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काफी समय से स्पेशल ग्रांट से खरीदीं ई-रिक्शा नप में खड़ी

Wed, 18 Mar 2020 11:03 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2020 11:03 PM IST
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E-rickshaw purchased from special grant stood in the city council
नगर परिषद में खड़ीं ई-रिक्शा। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। शहर की तंग गलियों से कचरे का उठान करने के लिए गत जुलाई में खरीदी गईं 20 ई-रिक्शा करीब नौ माह से नगर परिषद कार्यालय परिसर में धूल फांक रही हैं। अधिकारियों ने अब तक इन्हें सड़कों पर नहीं उतारा है। कई ई-रिक्शा के पहिये तो पंक्चर हो चुके हैं लेकिन इन्हें चलाने के लिए नगर परिषद के पास चालक तक नहीं है। नौ माह बाद भी 20 लाख के बजट से खरीदी गईं ई-रिक्शा वार्डों की तंग गलियों में न पहुंचने से लोगों को डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा। वहीं, नप अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन ई-रिक्शा को गलियों में उतार दिया जाएगा। करीब पांच ई-रिक्शा इस समय वार्डों में भेजी जा रही हैं।
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शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण ने दादरी शहर को गोद लिया हुआ है। करीब एक साल पहले वो नगर परिषद की व्यवस्थाओं का जायजा लेने दादरी आए थे। इस दौरान नप अधिकारियों और पार्षदों ने उन्हें संसाधनों की कमी की जानकारी दी थी। उन्हें बताया गया था कि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए संसाधनों की कमी आड़े आ रही है। इसके बाद उन्होंने संसाधनों की खरीद के लिए नगर परिषद को एक करोड़ 63 लाख रुपये की ग्रांट दी थी। इस ग्रांट से स्वीपिंग मशीन, डंपर प्लेजर, ई-रिक्शा, डस्टबिन और अन्य उपकरण खरीदे गए थे।
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20 ई-रिक्शा का उद्घाटन गत एक सितंबर को जन आशीर्वाद यात्रा के तहत दादरी आए सीएम मनोहर लाल से कराने की योजना थी, लेकिन व्यस्तता के चलते सीएम ई-रिक्शा को हरी झंडी नहीं दिखा पाए। उस दौरान नप अधिकारियों ने 20 दिन के अंदर ई-रिक्शा को तंग गलियों में भेजने के दावे किए थे, जिन्हें करीब नौ माह बीतने पर भी पूरा नहीं किया है। स्वीपिंग मशीन भी शहर में नियमित नहीं चलाई जा रही है।
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तीन साल बाद भी पांच वार्डों में शुरू नहीं हुई डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा
शहर में 21 वार्ड हैं और जनसंख्या 80 हजार से पार है। नगर परिषद ने करीब तीन साल पहले शहर के पांच वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा शुरू की थी। इसके लिए ऑटो टीपर भी खरीदे गए थे। करीब एक साल बाद 12 वार्डों और दो साल बाद 16 वार्डों को इस सेवा से जोड़ा गया। इसके बाद एक साल से अधिक समय बीतने पर भी बाकी पांच वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा शुरू नहीं की गई है।
80 से अधिक हैं शहर में तंग गलियां, कैसे हो कचरा निस्तारण
शहर के 21 वार्डों में 80 से अधिक तंग गलियां हैं। कुछ गलियां तो इतनी संकीर्ण हैं जिनसे दुपहिया वाहन ही गुजर सकते हैं। ये 80 गलियां ऐसी हैं जहां नगर परिषद के ऑटो टीपर और ट्रॉली नहीं पहुंच सकती। एक गली में अगर 40 घर की औसत लें तो करीब दस हजार लोगों को इस समय कचरा निस्तारण संबंधी परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है।

कुछ ई-रिक्शा से शहर में कचरे का उठान हमने शुरू कर दिया है। जल्द ही सभी 20 ई-रिक्शा को तंग गलियों से कचरे का उठान करने के लिए भेजा जाएगा। इस संबंध में सेनेटरी शाखा को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। - सुंदर श्योराण, एक्सईएन, नगर परिषद।
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