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Charkhi Dadri News: बीमा पॉलिसी के नाम पर बुजुर्ग से धोखाधड़ी, बैंक और बीमा कंपनी पर लगाया जुर्माना
Sun, 24 May 2026 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 24 May 2026 12:05 AM IST
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चरखी दादरी। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बीमा पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी के एक मामले में बैंक और बीमा कंपनी पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ ब्याज और मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष मंजीत सिंह नरयाल ने यह फैसला सुनाया। गांव मिर्च निवासी कमलेश ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी कि सितंबर 2021 में उसके पति जो कि हरियाणा रोडवेज से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, बैंक में एफडी नवीनीकरण के लिए गए थे। बैंक अधिकारियों और बीमा एजेंट ने उन्हें गुमराह किया कि नई योजना आई है जिसमें एकमुश्त 12 लाख रुपये जमा करने पर पांच साल बाद 8.5 प्रतिशत सुनिश्चित वार्षिक ब्याज के साथ मैच्योरिटी राशि मिलेगी। इस पर उन्होंने पॉलिसी खरीद ली लेकिन उनके हस्ताक्षर खाली कागजों पर ले लिए गए। बाद में उन्हें फोन पर पता चला कि यह एक पेंशन योजना है जिसमें हर साल 12 लाख रुपये की किस्त पांच वर्षों तक देनी होगी। उपभोक्ता आयोग ने जांच में पाया कि सालाना करीब 3 लाख रुपये पेंशन पाने वाले परिवार से हर साल 12 लाख रुपये का प्रीमियम भरने की उम्मीद करना पूरी तरह से अतार्किक है। आयोग ने माना कि बैंक और बीमा कंपनी ने वरिष्ठ नागरिक के भरोसे का दुरुपयोग करके वित्तीय क्षमता का मिलान किए बिना अनुचित तरीके से पॉलिसी बेची। हालांकि कार्रवाई के दौरान बीमा कंपनी ने 12 लाख रुपये की मूल राशि 5.5 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस लौटा दी थी जिसे शिकायतकर्ता ने स्वीकार भी किया। आयोग ने अपने फैसले में लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिया कि वे जमा की गई तिथि 12 अक्तूबर 2021 से लेकर रिफंड की तिथि छह अगस्त 2024 तक की अवधि के लिए 6 प्रतिशत वार्षिक की दर से अतिरिक्त मुआवजा ब्याज का भुगतान करें। इसके अतिरिक्त, मानसिक उत्पीड़न की एवज में कंपनी को दो लाख रुपये का हर्जाना भरने का आदेश दिया गया। बैंक शाखा, एजेंट और कर्मचारी पर तीन लाख रुपये का दंडात्मक मुआवजा लगाया गया है जिसमें प्रत्येक को एक लाख रुपये देने होंगे।
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