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Charkhi Dadri News: पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान का निधन, विधायक बेटे ने दी मुखाग्नि
Mon, 03 Mar 2025 08:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 03 Mar 2025 08:59 PM IST
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चरखी दादरी निवासी दिवगंत पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान।
चरखी दादरी। प्रदेश के पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान (85) ने गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में रविवार शाम को अंतिम सांस ली। लंबे समय से वह बीमार चल रहे थे। शाम को पैतृक गांव चंदेनी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे एवं दादरी विधायक सुनील सांगवान ने उन्हें मुखाग्नि दी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत चौधरी बंसीलाल के करीबी नेताओं में सतपाल सांगवान शुमार थे। बंसीलाल उन्हें प्यार से बुलडोजर नाम से पुकारते थे।
प्रदेश के पूर्व मंत्री का पार्थिव शरीर गुरुग्राम से दादरी के लोहारू रोड स्थित आवास पर रविवार की रात लाया गया। सोमवार सुबह उनके समर्थकों ने शव के अंतिम दर्शन कर पुष्पांजलि अर्पित की। दोपहर करीब 3 बजे दादरी से उनकी अंतिम यात्रा पैतृक गांव चंदेनी के लिए रवाना हुई। शाम को गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया। दादरी से भाजपा विधायक सुनील सांगवान ने पिता के शव को मुखाग्नि दी।
करीब 27 साल से राजनीति में थे सक्रिय
करीब 27 साल से सतपाल सांगवान राजनीति में सक्रिय थे। वह हजकां, कांग्रेस, जजपा और भाजपा से जुड़े रहे। राजनीतिक कॅरिअर में उन्होंने 6 बार चुनाव लड़े। इनमें से दो में जीत दर्ज की। उन्होंने पहला चुनाव पूर्व सीएम बंसीलाल के कहने पर लड़ा था। उससे पहले वह दूरसंचार विभाग में एसडीओ थे। नौकरी से वीआरएस लेकर वह राजनीति में आए। इस समय उनके बेटे एवं पूर्व जेल अधीक्षक सुनील सांगवान दादरी हलके से विधायक हैं। उन्होंने पहला चुनाव लड़ते हुए परिवार की सत्ता में वापसी कराई है।
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बेबाक बोल से छोड़ी लोगों के दिलों पर अमिट छाप
पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान अपने बेबाक बोल के चलते भी चर्चा में रहते थे। उन्होंने जजपा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर रहते हुए दादरी की उपेक्षा पर अपनी ही सरकार को मंच पर संबोधन के दौरान घेरा तो तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के समक्ष भी बेबाकी से दादरी की समस्याएं रखीं। वह अपने बेबाक बोल से लोगों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ गए।
28 जनवरी को बड़ी बेटी का हुआ था निधन
करीब 30 दिन पहले पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान की बड़ी बेटी उषा कादयान का निधन हुआ था। उस दौरान वह पिता के घर ही आई थीं। तीन संतानों में से बड़ी बेटी के निधन के बाद सतपाल सांगवान की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। रविवार शाम को उपचार के दौरान गुरुग्राम स्थित निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया।
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प्रदेश के पूर्व मंत्री का पार्थिव शरीर गुरुग्राम से दादरी के लोहारू रोड स्थित आवास पर रविवार की रात लाया गया। सोमवार सुबह उनके समर्थकों ने शव के अंतिम दर्शन कर पुष्पांजलि अर्पित की। दोपहर करीब 3 बजे दादरी से उनकी अंतिम यात्रा पैतृक गांव चंदेनी के लिए रवाना हुई। शाम को गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया। दादरी से भाजपा विधायक सुनील सांगवान ने पिता के शव को मुखाग्नि दी।
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करीब 27 साल से राजनीति में थे सक्रिय
करीब 27 साल से सतपाल सांगवान राजनीति में सक्रिय थे। वह हजकां, कांग्रेस, जजपा और भाजपा से जुड़े रहे। राजनीतिक कॅरिअर में उन्होंने 6 बार चुनाव लड़े। इनमें से दो में जीत दर्ज की। उन्होंने पहला चुनाव पूर्व सीएम बंसीलाल के कहने पर लड़ा था। उससे पहले वह दूरसंचार विभाग में एसडीओ थे। नौकरी से वीआरएस लेकर वह राजनीति में आए। इस समय उनके बेटे एवं पूर्व जेल अधीक्षक सुनील सांगवान दादरी हलके से विधायक हैं। उन्होंने पहला चुनाव लड़ते हुए परिवार की सत्ता में वापसी कराई है।
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बेबाक बोल से छोड़ी लोगों के दिलों पर अमिट छाप
पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान अपने बेबाक बोल के चलते भी चर्चा में रहते थे। उन्होंने जजपा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर रहते हुए दादरी की उपेक्षा पर अपनी ही सरकार को मंच पर संबोधन के दौरान घेरा तो तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के समक्ष भी बेबाकी से दादरी की समस्याएं रखीं। वह अपने बेबाक बोल से लोगों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ गए।
28 जनवरी को बड़ी बेटी का हुआ था निधन
करीब 30 दिन पहले पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान की बड़ी बेटी उषा कादयान का निधन हुआ था। उस दौरान वह पिता के घर ही आई थीं। तीन संतानों में से बड़ी बेटी के निधन के बाद सतपाल सांगवान की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। रविवार शाम को उपचार के दौरान गुरुग्राम स्थित निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया।