{"_id":"66f0ae9aed26d75a79024364","slug":"dungarwala-joohad-will-be-vacant-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-123783-2024-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: डूंगरवाला जोहड़ को खाली करने में जुटा जनस्वास्थ्य विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: डूंगरवाला जोहड़ को खाली करने में जुटा जनस्वास्थ्य विभाग
Mon, 23 Sep 2024 05:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 23 Sep 2024 05:26 AM IST
विज्ञापन
शहर का डूंगरवाला जोहड़ जिससे पानी निकासी की जा रही है। संवाद
अब और बारिश हो गई तो विभाग के पास पानी निकासी का नहीं कोई विकल्प, शहर के बाहरी क्षेत्र की कॉलोनियों में जलभराव की समस्या बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बारिश के पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग शहर के प्रमुख डूंगरवाला जोहड़ को जैसे-तैसे खाली करने में जुटा है। यही जोहड़ शहर में बारिश के पानी को झेलता आ रहा है। विभाग को आशंका है अगर अब ज्यादा बारिश हो गई तो पानी निकासी का कोई विकल्प नहीं है। विभाग मोटरों के जरिये पानी का लगातार उठान कर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचा रहा है। ताकि, राहत मिल सके।
मुख्य बाजारों में हर साल बारिश से जलभराव की समस्या बनती है। बाजारों में लंबे समय तक पानी भरने पर दुकानें बंद रहती हैं। इससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। आम लोगों को आवागमन में परेशानी रहती है। शहर का अधिकतर पानी डुंगरवाला जोहड़ में डाला जाता हैे। जोहड़ भर जाने पर सीवर लाइनें बैक मार जाती हैं, जिससे पानी बाजारों में भर जाता है।
विभाग ने जोहड़ पर पांच बड़ी क्षमता की मोटरें लगा रखी हैं। ताकि, बारिश के पानी का दबाव कम किया जा सके और बाजारों में पानी नहीं भरने पाए। यहां से पानी का उठान दिल्ली रोड एसपीपी में डाला जा रहा है। जोहड़ से एसटीपी तक अलग से नई लाइन डाली गई है।
विज्ञापन
- अब तक शहर में हुई 322 एमएम बारिश
अब तक शहर में 322 एमएम बारिश हो चुकी है। इतनी बारिश में ही जोहड़ जवाब दे गया है। ऐसे में अगर अब और बारिश होती है तो हालात विकट हो सकते हैं। विभाग ने बारिश के पानी की अलग से लाइन जोहड़ तक बिछाई है। इस पानी को उठाकर एसटीपी तक पहुंचाया जा रहा है। एसटीपी से ड्रेन आठ में डाला जा रहा है। विभाग ने अकेले इस प्रोजेक्ट पर 76 करोड़ का बजट खर्च किया है।
वर्सन:
जोहड़ को खाली करने का प्रयास किया जा रहा है। खाली होने पर इसमें और पानी का समायोजन हो सकता है। पंप एवं मोटर से पानी का उठान किया जा रहा है। शहरवासियों को जलभराव से दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
-रामपाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो 26
शहर का डूंगरवाला जोहड़, जिससे पानी की निकासी की जा रही है। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बारिश के पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग शहर के प्रमुख डूंगरवाला जोहड़ को जैसे-तैसे खाली करने में जुटा है। यही जोहड़ शहर में बारिश के पानी को झेलता आ रहा है। विभाग को आशंका है अगर अब ज्यादा बारिश हो गई तो पानी निकासी का कोई विकल्प नहीं है। विभाग मोटरों के जरिये पानी का लगातार उठान कर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचा रहा है। ताकि, राहत मिल सके।
मुख्य बाजारों में हर साल बारिश से जलभराव की समस्या बनती है। बाजारों में लंबे समय तक पानी भरने पर दुकानें बंद रहती हैं। इससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। आम लोगों को आवागमन में परेशानी रहती है। शहर का अधिकतर पानी डुंगरवाला जोहड़ में डाला जाता हैे। जोहड़ भर जाने पर सीवर लाइनें बैक मार जाती हैं, जिससे पानी बाजारों में भर जाता है।
विज्ञापन
विभाग ने जोहड़ पर पांच बड़ी क्षमता की मोटरें लगा रखी हैं। ताकि, बारिश के पानी का दबाव कम किया जा सके और बाजारों में पानी नहीं भरने पाए। यहां से पानी का उठान दिल्ली रोड एसपीपी में डाला जा रहा है। जोहड़ से एसटीपी तक अलग से नई लाइन डाली गई है।
विज्ञापन
- अब तक शहर में हुई 322 एमएम बारिश
अब तक शहर में 322 एमएम बारिश हो चुकी है। इतनी बारिश में ही जोहड़ जवाब दे गया है। ऐसे में अगर अब और बारिश होती है तो हालात विकट हो सकते हैं। विभाग ने बारिश के पानी की अलग से लाइन जोहड़ तक बिछाई है। इस पानी को उठाकर एसटीपी तक पहुंचाया जा रहा है। एसटीपी से ड्रेन आठ में डाला जा रहा है। विभाग ने अकेले इस प्रोजेक्ट पर 76 करोड़ का बजट खर्च किया है।
वर्सन:
जोहड़ को खाली करने का प्रयास किया जा रहा है। खाली होने पर इसमें और पानी का समायोजन हो सकता है। पंप एवं मोटर से पानी का उठान किया जा रहा है। शहरवासियों को जलभराव से दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
-रामपाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो 26
शहर का डूंगरवाला जोहड़, जिससे पानी की निकासी की जा रही है। संवाद