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Charkhi Dadri News: 11 मई से शुरू होगा मुंह खुर, गलघोटू टीकाकरण अभियान, 1.67 लाख पशुओं को लगेगी वैक्सीन
Fri, 08 May 2026 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 08 May 2026 12:55 AM IST
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गांव बेरला में घर के बाहर बंधे पशु।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले में पशुधन को बीमारियों से बचाने के लिए 11 मई से मुंह खुर (बांग) एवं गलघोटू टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस दौरान जिले के 1.67 लाख पशुओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के लिए पशुपालन विभाग ने कमर कस ली है और इस बार कोल्ड चेन पर विशेष फोकस रखने का निर्णय लिया गया है।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डाॅ. जसवंत जून ने बताया कि इस बार टीकाकरण अभियान को पूरी तरह व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित किया जाएगा। विभाग की टीमें जिले के सभी गांवों व दादरी शहर में घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी ताकि कोई भी पशु इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिले में कुल 1 लाख 67 हजार 13 पशुओं को टीके लगाए जाएंगे। टीकाकरण के साथ-साथ पशुओं की टैगिंग की जाएगी और उनका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इससे भविष्य में पशुओं के टीकाकरण का डेटा आसानी से उपलब्ध रहेगा और निगरानी बेहतर हो सकेगी।
डाॅ. जून ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीकाकरण के दौरान कोल्ड चेन का विशेष ध्यान रखा जाए। वैक्सीन का तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखना अनिवार्य होगा ताकि टीकों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बनी रहे। उन्होंने बताया कि मुंह खुर और गलघोटू दोनों ही पशुओं में होने वाली गंभीर एवं जानलेवा बीमारियां हैं। मुंह खुर रोग में पशुओं को तेज बुखार, लंगड़ापन, मुंह और पैरों में छाले, भूख न लगना और दूध उत्पादन में गिरावट जैसे लक्षण दिखाई देते हैं जबकि छोटे बछड़ों में मृत्यु दर अधिक होती है। वहीं गलघोटू रोग में सांस लेने में दिक्कत, तेज बुखार और मुंह के नीचे सूजन जैसे लक्षण सामने आते हैं।
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पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डाॅ. जसवंत जून ने बताया कि इस बार टीकाकरण अभियान को पूरी तरह व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित किया जाएगा। विभाग की टीमें जिले के सभी गांवों व दादरी शहर में घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी ताकि कोई भी पशु इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिले में कुल 1 लाख 67 हजार 13 पशुओं को टीके लगाए जाएंगे। टीकाकरण के साथ-साथ पशुओं की टैगिंग की जाएगी और उनका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इससे भविष्य में पशुओं के टीकाकरण का डेटा आसानी से उपलब्ध रहेगा और निगरानी बेहतर हो सकेगी।
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डाॅ. जून ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीकाकरण के दौरान कोल्ड चेन का विशेष ध्यान रखा जाए। वैक्सीन का तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखना अनिवार्य होगा ताकि टीकों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बनी रहे। उन्होंने बताया कि मुंह खुर और गलघोटू दोनों ही पशुओं में होने वाली गंभीर एवं जानलेवा बीमारियां हैं। मुंह खुर रोग में पशुओं को तेज बुखार, लंगड़ापन, मुंह और पैरों में छाले, भूख न लगना और दूध उत्पादन में गिरावट जैसे लक्षण दिखाई देते हैं जबकि छोटे बछड़ों में मृत्यु दर अधिक होती है। वहीं गलघोटू रोग में सांस लेने में दिक्कत, तेज बुखार और मुंह के नीचे सूजन जैसे लक्षण सामने आते हैं।
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