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Charkhi Dadri News: बंदर फाड़ रहे केसों की फाइल, कई अधिवक्ता हो चुके घायल
Tue, 19 Nov 2024 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 19 Nov 2024 01:22 AM IST
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कोर्ट परिसर दादरी में अधिवक्ताओं के तख्त पर बैठे बंदर।
चरखी दादरी। जिला कोर्ट परिसर में बंदरों के उत्पात से अधिवक्ता परेशान हैं। वे चैंबर में घुसकर केसों की फाइलें फाड़ देते हैं। इतना ही नहीं, इनके हमलों में कई अधिवक्ता भी घायल हो चुके हैं। अधिवक्ताओं ने प्रशासन व नगर परिषद से बंदरों को पकड़वाने की मांग की है।
अधिवक्ताओं ने बताया कि बंदर चैंबरों में घुस जाते हैं। केसों से संबंधित फाइलें फाड़ देते हैं। फाइलें फाड़ देने पर कई तथ्य नष्ट हो जाते हैं। इससे केस प्रभावित होता है। अधिवक्ताओंं का कहना है कि वे कई बार प्रशासन को अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
बताया कि इस समय बंदरों की संख्या ज्यादा है। कई बार अकेले पाकर अधिवक्ताओं पर बंदर झपट्टा मार देते हैं। इनके हमलों में कई अधिवक्ता घायल हो चुके हैं। बंदर पूरे दिन कोर्ट परिसर में घूमते रहते हैं। जरूरी सामान भी उठा ले जाते हैं।
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बंदर चैंबरों में घुस जाते हैं। केस आदि की फाइलें फाड़ देते हैं। फाइलें फाड़ देने पर कई तथ्य नष्ट हो जाते हैं। इससे केस प्रभावित होता है। बंदरों को पकड़वाना चाहिए। बंदरों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। -संजीव सरोहा, अधिवक्ता
बंदरों से अधिवक्ता काफी समय से परेशान हैं। बंदर चैंबर में घुसकर तहस-नहस कर देते हैं। बंदरों का स्थायी समाधान होना चाहिए। बंदरों के हमले से कई वकील भी घायल हो चुके हैं। घरों में भी लोग परेशान हो चुके हैं। -धर्म सिंह, अधिवक्ता
बंदरों को पकड़वाना चाहिए। ये दिनभर कोर्ट परिसर में उत्पात मनाए रखते हैं। चैंबर से सामान आदि उठा ले जाते हैं। प्रशासन व नगर परिषद को बंदर पकड़वाने के लिए जल्द कदम उठाना चाहिए। बंदरों से सभी वकील परेशान हैं। -सचिन वत्स, अधिवक्ता
बंदरों ने अधिवक्ताओं को परेशान कर रखा है। बंदर चैंबर से फाइलें उठा ले जाते हैं। अधिवक्ताओं को दिन भर सजगता बरतनी पड़ती है। कई अधिवक्ताओं पर बंदर हमला कर चुके हैं। बंदरों का स्थायी समाधान होना चाहिए। -अजय शर्मा, अधिवक्ता
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अधिवक्ताओं ने बताया कि बंदर चैंबरों में घुस जाते हैं। केसों से संबंधित फाइलें फाड़ देते हैं। फाइलें फाड़ देने पर कई तथ्य नष्ट हो जाते हैं। इससे केस प्रभावित होता है। अधिवक्ताओंं का कहना है कि वे कई बार प्रशासन को अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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बताया कि इस समय बंदरों की संख्या ज्यादा है। कई बार अकेले पाकर अधिवक्ताओं पर बंदर झपट्टा मार देते हैं। इनके हमलों में कई अधिवक्ता घायल हो चुके हैं। बंदर पूरे दिन कोर्ट परिसर में घूमते रहते हैं। जरूरी सामान भी उठा ले जाते हैं।
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बंदर चैंबरों में घुस जाते हैं। केस आदि की फाइलें फाड़ देते हैं। फाइलें फाड़ देने पर कई तथ्य नष्ट हो जाते हैं। इससे केस प्रभावित होता है। बंदरों को पकड़वाना चाहिए। बंदरों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। -संजीव सरोहा, अधिवक्ता
बंदरों से अधिवक्ता काफी समय से परेशान हैं। बंदर चैंबर में घुसकर तहस-नहस कर देते हैं। बंदरों का स्थायी समाधान होना चाहिए। बंदरों के हमले से कई वकील भी घायल हो चुके हैं। घरों में भी लोग परेशान हो चुके हैं। -धर्म सिंह, अधिवक्ता
बंदरों को पकड़वाना चाहिए। ये दिनभर कोर्ट परिसर में उत्पात मनाए रखते हैं। चैंबर से सामान आदि उठा ले जाते हैं। प्रशासन व नगर परिषद को बंदर पकड़वाने के लिए जल्द कदम उठाना चाहिए। बंदरों से सभी वकील परेशान हैं। -सचिन वत्स, अधिवक्ता
बंदरों ने अधिवक्ताओं को परेशान कर रखा है। बंदर चैंबर से फाइलें उठा ले जाते हैं। अधिवक्ताओं को दिन भर सजगता बरतनी पड़ती है। कई अधिवक्ताओं पर बंदर हमला कर चुके हैं। बंदरों का स्थायी समाधान होना चाहिए। -अजय शर्मा, अधिवक्ता