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Charkhi Dadri News: चार माह बीते पर सिरे नहीं चढ़ा डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट का टेंडर, 41.08 करोड़ रुपये है प्रोजेक्ट की लागत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:16 AM IST
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Four months have passed, but the Dairy Plaza project's tender has not been finalized.
हिसार। चार माह का समय बीतने के बावजूद डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट का टेंडर सिरे नहीं चढ़ पाया है। नगर निगम द्वारा तीसरी बार टेंडर लगाने के बावजूद, वित्तीय बोली में केवल एक एजेंसी बचने की वजह से इसे रद्द कर दिया गया। अब चौथी बार टेंडर लगाने का निर्णय लिया गया। इस प्रोजेक्ट की लागत 41.08 करोड़ रुपये है और इसके तहत करीब 396 पशु डेयरियों को शहर से बाहर डेयरी प्लाजा में शिफ्ट किया जाएगा।
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डेयरी शिफ्टिंग की योजना पहली बार इनेलो सरकार के तहत 2000 में बनी थी, जब निगम ने धान्सू रोड पर जमीन ली थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। इसके बाद 2004-05 में योजना को फिर से उठाया गया और अफसरों को ज़मीन तलाशने का निर्देश दिया गया। 2005 में जिला प्रशासन ने 24 एकड़ सरकारी ज़मीन चिह्नित की। 2010 में शहर में सर्वे के दौरान 292 डेयरियां पाई गईं।
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वर्ष 2013 में बगला रोड पर 137 एकड़ ज़मीन चिहि़्नत कर सरकार को प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन फिर भी प्रोजेक्ट में कोई प्रगति नहीं हुई। 2014 में, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पुनः डेयरी शिफ्टिंग की घोषणा की, लेकिन विभिन्न कारणों से भूमि का चयन नहीं हो पाया। अंततः साउथ बाईपास (बगला रोड) पर 50 एकड़ भूमि का चयन किया गया। डेयरी प्लाजा के निर्माण से शहर में चल रही डेयरियों को शिफ्ट किया जाएगा, जिससे सीवर सिस्टम में सुधार होगा और गंदगी फैलने की समस्या कम होगी।
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निगम के पास यह था विकल्प
तीसरी दफा टेंडर लगाने पर 4 एजेंसियों ने आवेदन किया था लेकिन तीन एजेंसियां तकनीकी बोली में बाहर हो गई। इस तरह से वित्तीय बोली की दौड़ में सिर्फ एक एजेंसी ही बची। चूंकि यह टेंडर तीसरी बार लगाया था तो एक एजेंसी भी मान्य होती है। मगर निगम प्रशासन का तर्क है कि इस एजेंसी की वित्तीय बोली की जांच करने के लिए मुख्यालय से अनुमति लेनी पड़ती और इसमें काफी समय लग जाता है। संभावना यह भी थी कि मुख्यालय से उन्हें अनुमति न मिलती और उन्हें दोबारा से टेंडर लगाने के ही निर्देश मिलते। ऐसे में उनका काफी समय बर्बाद हो जाता। इस देखते हुए उन्होंने अपने स्तर पर ही दोबारा से टेंडर लगाने का फैसला किया।

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डेयरी प्लाजा का नया प्रारूप
कुल प्लॉट : 342
250 गज : 239
350 गज : 68
500 गज : 27
1000 गज : 08
मिल्क चिलिंग प्लांट : 1170 गज
गोबर गैस प्लांट : 5360 गज
वाटर वर्क्स : 3688 गज
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यह होगा फायदा
डेयरी प्लाजा के निर्माण से शहर में चल रही पशु डेयरियों से बाहर शिफ्ट हो जाएंगी। इससे सीवर सिस्टम थोड़ा बेहतर होगा, क्योंकि डेयरी संचालक पशुओं का गोबर सीधे ही सीवर में बहा देते हैं। इससे सीवर जाम की समस्या पैदा होती है। साथ ही ये डेयरी संचालक खुले में पशुओं का गोबर डालते हैं जिससे गंदगी भी फैलती है। इसके अलावा कुछ डेयरी संचालक दूध निकालने के बाद अपने पशुओं को खुले में भी छोड़ देते हैं।
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तीसरी बार लगाए गए टेंडर को रद्द कर दिया गया है। अब नए सिरे से टेंडर लगाया जाएगा। - बीके कर्दम, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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