 घंटे के अंदर सैंपल देने वालों को रिपोर्ट भी मिल जाएगी।
वाहनों ने तय की 38 हजार किलोमीटर की दूरी
दादरी स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी ने रोहतक पीजीआई के अब तक 250 चक्कर लगाए है और एक चक्कर में 120 किलोमीटर की दूरी तय की गई है। इस लिहाज से रोहतक आने-जाने में 30 हजार किलोमीटर की दूरी तय हुई है। सोनीपत के 20 चक्कर लगे हैं और प्रति चक्कर 180 किलोमीटर के लिहाज से 3600 किलोमीटर की दूरी तय हुई है। अंबाला के चार चक्कर लगे हैं और प्रतिदिन चक्कर 450 किलोमीटर की दूरी तय हुई है। यमुनानगर का एक चक्कर लगा है और करीब 450 किलोमीटर वाहन चला है। रेवाड़ी का एक चक्कर लगा है और 180 किलोमीटर की दूरी तय हुई है। पंचकूला का एक चक्कर लगा है और करीब 650 किलोमीटर की दूरी तय हुई है। इस दौरान करीब 2.5 लाख रुपये के डीजल की खपत हुई है।
ढाई से तीन हजार सैंपलों की रिपोर्ट रहती है पेंडिंग
पीजीआई के 500 से अधिक सैंपल स्वीकार न करने के चलते सैंपल रिपोर्ट अन्य जिलों में भेजने पड़ रहे हैं। वहां भी वर्कलोड की अधिकता के चलते जिले के सैंपलों की रिपोर्ट समय से नहीं आ पा रही है। पिछले अगर एक महीने की बात करें, तो ढाई से तीन हजार सैंपलों की रिपोर्ट लंबित चल रही है।
सैंपल रिपोर्ट देरी से मिलने पर अटके लोगों के काम
केस-1:- शहर के वार्ड-तीन निवासी 30 वर्षीय मणिकांत ने बताया कि उसे बहादुरगढ़ एक कंपनी में नौकरी ज्वाइन करने जाना है। उससे कोरोना टेस्ट रिपोर्ट मांगी गई है। गत चार दिसंबर को उसने सैंपल दिया था, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। 17 दिसंबर को वह दूसरी बारी सैंपल ़देने पहुंचा।
केस-2:- सुभाष चौक निवासी महेंद्र ने बताया कि उसने गत सात दिसंबर को सैंपल दिया था। दस दिन बीतने पर भी उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। वीरवार को वह अस्पताल पहुंचा तो रिपोर्ट एक-दो दिन में आने की बात उसे कही गई। महेंद्र ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद उसे स्कूल में जमा करवानी है।
हेड ऑफिस से 15 दिसंबर को मॉलीकुलर लैब बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के आदेश मिले हैं। मैंने इस संबंध में कोरोना नोडल अधिकारी को तुरंत प्रभाव से प्रपोजल तैयार करने के आदेश दे दिए है। जल्द से जल्द जिले में लैब खोलने का हमारा प्रयास रहेगा।
सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी
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15 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग पंचकूला से सीएमओ ऑफिस में मॉलीकुलर लैब बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के आदेश मिले हैं। सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने नोडल कोरोना अधिकारी गौरव भारद्वाज को लैब का प्रारूप तैयार करने के आदेश दिए हैं। सीएमओ ने बताया कि हेड ऑफिस ने मॉलीकुलर लैब का प्रस्ताव डीसी ऑफिस की मार्फत भेजने के आदेश दिए है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया जाएगा। अभी जिले में ट्रू नेट मशीन से ही कोरोना सैंपल की जांच की जा रही है, लेकिन इस मशीन के जरिये 75 मिनट में केवल दो ही सैंपल की जांच हो पाती है। इसलिए सैंपल जांच के लिए दूसरे जिलों की लैब में भेजे जाते है और वहां से रिपोर्ट में काफी समय लग रहा है। करीब एक सप्ताह पहले भेजे सैंपलों की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है और इसके चलते लोग परेशान हैं।
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डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखा था लैब का प्रस्ताव
जिले में मॉलीकुलर लैब बनाने का प्रस्ताव डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने गत 25 सितंबर को दादरी लघु सचिवालय से वीडियो कांफ्रेंस में भाग लेते समय स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज के सामने रखा था। उन्होंने तुरंत इसे स्वीकृति दे दी थी। ढाई माह बाद भी मॉलीकुलर लैब शुरू करने की योजना पर काम शुरू न होने पर अमर उजाला ने गत 13 दिसंबर के संस्करण में इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और स्थानीय प्रशासन को प्रारूप तैयार करने के आदेश दे दिए है।
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औसतन 800 सैंपल लिए जा रहे प्रतिदिन
जिले से प्रतिदिन औसतन करीब 800 सैंपल लिए जा रहे हैं जिनमें से 500 सैंपल रोहतक पीजीआई भेजे जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सैंपल पीजीआई के अलावा अंबाला भेजे जा रहे हैं। मॉलीकुलर लैब बनने के बाद प्रतिदिन 900 सैंपलों की जांच सिविल अस्पताल में ही हो जाएगी और 24 घंटे के अंदर सैंपल देने वालों को रिपोर्ट भी मिल जाएगी।
वाहनों ने तय की 38 हजार किलोमीटर की दूरी
दादरी स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी ने रोहतक पीजीआई के अब तक 250 चक्कर लगाए है और एक चक्कर में 120 किलोमीटर की दूरी तय की गई है। इस लिहाज से रोहतक आने-जाने में 30 हजार किलोमीटर की दूरी तय हुई है। सोनीपत के 20 चक्कर लगे हैं और प्रति चक्कर 180 किलोमीटर के लिहाज से 3600 किलोमीटर की दूरी तय हुई है। अंबाला के चार चक्कर लगे हैं और प्रतिदिन चक्कर 450 किलोमीटर की दूरी तय हुई है। यमुनानगर का एक चक्कर लगा है और करीब 450 किलोमीटर वाहन चला है। रेवाड़ी का एक चक्कर लगा है और 180 किलोमीटर की दूरी तय हुई है। पंचकूला का एक चक्कर लगा है और करीब 650 किलोमीटर की दूरी तय हुई है। इस दौरान करीब 2.5 लाख रुपये के डीजल की खपत हुई है।
ढाई से तीन हजार सैंपलों की रिपोर्ट रहती है पेंडिंग
पीजीआई के 500 से अधिक सैंपल स्वीकार न करने के चलते सैंपल रिपोर्ट अन्य जिलों में भेजने पड़ रहे हैं। वहां भी वर्कलोड की अधिकता के चलते जिले के सैंपलों की रिपोर्ट समय से नहीं आ पा रही है। पिछले अगर एक महीने की बात करें, तो ढाई से तीन हजार सैंपलों की रिपोर्ट लंबित चल रही है।
सैंपल रिपोर्ट देरी से मिलने पर अटके लोगों के काम
केस-1:- शहर के वार्ड-तीन निवासी 30 वर्षीय मणिकांत ने बताया कि उसे बहादुरगढ़ एक कंपनी में नौकरी ज्वाइन करने जाना है। उससे कोरोना टेस्ट रिपोर्ट मांगी गई है। गत चार दिसंबर को उसने सैंपल दिया था, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। 17 दिसंबर को वह दूसरी बारी सैंपल ़देने पहुंचा।
केस-2:- सुभाष चौक निवासी महेंद्र ने बताया कि उसने गत सात दिसंबर को सैंपल दिया था। दस दिन बीतने पर भी उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। वीरवार को वह अस्पताल पहुंचा तो रिपोर्ट एक-दो दिन में आने की बात उसे कही गई। महेंद्र ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद उसे स्कूल में जमा करवानी है।
हेड ऑफिस से 15 दिसंबर को मॉलीकुलर लैब बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के आदेश मिले हैं। मैंने इस संबंध में कोरोना नोडल अधिकारी को तुरंत प्रभाव से प्रपोजल तैयार करने के आदेश दे दिए है। जल्द से जल्द जिले में लैब खोलने का हमारा प्रयास रहेगा।
सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी