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Charkhi Dadri News: कैदियों के मौलिक अधिकार बताए
Sun, 21 Jul 2024 04:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 21 Jul 2024 04:17 AM IST
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चरखी दादरी में कानूनी कार्यशाला में मौजूद सीजेएम सौरभ कुमार, पैनल अधिवक्ता दिव्यता गोयल और अन्य
चरखी दादरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष और जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार के मार्गदर्शन में शनिवार को दो विशेष कार्यशाला हुई। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम सौरभ कुमार ने की।
पहली कार्यशाला में स्पेशल पुलिस अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग अधिकारी शामिल हुए। इस कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सौरभ कुमार ने बताया की जिला जेल कारागार में 18 साल से नीचे के युवा जो आपराधिक मामले में सजा काट रहे हैं, उन्हें किशोर न्याय कानून के तहत कानूनी सहायता देने का प्रावधान है।
पैनल अधिवक्ता दिव्यता गोयल ने कैदियों के मौलिक अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जागरूकता शिविर का उद्देश्य कानूनी जानकारी देना है। दूसरी कार्यशाला में पैनल अधिवक्ता मोहित ने कैदियों के मौलिक अधिकार बताए। सीजेएम सौरभ कुमार ने कहा कि अपने अपराधों के कारण जेल में बंद किशोर और अन्य अपराधियों को भी संविधान में मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका देना है।
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पहली कार्यशाला में स्पेशल पुलिस अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग अधिकारी शामिल हुए। इस कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सौरभ कुमार ने बताया की जिला जेल कारागार में 18 साल से नीचे के युवा जो आपराधिक मामले में सजा काट रहे हैं, उन्हें किशोर न्याय कानून के तहत कानूनी सहायता देने का प्रावधान है।
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पैनल अधिवक्ता दिव्यता गोयल ने कैदियों के मौलिक अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जागरूकता शिविर का उद्देश्य कानूनी जानकारी देना है। दूसरी कार्यशाला में पैनल अधिवक्ता मोहित ने कैदियों के मौलिक अधिकार बताए। सीजेएम सौरभ कुमार ने कहा कि अपने अपराधों के कारण जेल में बंद किशोर और अन्य अपराधियों को भी संविधान में मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका देना है।
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