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Charkhi Dadri News: दक्षिण हरियाणा की एकमात्र तिलहन मंडी में पहली बार हो रही धान की खरीद

Sat, 09 Nov 2024 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 09 Nov 2024 01:29 AM IST
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first time dhan buying in dadri mandi
अमर उजाला एक्सकलूसिव:
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दादरी मंडी पहुंचकर अब तक निजी तौर पर किसान बेच चुके हैं 5,000 क्विंटल धान, दूसरे जिलों में जाकर धान बेचने की समस्या हुई खत्म
- इस बार 2.50 लाख क्विंटल तक धान की पैदावार होने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी मंडी दक्षिण हरियाणा की एकमात्र तिलहन मंडी है। पहली बार यहां धान की खरीद शुरू की गई है। अब तक अनाज मंडी में पांच हजार क्विंटल धान की प्राइवेट खरीद की जा चुकी है। मार्केट कमेटी की ओर से सरकारी खरीद नहीं की जा रही है। मार्केट कमेटी धान की सरकारी किस्मों पीआर आदि की ही खरीद करती है जबकि ज्यादातर किसानों ने अन्य किस्में उगा रखी हैं।
उल्लेखनीय है कि दादरी मंडी में आज से पहले निजी आढ़ती भी धान नहीं खरीदते थे, लेकिन, इस सीजन में पहली बार धान की खरीद हो रही है। जिले में धान का रकबा 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। जिला के किसानों को अबकी बार धान की बिक्री के लिए बेरी, रोहतक, बहादुरगढ़, सांपला, जींद व जुलाना की मंडियों में नहीं जाना पड़ रहा है। अब तक दादरी अनाज मंडी में धान की खरीद नहीं हुई थी।
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वहीं, मौजूदा सीजन में धान की औसत पैदावार करीब दो लाख 50 हजार क्विंटल होने का अनुमान है। दक्षिणी हरियाणा की एकमात्र तिलहन अनाज मंडी है। चरखी दादरी मंडी में झज्जर, महेंद्रगढ़, भिवानी जिलों के किसान भी अनाज की बिक्री करने आते हैं। मंडी में रबी सीजन में सरसों, जौ, गेहूं व खरीफ सीजन में बाजरा, मूंग, कपास की खरीद की जाती है। खरीफ की प्रमुख धान की खरीद के लिए दादरी मंडी में अब तक कोई व्यवस्था नहीं थी।
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- छह सालों से धान के प्रति बढ़ा रुझान
दादरी जिले के किसानों का पिछले पांच-छह सालों से धान की खेती के प्रति रुझान बढ़ा है। कारण यह कि इसकी अच्छी पैदावार मिल जाती है। कपास के बाद धान भी खरीफ सीजन की नकदी फसल मानी जाती है।


- मंडी में हैं 250 आढ़ती
किसान दादरी मंडी में धान की सरकारी या प्राइवेट खरीद नहीं होने पर दूर-दराज की मंडियों में बेचने को विवश थे या फिर गांवों में पहुंचने वाले अनधिकृत दलालोंं को औने-पौने दामों में बेचते थे। इससे किसानों को घाटा झेलना पड़ता था। दादरी अनाज मंडी में करीब 250 आढ़ती हैं। अब ये धान की खरीद करने लगे हैं।
वर्सन:
- सरकार निर्धारित किस्मों की ही धान खरीदती है। ज्यादातर किसान प्राइवेट किस्म की रोपाई करते हैं। सरकार पीआर किस्म को ज्यादा महत्व देती है।
-विद्या सागर, सचिव मार्केट कमेटी चरखी दादरी

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दादरी मंडी में लगी धान की ढेरी। संवाद
फोटो 12
दादरी मंडी में किसान की ट्रॉली से धान उतारते श्रमिक। संवाद
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