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Charkhi Dadri News: धुंध बढ़ेगी, पट्टी नहीं, हाईवे पर सफर खतरे में
Tue, 02 Dec 2025 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 02 Dec 2025 12:06 AM IST
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गांव अटेला के समीप गायब सफेद पट्टी। संवाद
चरखी दादरी। जिले से होकर गुजरने वाले मेरठ-लोहारू नेशनल हाईवे 334बी पर वाहन चालकों की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ने वाली हैं। शहर के मध्य से गुजरने वाले इस व्यस्त हाईवे पर लेन दर्शाने वाली सफेद पट्टियां या तो पूरी तरह गायब हो चुकी हैं या इतनी फीकी पड़ गई हैं कि दूर से दिखाई ही नहीं देतीं। इमलोटा से लेकर लाड गांव तक करीब 200 स्थानों पर सफेद पट्टी पूरी तरह मिट चुकी हैं। दिसंबर की शुरुआत के साथ ही धुंध बढ़ने का अनुमान है, ऐसे में ये गायब पट्टियां सड़क हादसों का बड़ा कारण बन सकती हैं।
नए पैच बने, मार्किंग रह गई गायब
हाईवे पर कई जगह नए पैच तो बना दिए गए हैं, लेकिन उन पर सफेद पट्टी की मार्किंग नहीं की गई। वहीं पुराने हिस्सों में पट्टियां घिसकर पूरी तरह मिट चुकी हैं। धुंध बढ़ने पर हेडलाइट की रोशनी भी सड़क पर साफ नहीं दिखती, ऐसे में यही पट्टियां वाहन चालकों का प्रमुख सहारा होती हैं।
शहर के अंदर की सड़कों का भी हाल बेहाल
केवल हाईवे ही नहीं बल्कि शहर की मुख्य सड़कों पर भी यही हाल है। अंदरूनी बाजार, बस स्टैंड मार्ग, सिविल अस्पताल रोड और अन्य लिंक रोड पर सफेद पट्टी जगह-जगह टूटी हुई या गायब है। इससे रात के समय और धुंध में वाहन चालकों को सड़क के किनारे और मुख्य लेन में फर्क समझना मुश्किल होता है। कई बार टू-व्हीलर एकदम बीच में आ जाता है तो कई बार चौपहिया वाहन सड़क के किनारे रपटते-रपटते बचते हैं।
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बैरिकेडिंग भी नहीं, खतरा दोगुना
एक और बड़ी लापरवाही यह है कि हाईवे पर जगह-जगह जहां मोड़, यू-टर्न या क्रॉसिंग है, वहां उचित बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए हैं। इससे रात के समय खासकर तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए स्थिति और भी जोखिम भरी हो जाती है। कई जगहों पर डिवाइडर भी जर्जर हाल हो चुके हैं, जिससे वह धुंध में दिखाई ही नहीं देते और चालक का उनसे टकराकर हादसा होने का डर बढ़ गया है।
दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकती हैं लापरवाही
धुंध के मौसम में सबसे जरूरी चीज सड़क मार्किंग और रिफ्लेक्टर होते हैं। इनकी वजह से चालक को सड़क की दिशा, मोड़, लेन और किनारा समझने में मदद मिलती है। अगर ये गायब है तो हादसे होना तय हैं। दादरी जिले में पहले ही सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंताजनक हैं। ऐसे में हाईवे पर इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान जोखिम में डालने जैसा है।
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सफेद पट्टी लगाने के लिए उच्च अधिकारियों से ही आदेश आते है, जो तीन दिन पहले मिल चुके हैं। जल्द सड़कों पर सफेद पट्टियों को लगाने का काम शुरू किया जाएगा। सफेद पट्टी लगाने का काम तेजी से किया जाएगा।
- गुरु चरण सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।
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नए पैच बने, मार्किंग रह गई गायब
हाईवे पर कई जगह नए पैच तो बना दिए गए हैं, लेकिन उन पर सफेद पट्टी की मार्किंग नहीं की गई। वहीं पुराने हिस्सों में पट्टियां घिसकर पूरी तरह मिट चुकी हैं। धुंध बढ़ने पर हेडलाइट की रोशनी भी सड़क पर साफ नहीं दिखती, ऐसे में यही पट्टियां वाहन चालकों का प्रमुख सहारा होती हैं।
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शहर के अंदर की सड़कों का भी हाल बेहाल
केवल हाईवे ही नहीं बल्कि शहर की मुख्य सड़कों पर भी यही हाल है। अंदरूनी बाजार, बस स्टैंड मार्ग, सिविल अस्पताल रोड और अन्य लिंक रोड पर सफेद पट्टी जगह-जगह टूटी हुई या गायब है। इससे रात के समय और धुंध में वाहन चालकों को सड़क के किनारे और मुख्य लेन में फर्क समझना मुश्किल होता है। कई बार टू-व्हीलर एकदम बीच में आ जाता है तो कई बार चौपहिया वाहन सड़क के किनारे रपटते-रपटते बचते हैं।
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बैरिकेडिंग भी नहीं, खतरा दोगुना
एक और बड़ी लापरवाही यह है कि हाईवे पर जगह-जगह जहां मोड़, यू-टर्न या क्रॉसिंग है, वहां उचित बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए हैं। इससे रात के समय खासकर तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए स्थिति और भी जोखिम भरी हो जाती है। कई जगहों पर डिवाइडर भी जर्जर हाल हो चुके हैं, जिससे वह धुंध में दिखाई ही नहीं देते और चालक का उनसे टकराकर हादसा होने का डर बढ़ गया है।
दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकती हैं लापरवाही
धुंध के मौसम में सबसे जरूरी चीज सड़क मार्किंग और रिफ्लेक्टर होते हैं। इनकी वजह से चालक को सड़क की दिशा, मोड़, लेन और किनारा समझने में मदद मिलती है। अगर ये गायब है तो हादसे होना तय हैं। दादरी जिले में पहले ही सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंताजनक हैं। ऐसे में हाईवे पर इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान जोखिम में डालने जैसा है।
सफेद पट्टी लगाने के लिए उच्च अधिकारियों से ही आदेश आते है, जो तीन दिन पहले मिल चुके हैं। जल्द सड़कों पर सफेद पट्टियों को लगाने का काम शुरू किया जाएगा। सफेद पट्टी लगाने का काम तेजी से किया जाएगा।
- गुरु चरण सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।

गांव अटेला के समीप गायब सफेद पट्टी। संवाद