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Charkhi Dadri News: 4000 एकड़ में खड़ी फसलों में हुए जलभराव से किसानों को मिली राहत
Sat, 23 Aug 2025 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 23 Aug 2025 01:37 AM IST
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गांव इमलोटा क्षेत्र में पानी निकासी के लिए लगे पंप एवं मोटर।
चरखी दादरी। जून व जुलाई माह में हुई करीब 275 एमएम बारिश से जिला के विभिन्न गांवों में 4000 एकड़ में खड़ी फसलों में हुए जलभराव पर काफी हद तक नियंत्रण पाने पर किसानों को काफी राहत मिली है। इन क्षेत्रों से पानी की निकासी का फिलहाल तकरीबन काम पूरा हो गया है। जलभराव वाले क्षेत्रों में 193 पंपसेट लगाकर पानी की निकासी की गई।
मानसून सीजन के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से आवश्यक प्रबंध पहले ही पूरे कर लिए गए थे। पंप एवं मोटरों का संधारण एवं परीक्षण कर बाढ़ संभावित क्षेत्रों में लगाया गया।
जून अंतिम सप्ताह व पूरे जुलाई माह में लगातार हुई बारिश के कारण जिले के कई गांवों के खेतों में पानी भर गया, जिससे किसानों को नुकसान एवं असुविधा का सामना करना पड़ा। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने जलभराव संभावित क्षेत्रों में 193 पंपसेट लगाए। बिजली विभाग से कनेक्शन लेकर जल निकासी का कार्य किया गया।
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जून व जुलाई माह में सामान्य से अधिक वर्षा होने के कारण बौंंदकलां, निमड़ी, मालपोष, मिसरी, मिर्च, इमलोटा, मोरवाला, बिगोवा, भागवी, खातीवास, झिंझर, अचिना, सरूपगढ़, सातौर, चरखी, पांडवान, फतेहगढ़, रावलधी, समसपुर, पैंतावाकलां, साहुवास, भागेश्वरी, बिरही कलां, कमोद व कन्हेटी आदि गांवों में फसलें जलभराव से प्रभावित हुई। विभाग की ओर से इन गांवों में डी-वॉटरिंग मशीनें एवं निकासी पंप गृह स्थापित किए गए।
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मानसून सीजन के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से आवश्यक प्रबंध पहले ही पूरे कर लिए गए थे। पंप एवं मोटरों का संधारण एवं परीक्षण कर बाढ़ संभावित क्षेत्रों में लगाया गया।
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जून अंतिम सप्ताह व पूरे जुलाई माह में लगातार हुई बारिश के कारण जिले के कई गांवों के खेतों में पानी भर गया, जिससे किसानों को नुकसान एवं असुविधा का सामना करना पड़ा। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने जलभराव संभावित क्षेत्रों में 193 पंपसेट लगाए। बिजली विभाग से कनेक्शन लेकर जल निकासी का कार्य किया गया।
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जून व जुलाई माह में सामान्य से अधिक वर्षा होने के कारण बौंंदकलां, निमड़ी, मालपोष, मिसरी, मिर्च, इमलोटा, मोरवाला, बिगोवा, भागवी, खातीवास, झिंझर, अचिना, सरूपगढ़, सातौर, चरखी, पांडवान, फतेहगढ़, रावलधी, समसपुर, पैंतावाकलां, साहुवास, भागेश्वरी, बिरही कलां, कमोद व कन्हेटी आदि गांवों में फसलें जलभराव से प्रभावित हुई। विभाग की ओर से इन गांवों में डी-वॉटरिंग मशीनें एवं निकासी पंप गृह स्थापित किए गए।