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किसानों ने किया प्रदर्शन, अनाज मंडी बचाने और गेहूं की खरीद की शर्तें हटवाने की मांग
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किसानों और जनसंगठनों के पदाधिकारियों को संबोधित करते विधायक सोमबीर सांगवान।
- फोटो : CharkhiDadri
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर क्षेत्र की खाप और विभिन्न जनसंगठनों ने शुक्रवार को नई अनाज मंडी में मंडी बचाओ अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकारी मंडी बचाने और गेहूं की खरीद पर अनावश्यक शर्तें हटाने के साथ भूमि रिकॉर्ड की शर्त को रद्द करने की मांग भी उठाई। इस दौरान इस संबंध में ड्यूटी मजिस्ट्रेट को पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
धरने की अध्यक्षता आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने की और मंच संचालन सचिव विनोद गर्ग ने किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रामकुमार रिटोलिया ने कहा कि देश के अन्नदाता के साथ मजदूर, कर्मचारी, और व्यापारी समेत हर वर्ग ये समझ गया है कि तीन कृषि कानून महज बड़े घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं। इनसे किसानों को बड़ा नुकसान होगा तो वहीं, प्राइवेट मंडी खुलने से सरकारी मंडी बंद हो जाएंगी। इससे एमएसपी खत्म होने के साथ मजदूरों को खाने के लाले पड़ जाएंगे। उन्होंने तत्काल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन कृषि कानून रद्द करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम गेहूं खरीद पर अनावश्यक शर्तें लगा रहा है। दरअसल, ये हालात आंदोलनकारी किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने के समान हैं। खरीद की सामान्य शर्तें पांच दशकों से हैं, लेकिन ये नई शर्तें सरकारी खरीद प्रणाली पर एक और हमला है। उन्होंने कहा कि नई शर्तों के तहत गेहूं के लिए नमी की दर 14 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दी गई है।
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साढ़े तीन घंटे किया प्रदर्शन, पुलिस रही तैनात
जनसंगठनों और किसानों ने सुबह साढ़े नौ बजे अनाज मंडी में धरना देकर प्रदर्शन की शुरूआत की। पीएम के नाम ज्ञापन सौंपने के बाद दोपहर एक बजे किसानों ने धरना खत्म किया। प्रदर्शन के मद्देनजर जिला पुलिस अलर्ट रही और 100 से अधिक पुलिसकर्मी अनाज मंडी परिसर में तैनात रहे।
इन खाप और संगठनों ने लिया प्रदर्शन में भाग
प्रदर्शन में दादरी से निर्दलीय विधायक और खाप सांगवान 40 के प्रधान सोमबीर सांगवान, फौगाट खाप 19 के प्रधान बलवंत नंबरदार व सचिव सुरेश फौगाट, श्योराण खाप 25 के प्रधान बिजेंद्र बेरला, कश्मीर सिंह, राजबीर शास्त्री, ओमप्रकाश कलकल, शमशेर फौगाट, रामकुमार कादयान, नरसिंह सांगवान, राजू मान, नितिन जांघू, धर्मेंद्र छपार, कृष्ण फौगाट, रणधीर घिकाड़ा, विनोद मोड़ी, जगबीर घसोला, राधेश्याम हड़ौदिया, राजकुमार घिकाड़ा, अत्तर सिंह घसोला, रणबीर फौजी, सुनील पहलवान, रामकुमार सोलंकी, योगेश इमलोटा ने अपने विचार रखे।
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धरने की अध्यक्षता आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने की और मंच संचालन सचिव विनोद गर्ग ने किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रामकुमार रिटोलिया ने कहा कि देश के अन्नदाता के साथ मजदूर, कर्मचारी, और व्यापारी समेत हर वर्ग ये समझ गया है कि तीन कृषि कानून महज बड़े घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं। इनसे किसानों को बड़ा नुकसान होगा तो वहीं, प्राइवेट मंडी खुलने से सरकारी मंडी बंद हो जाएंगी। इससे एमएसपी खत्म होने के साथ मजदूरों को खाने के लाले पड़ जाएंगे। उन्होंने तत्काल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन कृषि कानून रद्द करने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम गेहूं खरीद पर अनावश्यक शर्तें लगा रहा है। दरअसल, ये हालात आंदोलनकारी किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने के समान हैं। खरीद की सामान्य शर्तें पांच दशकों से हैं, लेकिन ये नई शर्तें सरकारी खरीद प्रणाली पर एक और हमला है। उन्होंने कहा कि नई शर्तों के तहत गेहूं के लिए नमी की दर 14 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दी गई है।
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साढ़े तीन घंटे किया प्रदर्शन, पुलिस रही तैनात
जनसंगठनों और किसानों ने सुबह साढ़े नौ बजे अनाज मंडी में धरना देकर प्रदर्शन की शुरूआत की। पीएम के नाम ज्ञापन सौंपने के बाद दोपहर एक बजे किसानों ने धरना खत्म किया। प्रदर्शन के मद्देनजर जिला पुलिस अलर्ट रही और 100 से अधिक पुलिसकर्मी अनाज मंडी परिसर में तैनात रहे।
इन खाप और संगठनों ने लिया प्रदर्शन में भाग
प्रदर्शन में दादरी से निर्दलीय विधायक और खाप सांगवान 40 के प्रधान सोमबीर सांगवान, फौगाट खाप 19 के प्रधान बलवंत नंबरदार व सचिव सुरेश फौगाट, श्योराण खाप 25 के प्रधान बिजेंद्र बेरला, कश्मीर सिंह, राजबीर शास्त्री, ओमप्रकाश कलकल, शमशेर फौगाट, रामकुमार कादयान, नरसिंह सांगवान, राजू मान, नितिन जांघू, धर्मेंद्र छपार, कृष्ण फौगाट, रणधीर घिकाड़ा, विनोद मोड़ी, जगबीर घसोला, राधेश्याम हड़ौदिया, राजकुमार घिकाड़ा, अत्तर सिंह घसोला, रणबीर फौजी, सुनील पहलवान, रामकुमार सोलंकी, योगेश इमलोटा ने अपने विचार रखे।