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Charkhi Dadri News: किसानों ने टपका सिंचाई शुरू की तो 0.8 फुट बढ़ गया हंसावास कलां का भूजल स्तर
Sat, 10 Feb 2024 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 10 Feb 2024 01:05 AM IST
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टपका सिंचाई के लिए हंसावास कलां के खेत में लगा फव्वारा सिस्टम।
चरखी दादरी। जिले के पांच गांवों ने इस बार भूजल स्तर में सुधार कर नजीर पेश की है। बाढड़ा उपमंडल का हंसावास कलां गांव इनमें से एक है। हंसावास कलां में भूजल स्तर इस साल 0.23 मीटर यानी करीब 0.8 फुट बढ़ा है जबकि इससे पहले हर साल गांव में भूजल स्तर एक से डेढ़ फुट नीचे जाता था। किसानों के टपका सिंचाई अपनाने और भूजल का दोहन रुकना भी जलस्तर ऊपर आने का कारण है।
गांव के मौजिज लोगों की मानें तो किसानों में जागरूकता आई है और उन्होंने टपका सिंचाई शुरू कर दी है। वहीं, विभाग की ओर से बारिश के जल संचयन का प्रबंध करना भूजल स्तर के ऊपर आने का कारण है। वर्ष 2023 की बात करें तो हंसावास कलां में भूजल का स्तर 85.75 था जबकि वर्ष 2024 में से 85.52 पहुंच गया है।
गांव हंसावास कलां में जलस्तर बढ़ने के पीछे ग्रामीणों का योगदान भी कम नहीं है। भूजल विभाग तो अपने स्तर पर प्रयास कर ही रहा है साथ में विभाग की जागरूकता के चलते किसानों ने बोरिंग ट्यूबवेल के पानी से टपका सिंचाई शुरू कर दी है जिससे जमीनी पानी की बचत हो रही है। किसान अगर फसल की खुले में क्यारी बनाकर सिंचाई करते हैं तो इससे पानी की बर्बादी ज्यादा होती है जिससे जल का दोहन अधिक होता है।
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वहीं, विभाग ने इस गांव में बिल बोर्ड व सन बोर्ड लगा रखे हैं ताकि समय-समय पर ग्रामीणों को गांव के जलस्तर का पता चलता रहे और किसान सतर्क रहे। गांव के सरपंच रविंद्र कुमार ने बताया कि भूजल विभाग की ओर से अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं। समय- समय विभाग गांव में बैठक आयोजित कर लोगों को जागरूक कर रहा है। विभाग ने गांव में रेन गेज मीटर, पीजोमीटर भी लगा रखे हैं ताकि बारिश के पानी की नियमित रूप से जांच होती रहे। इससे जलस्तर व बारिश की ऑनलाइन रिपोर्ट हेड ऑफिस पहुंचती है।
ग्राम सभा में देंगे शुभ संकेत की जानकारी : सरपंच
सरपंच रविंद्र कुमार का कहना है कि गांव का जलस्तर बढ़ना अच्छा संकेत है। इससे ग्रामीणों का मनोबल बढ़ेगा और वे इस दिशा में मन लगाकर काम करेंगे और विभाग को पूरा सहयोग देंगे। सरपंच का कहना है कि उसे अमर उजाला समाचार-पत्र के जरिये जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली है। अब जल्द ही होने वाली ग्राम सभा में इस विषय को प्रमुखता से उठाएंगे और पंचायत के सभी सदस्यों व ग्रामीणों को जलस्तर बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगे ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए पानी का संकट नहीं होने पाए। इस गांव का भूजल स्तर 2023 में 85.75 मीटर था जो अब जनवरी 2024 में 85.52 मीटर हो गया है।
विभाग की ओर से इस गांव में समय-समय पर ग्रामीणों के साथ बैठक की जाती है। गांव में जलस्तर आंकड़ों के लिए बिलबोर्ड व सनबोर्ड भी लगा रखे ह्रैं। उम्मीद लोग विभाग का इसी प्रकार सहयोग करते रहेंगे। -खुर्शीद अहमद, सूचना-शिक्षा, संचार व जल विशेषज्ञ।
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गांव के मौजिज लोगों की मानें तो किसानों में जागरूकता आई है और उन्होंने टपका सिंचाई शुरू कर दी है। वहीं, विभाग की ओर से बारिश के जल संचयन का प्रबंध करना भूजल स्तर के ऊपर आने का कारण है। वर्ष 2023 की बात करें तो हंसावास कलां में भूजल का स्तर 85.75 था जबकि वर्ष 2024 में से 85.52 पहुंच गया है।
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गांव हंसावास कलां में जलस्तर बढ़ने के पीछे ग्रामीणों का योगदान भी कम नहीं है। भूजल विभाग तो अपने स्तर पर प्रयास कर ही रहा है साथ में विभाग की जागरूकता के चलते किसानों ने बोरिंग ट्यूबवेल के पानी से टपका सिंचाई शुरू कर दी है जिससे जमीनी पानी की बचत हो रही है। किसान अगर फसल की खुले में क्यारी बनाकर सिंचाई करते हैं तो इससे पानी की बर्बादी ज्यादा होती है जिससे जल का दोहन अधिक होता है।
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वहीं, विभाग ने इस गांव में बिल बोर्ड व सन बोर्ड लगा रखे हैं ताकि समय-समय पर ग्रामीणों को गांव के जलस्तर का पता चलता रहे और किसान सतर्क रहे। गांव के सरपंच रविंद्र कुमार ने बताया कि भूजल विभाग की ओर से अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं। समय- समय विभाग गांव में बैठक आयोजित कर लोगों को जागरूक कर रहा है। विभाग ने गांव में रेन गेज मीटर, पीजोमीटर भी लगा रखे हैं ताकि बारिश के पानी की नियमित रूप से जांच होती रहे। इससे जलस्तर व बारिश की ऑनलाइन रिपोर्ट हेड ऑफिस पहुंचती है।
ग्राम सभा में देंगे शुभ संकेत की जानकारी : सरपंच
सरपंच रविंद्र कुमार का कहना है कि गांव का जलस्तर बढ़ना अच्छा संकेत है। इससे ग्रामीणों का मनोबल बढ़ेगा और वे इस दिशा में मन लगाकर काम करेंगे और विभाग को पूरा सहयोग देंगे। सरपंच का कहना है कि उसे अमर उजाला समाचार-पत्र के जरिये जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली है। अब जल्द ही होने वाली ग्राम सभा में इस विषय को प्रमुखता से उठाएंगे और पंचायत के सभी सदस्यों व ग्रामीणों को जलस्तर बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगे ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए पानी का संकट नहीं होने पाए। इस गांव का भूजल स्तर 2023 में 85.75 मीटर था जो अब जनवरी 2024 में 85.52 मीटर हो गया है।
विभाग की ओर से इस गांव में समय-समय पर ग्रामीणों के साथ बैठक की जाती है। गांव में जलस्तर आंकड़ों के लिए बिलबोर्ड व सनबोर्ड भी लगा रखे ह्रैं। उम्मीद लोग विभाग का इसी प्रकार सहयोग करते रहेंगे। -खुर्शीद अहमद, सूचना-शिक्षा, संचार व जल विशेषज्ञ।