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मिड-डे मील वर्कर्स की समस्याओं की अनदेखी कर रही है सरकार : सुशीला

Sat, 30 May 2026 09:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 30 May 2026 09:53 PM IST
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Government ignoring the problems of mid-day meal workers: Sushila
मिड-डे-मील वर्कर्स की बैठक में विचार रखते हुए श्रमिक संगठन के पदाधिकारी।  - फोटो : 1
बाढड़ा। मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन की खंडस्तर की बैठक प्रधान राकेश की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में निर्मला जेवली ने कहा कि पांच जून को पानीपत में राज्यस्तरीय रैली होगी। इस दौरान शिक्षा मंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
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सुशीला डालावास ने कहा कि हरियाणा में 30 हजार मिड-डे-मिल वर्कर्स पिछले कई वर्षों से स्कूलों में छात्रों के लिए भोजन बनाने का कार्य कर रही हैं। सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के बड़े दावे करती है, जबकि वर्कर्स के मानदेय में वृद्धि नहीं की गई है। बढ़ती महंगाई के दौर में मिड-डे-मिल वर्कर्स कम मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं।
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सुशीला ने कहा कि वर्दी एवं अन्य सुविधाओं का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। वर्कर्स को न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन मिलना चाहिए। 12 माह का वेतन दिया जाए। सेवानिवृत्ति पर पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा मुआवजा दिया जाए।
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सुमेर सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों को बंद करने और मर्ज करने की नीति से हजारों मिड-डे-मिल वर्कर्स के रोजगार पर भी संकट खड़ा हो गया है। सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने के प्रयासों का विरोध किया जाएगा। बैठक में सुमन, कौशल्या, कविता, सोनिया, राजबाला, अनिता, सुनीता आदि मौजूद रहे।
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