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Charkhi Dadri News: कर्मचारियों को लगी कमीशनखोरी की बीमारी, सिविल अस्पताल में अनियमितताएं मिल चुकीं भारी
Sat, 13 Jan 2024 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 13 Jan 2024 02:52 AM IST
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शुक्रवार को लैब में स्वीपर से बरामद 500 रुपये का नोट देखते मुख्यमंत्री उड़नदस्ते में तैनात एसआई
चरखी दादरी। सिविल अस्पताल पिछले एक साल से अनियमितताओं के चलते सुर्खियों में है। यहां तैनात स्टाफ दो बार तो मरीजों से अवैध उगाही करते हुए पकड़ा जा चुका है और शुक्रवार को पकड़ में आया मामला इसकी बानगी भर है। इसके अलावा भी मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और गुप्तचर विभाग की टीम को यहां निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिल चुकी हैं। नियमित अंतराल पर खामियां पकड़ में आने के बाद भी व्यवस्था में सुधार न होने से अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। पिछले एक साल के दौरान सिविल अस्पताल परिसर के अंदर पकड़ में आई अनियमितताओं पर पेश है एक रिपोर्ट...
जानिये...कौन-से मामले पकड़ में आने के बाद खराब हुई विभाग की छवि
केस:1- कर्मचारी के 415 रुपये का गबन करने से हुई थी किरकिरा
लाखों-करोड़ों रुपये का गबन करने के मामले तो अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन चरखी दादरी नागरिक अस्पताल में पिछले साल 21 जनवरी को 415 रुपये के गबन का मामला सामने आया था। ओपीडी पर्ची काउंटर पर तैनात कर्मचारी ओमबीर को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने रंगेहाथ पकड़ा था। उस दौरान सामने आया था कि दोबारा पर्ची बनवाने वाले मरीजों से 5 से 10 रुपये लेकर उक्त कर्मचारी विभाग के रिकॉर्ड में फीस शून्य चढ़ाकर राशि जेब में रख लेता था।
केस:2- निजी लैब पर टेस्ट करवाने की एवज में मरीज से लिए 500 रुपये
शुक्रवार को फिर से दो कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी करवा दी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने सिविल अस्पताल की लैब में दबिश देकर दो कर्मचारियों को मरीज से लिए गए 500 रुपये समेत रंगेहाथ पकड़ लिया। सिविल अस्पताल की लैब में तैनात एलटी रवि और स्वीपर विरेंद्र पर प्राइवेट लैब में सैंपल की जांच करवाने की एवज में मरीज दिनेश से 500 रुपये लेने का आरोप लगा। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी है।
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केस:3- सीटीएम और गुप्तचर विभाग को शराब पीते मिले थे दो कर्मचारी
करीब एक साल पहले तत्कालीन सीटीएम नरेंद्र मटोरिया और गुप्तचर विभाग की टीम ने देर शाम सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस दौरान अस्पताल में तैनात दो कर्मचारी शराब का सेवन करते मिले थे। इस पर संज्ञान लेकर दोनों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई थी। इतना ही नहीं इस मामले की रिपोर्ट सरकार और स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय तक पहुंची थी। कर्मचारियों की इस करतूत की वजह से विभाग की किरकिरी हुई थी।
केस:4- फर्जी बुक से रसीद काटने पर तीन कर्मचारियों पर दर्ज हुआ था केस
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने 28 दिसंबर 2022 को सिविल अस्पताल में छापा मारा था। टीम ने आरटीए विभाग और एसडीएम कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आए आवेदनों के ब्योरा का स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के साथ मिलान किया था। उस दौरान 88 आवेदकों की मेडिकल फीस का रिकॉर्ड नहीं मिला जबकि दो को दी गई रसीद फर्जी बिल बुक की मिली थी। इसके चलते कर्मचारी मनजीत, प्रियंका और सिक्योरिटी गार्ड अनदीप पर केस दर्ज कराया गया था।
शुक्रवार को जो मामला सामने आया है उसकी जांच में विभाग हरसंभव सहयोग करेगा। कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करनी चाहिए।
-डॉ. विनोद कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी
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जानिये...कौन-से मामले पकड़ में आने के बाद खराब हुई विभाग की छवि
केस:1- कर्मचारी के 415 रुपये का गबन करने से हुई थी किरकिरा
लाखों-करोड़ों रुपये का गबन करने के मामले तो अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन चरखी दादरी नागरिक अस्पताल में पिछले साल 21 जनवरी को 415 रुपये के गबन का मामला सामने आया था। ओपीडी पर्ची काउंटर पर तैनात कर्मचारी ओमबीर को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने रंगेहाथ पकड़ा था। उस दौरान सामने आया था कि दोबारा पर्ची बनवाने वाले मरीजों से 5 से 10 रुपये लेकर उक्त कर्मचारी विभाग के रिकॉर्ड में फीस शून्य चढ़ाकर राशि जेब में रख लेता था।
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केस:2- निजी लैब पर टेस्ट करवाने की एवज में मरीज से लिए 500 रुपये
शुक्रवार को फिर से दो कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी करवा दी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने सिविल अस्पताल की लैब में दबिश देकर दो कर्मचारियों को मरीज से लिए गए 500 रुपये समेत रंगेहाथ पकड़ लिया। सिविल अस्पताल की लैब में तैनात एलटी रवि और स्वीपर विरेंद्र पर प्राइवेट लैब में सैंपल की जांच करवाने की एवज में मरीज दिनेश से 500 रुपये लेने का आरोप लगा। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी है।
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केस:3- सीटीएम और गुप्तचर विभाग को शराब पीते मिले थे दो कर्मचारी
करीब एक साल पहले तत्कालीन सीटीएम नरेंद्र मटोरिया और गुप्तचर विभाग की टीम ने देर शाम सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस दौरान अस्पताल में तैनात दो कर्मचारी शराब का सेवन करते मिले थे। इस पर संज्ञान लेकर दोनों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई थी। इतना ही नहीं इस मामले की रिपोर्ट सरकार और स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय तक पहुंची थी। कर्मचारियों की इस करतूत की वजह से विभाग की किरकिरी हुई थी।
केस:4- फर्जी बुक से रसीद काटने पर तीन कर्मचारियों पर दर्ज हुआ था केस
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने 28 दिसंबर 2022 को सिविल अस्पताल में छापा मारा था। टीम ने आरटीए विभाग और एसडीएम कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आए आवेदनों के ब्योरा का स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के साथ मिलान किया था। उस दौरान 88 आवेदकों की मेडिकल फीस का रिकॉर्ड नहीं मिला जबकि दो को दी गई रसीद फर्जी बिल बुक की मिली थी। इसके चलते कर्मचारी मनजीत, प्रियंका और सिक्योरिटी गार्ड अनदीप पर केस दर्ज कराया गया था।
शुक्रवार को जो मामला सामने आया है उसकी जांच में विभाग हरसंभव सहयोग करेगा। कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करनी चाहिए।
-डॉ. विनोद कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी