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ओलावृष्टि : फसलों को काफी नुकसान, किसानों के टूटे अरमान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Feb 2022 12:53 AM IST
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Hail: A lot of damage to crops, broken wishes of farmers
चरखी दादरी/बाढड़ा। जिले के 39 गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसका सबसे अधिक असर सरसों की फसल और सब्जियों पर पड़ा है। शनिवार दोपहर तक 150 किसानों ने कृषि विभाग कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करवाई। किसान सोमवार तक कृषि विभाग कार्यालय में अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं। 72 घंटे के बाद शिकायत पर अमल नहीं हो सकेगा। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का प्रारंभिक तौर पर आंकलन किया। प्रारंभिक तौर पर सरसों की फसल में 50 प्रतिशत व इससे अधिक नुकसान का अनुमान है। जिले में इस समय 70 हजार एकड़ में सरसों की फसल पककर तैयार खड़ी है।
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शुक्रवार शाम को जिला के खासकर बाढड़ा उपमंडल के गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। तेज हवाओं के साथ बारिश और उसके बाद ओले गिरे और खेतों में बर्फ की चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से रबी की नकदी माने जाने वाली सरसों की फसल में 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने की आशंका है। गेहूं की फसल में 25 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है, क्योकि गेहूं के पौधे में अभी बालियां निकल रही हैं।
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कृषि विभाग के पास किसानों की शिकायतों के आधार पर अब तक 39 गांवों में ओलावृष्टि से नुकसान होने का अनुमान है। इन गांवों में प्रमुख रूप से खोरड़ा, कारी तोखा, कारी आदू, कारी मोद, भांडवा, आर्यनगर, कुब्जानगर, लाड, नांधा, कादमा, उमरवास, हंसावास, बडराई, ढिगावा व आसपास के कई गांवों में ओलावृष्टि से ज्यादा नुकसान है। 39 गांवों की सूची कृषि विभाग ने एसडीएम को सौंपी है ताकि इस पर अगला निर्णय लिया जा सके।
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कल तक किसान विभाग को दे सकते हैं शिकायत -
कृषि विभाग सोमवार तक प्रभावित किसानों की शिकायतें लेगा। ओलावृष्टि के 72 घंटों तक किसान शिकायत दर्ज करवा सकता है। अब कृषि विभाग कार्यालय में 150 किसानों ने लिखित में शिकायत दे दी है। सोमवार के बाद विभाग अधिकारी नुकसान का आंकलन करेंगे।
- ओलावृष्टि से इन फसलों को नुकसान
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ओलावृष्टि से चना, सब्जी की खेती में और भी ज्यादा नुकसान है। बिजली की गरज मात्र से ही चना के फूल खराब हो जाते हैं। पौधों की शाखाएं टूट जाती हैं। जनवरी माह में हुई 65 एमएम बारिश व करीब 15 दिनों तक सर्दी में धूप नहीं खिलने की वजह से सरसों पहले ही रोगों की चपेट में आ गई थी। सरसों में व्हाइट ट्रस्ट रोग की शिकायत बढ़ गई थी। अब ओलावृष्टि व बारिश से और ज्यादा नुकसान हो गया है।
- किसान नेता बोले : जल्द हो स्पेशल गिरदावरी
जनहित किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील पहलवान व यूनियन प्रवक्ता शमशेर सिंह का कहना है कि ओलावृष्टि प्रभावित फसलों की जल्द ही गिरदावरी शुरू करवानी चाहिए, ताकि किसान को नुकसान के एवज में मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों की दयनीय दशा को देखते हुए सरकार को यह कार्य अविलंब करवाना चाहिए।

- ये है बिजित फसलों का रकबा
फसल- रकबा (हेक्टेयर में)
सरसों- 70 हजार
गेहूं- 40 हजार
जौ- तीन हजार
चना- 350
सब्जी- 500
सरसों में प्रारंभिक आकलन के अनुसार 50 प्रतिशत व इससे अधिक नुकसान होने का अनुमान है। सोमवार तक किसान अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उसके बाद अगले निर्देशों के अनुसार विभाग प्रक्रिया शुरू करेगा।
- डॉ. अजय भामा, बीएओ।
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