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चोरी की फॉरच्यूनर को 15 और इनोवा 10 लाख में बेचता था गिरोह
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गिरोह से बरामद चोरी की इनोवा के साथ एसटीएफ।
- फोटो : CharkhiDadri
चोरी की लग्जरी गाड़ियों को फर्जी आरसी बनवाकर बेचने वाले गिरोह ने गाड़ी मॉडल के आधार पर रेट तय कर रखे थे। गाड़ियों को बेचने में यह गिरोह दलालों की मदद भी लेता था। कभी-कभी गिरोह सरगना अमित और प्रवीन खुद भी ग्राहक ढूंढ लेता था। गिरोह ने फर्जी आरसी बनवाने के बाद फॉरच्यूनर का रेट 15 लाख तो इनोवा का रेट 10 लाख तय किया हुआ था। इसकी पुष्टि एसटीएफ इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने की है।
इंस्पेक्टर देशवाल ने बताया कि गिरोह अब तक 31 लग्जरी गाड़ियों की रिकवरी करवा चुका है। चोरी के बाद गिरोह पहले चेसिस और इंजन नंबर बदलवाता था और इसके बाद महम अथॉरिटी से फर्जी आरसी बनवाकर ग्राहकों को गाड़ियां बेच देता था। गाड़ियों की कीमत छह से 15 लाख के बीच रहती थी। स्कोर्पियो का रेट छह से आठ लाख था, जबकि क्रेटा सात से नौ लाख के बीच बेची जाती थी।
एसटीएफ के अनुसार गिरोह दलालों की भी मदद लेता था। जांच में सामने आया है कि कुछ गाड़ी दलालों को गिरोह ने अपने निर्धारित रेट पर भी बेची हैं। दलालों ने वो गाड़ियां तीसरे व्यक्ति को बेच दी और इसके बदले दलालों ने भी अच्छा कमीशन लिया है। इन दलालों तक भी एसटीएफ जल्द पहुंच सकती है। फिलहाल गिरोह सरगना अमित को प्रोडेक्शन वारंट पर लेने की तैयार चल रही है। अमित के संपर्क महम के अलावा दादरी में भी थे। वह खुद भी लग्जरी गाड़ियां रखता था।
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दादरी से चार फॉरच्यूनर, तीन इनोवा, तीन स्कोर्पियो और दो क्रेटा हुई बरामद
इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि गिरोह ने 12 गाड़ियां दादरी से बरामद करवाई हैं। अब तक दादरी से चार फॉरच्यूनर, तीन इनोवा, तीन स्कोर्पियो व दो क्रेटा बरामद हुई हैं। दादरी जिले से अभी कम से कम 20 और गाड़ियों की बरामदगी की जानी है।
शराब ढोने में भी इस्तेमाल की जाती थीं चोरी की गाड़ियां
सूत्रों के अनुसार गिरोह 50 फीसदी रेटों पर ही नई लग्जरी गाड़ियां लोगों को बेचता था। कई रसूखदार लोगों को भी चोरी की लग्जरी गाड़ियां बेची गई हैं। बरामद गाड़ियां शराब ठेके से लेकर निजी तौर पर प्रयोग की जा रही थीं।
दलालों को देते थे मोटे कमीशन का लालच
सूत्रों के अनुसार हरियाणा के कई जिलों में इस गिरोह का नेटवर्क है। इनके गुुर्गे गाड़ियां बेचने के लिए दलालों को ढूंढते थे और मोटे कमीशन का लालच देकर उन्हें गाड़ियां बेच देते थे। कई दफा दलाल खुद गाड़ी खरीदकर आगे बेचते थे, जबकि कुछ केस में उनका प्रति गाड़ी कमीशन भी तय होता था।
गिरोह ने चोरी की लग्जरी गाड़ियां बेचने के रेट तय किए हुए थे। दलालों की मार्फत भी कई गाड़ियां बेची गई हैं। गिरोह सरगना अमित को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के बाद कई राज उजागर होने की उम्मीद है।
- सतीश देशवाल, इंस्पेक्टर, एसटीएफ
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इंस्पेक्टर देशवाल ने बताया कि गिरोह अब तक 31 लग्जरी गाड़ियों की रिकवरी करवा चुका है। चोरी के बाद गिरोह पहले चेसिस और इंजन नंबर बदलवाता था और इसके बाद महम अथॉरिटी से फर्जी आरसी बनवाकर ग्राहकों को गाड़ियां बेच देता था। गाड़ियों की कीमत छह से 15 लाख के बीच रहती थी। स्कोर्पियो का रेट छह से आठ लाख था, जबकि क्रेटा सात से नौ लाख के बीच बेची जाती थी।
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एसटीएफ के अनुसार गिरोह दलालों की भी मदद लेता था। जांच में सामने आया है कि कुछ गाड़ी दलालों को गिरोह ने अपने निर्धारित रेट पर भी बेची हैं। दलालों ने वो गाड़ियां तीसरे व्यक्ति को बेच दी और इसके बदले दलालों ने भी अच्छा कमीशन लिया है। इन दलालों तक भी एसटीएफ जल्द पहुंच सकती है। फिलहाल गिरोह सरगना अमित को प्रोडेक्शन वारंट पर लेने की तैयार चल रही है। अमित के संपर्क महम के अलावा दादरी में भी थे। वह खुद भी लग्जरी गाड़ियां रखता था।
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दादरी से चार फॉरच्यूनर, तीन इनोवा, तीन स्कोर्पियो और दो क्रेटा हुई बरामद
इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि गिरोह ने 12 गाड़ियां दादरी से बरामद करवाई हैं। अब तक दादरी से चार फॉरच्यूनर, तीन इनोवा, तीन स्कोर्पियो व दो क्रेटा बरामद हुई हैं। दादरी जिले से अभी कम से कम 20 और गाड़ियों की बरामदगी की जानी है।
शराब ढोने में भी इस्तेमाल की जाती थीं चोरी की गाड़ियां
सूत्रों के अनुसार गिरोह 50 फीसदी रेटों पर ही नई लग्जरी गाड़ियां लोगों को बेचता था। कई रसूखदार लोगों को भी चोरी की लग्जरी गाड़ियां बेची गई हैं। बरामद गाड़ियां शराब ठेके से लेकर निजी तौर पर प्रयोग की जा रही थीं।
दलालों को देते थे मोटे कमीशन का लालच
सूत्रों के अनुसार हरियाणा के कई जिलों में इस गिरोह का नेटवर्क है। इनके गुुर्गे गाड़ियां बेचने के लिए दलालों को ढूंढते थे और मोटे कमीशन का लालच देकर उन्हें गाड़ियां बेच देते थे। कई दफा दलाल खुद गाड़ी खरीदकर आगे बेचते थे, जबकि कुछ केस में उनका प्रति गाड़ी कमीशन भी तय होता था।
गिरोह ने चोरी की लग्जरी गाड़ियां बेचने के रेट तय किए हुए थे। दलालों की मार्फत भी कई गाड़ियां बेची गई हैं। गिरोह सरगना अमित को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के बाद कई राज उजागर होने की उम्मीद है।
- सतीश देशवाल, इंस्पेक्टर, एसटीएफ