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पांचवें दिन भी नहीं हुआ किसान का पोस्टमार्टम, डीसी से बोले किसान- परिवार पर दाह-संस्कार का दबाव बना रही पुलिस

Sat, 17 Aug 2019 12:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 17 Aug 2019 12:12 AM IST
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former protest
फोटो 51 डीसी धर्मवीर सिंह (पीली शर्ट में) की मौजूदगी में किसानों के आरोपों पर अपना पक्ष रखते डीएसपी - फोटो : CharkhiDadri
सरकार और जिला प्रशासन के मांगें न मानने पर खातीवास निवासी मृतक किसान धर्मपाल का पांचवें दिन भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। आक्रोशित किसानों ने शुक्रवार को शहर में रोष प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय पहुंचे किसानों ने डीसी धर्मवीर के सामने कहा कि पुलिस मृतक के परिवार पर दाह-संस्कार का दबाव बना रही है। हालांकि वहां मौजूद डीएसपी रमेश कुमार सदर थाना पुलिस के बचाव में उतर आए। उन्होंने कहा कि यह इत्तफाकिया मौत है और पीजीआई में रखे शव के क्षतविक्षत होने की आशंका है। इसलिए शिनाख्त संबंधी कागजी कार्रवाई कराने पुलिस मृतक किसान के घर गई थी।
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शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे किसान रामनगर धरनास्थल से ट्रैक्टरों और दुपहिया वाहनों पर सवार होकर शहर में प्रदर्शन किया। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही अलर्ट था । दोपहर करीब सवा दो बजे किसान नगर परिषद कार्यालय के पिछली तरफ पहुंचे। यहां नारेबाजी करते हुए करीब तीन बजे लघु सचिवालय पहुंचे। 3:10 पर नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा किसानों से ज्ञापन लेने नीचे पहुंचे। उन्हें किसानों ने वापिस लौटा दिया और डीसी को ही ज्ञापन लेने के लिए भेजने की मांग उनके सामने रखी। करीब पांच मिनट बाद भी जब डीसी नहीं आए तो किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। 3:28 पर डीसी धर्मवीर सिंह किसानों के बीच पहुंचे। इस दौरान रामनगर धरना संयोजक विनोद मरौड़ी ने कहा कि प्रशासन को लघु सचिवालय में मौजूद किसान चेतावनी दे रहे है कि मृतक किसान धर्मपाल के घर पुलिस दबाव बनाने न जाए। विनोद मौड़ी ने कहा कि डीसी साहब पुलिस पीड़ित परिवार के साथ अच्छा बर्ताव नहीं कर रही है। हालांकि वहां मौजूद डीएसपी रमेश कुुमार ने कहा कि पुलिस ने परिवार के किसी सदस्य पर दबाव नहीं बनाया है। पुलिस केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत कागजी कार्यवाही करने पीड़ित के घर गई थी। किसानों ने डीसी के सामने बढ़ी मुआवजा राशि, मृतक धर्मपाल के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता व बेटे को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी। इसके बाद डीसी ने कमेटी को वार्ता का निमंत्रण दिया।
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बीस मिनट तक चली डीसी के साथ बंद कमरे में वार्ता
शुक्रवार को लघु सचिवालय पहुंचे किसानों के प्रतिनिधिमंडल को डीसी धर्मवीर सिंह ने वार्ता का न्योता दिया। इसके बाद किसानों का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उनके कार्यालय मेें पहुंचा। डीसी के साथ करीब बीस मिनट तक वार्ता चली और इस दौरान किसान नेताओं ने सभी मांगें उनके सामने रखी। बैठक के बाद बाहर आए अनूप फौगाट व विनोद मौड़ी ने बताया कि मांगों पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए डीसी ने कुछ और समय मांगा है।
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क्या है मामला
गांव खातीवास निवासी किसान धर्मपाल की गत 12 अगस्त को घर पर सुबह छह बजे मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने पुलिस बयान में बताया था कि उनकी साढ़े तीन एकड़ जमीन एनएच-152 डी के तहत अधिगृहीत होनी प्रस्तावित है। उन्हें बेहद कम मुआवजा राशि मिल रही है और खेती-बाड़ी से ही उनकी आजीविका चलती है। जमीन अधिग्रहण होने के बाद वो भूमिहीन हो जाएंगे। धर्मपाल इसके चलते तनाव में था और इसी तनाव के चलते उसकी मौत हुई। मृतक के परिजनों ने धर्मपाल का शव हरियाणा स्वाभिमान समिति को सौंप रखा है और शव रोहतक पीजीआई के शव गृह में रखा हुआ है। हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन समिति की मांग है कि मृतक किसान के परिजनों को एक करोड़ की सहायता राशि और बेटे को नौकरी मिले। मृतक के छह बेटे और एक बेटी है।

फोटो 50  डीसी के आने की प्रतिक्षा करते किसान।

फोटो 50 डीसी के आने की प्रतिक्षा करते किसान।- फोटो : CharkhiDadri

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