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Charkhi Dadri News: बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, धान कटाई और सरसों की बोआई प्रभावित
Thu, 29 Oct 2026 10:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 29 Oct 2026 10:14 PM IST
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बूंदाबांदी में भीगी धान की कटी फसल।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। चक्रवातीय तूफान अर्नब के आंशिक प्रभाव और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में बदलाव आ गया। शहर व आसपास के एरिया में सुबह सवेरे बिखराव वाली बूंदाबांदी हुई तो बाढ़डा क्षेत्र के कुछ गांवों में हल्की बारिश भी हुई। उसके बाद दिनभर बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को हल्की ठंड का एहसास होने लगा। जिले में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री और अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना अति भीषण चक्रवातीय तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश और यनम तट से टकराने के बाद कमजोर हो रहा है। इसके प्रभाव से हरियाणा में दक्षिण-पूर्वी हवाएं सक्रिय हुई हैं, जो वातावरण में नमी बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही और बारिश की गतिविधियां देखने को मिली।
उन्होंने बताया कि चक्रवात का हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर सीधा प्रभाव नहीं है, लेकिन इसके आंशिक असर से मौसम में बदलाव आया है।
धान कटाई व बोआई का कार्य प्रभावित
सुबह सवेरे बूंदाबांदी शुरू हो जाने से धान कटाई का कार्य प्रभावित रहा। साथ ही कपास व धान की फसल व सरसों बोआई को नुकसान होने की आशंका के चलते किसान चिंतित हैं। इस चिंता को मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान और बढ़ा रहा है कि मौसम शुक्रवार को भी परिवर्तनशील रहेगा और बारिश की भी संभावना है।
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आज भी रहेगा असर
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 30 अक्तूबर तक दोनों मौसम प्रणालियों का प्रभाव बना रह सकता है। इसके बाद 31 अक्तूबर को दक्षिण-पूर्वी जिलों में मौसम का असर रहने की संभावना है। उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में भी तापमान में और गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को सुबह और रात के समय ठंड का अधिक एहसास होगा।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना अति भीषण चक्रवातीय तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश और यनम तट से टकराने के बाद कमजोर हो रहा है। इसके प्रभाव से हरियाणा में दक्षिण-पूर्वी हवाएं सक्रिय हुई हैं, जो वातावरण में नमी बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही और बारिश की गतिविधियां देखने को मिली।
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उन्होंने बताया कि चक्रवात का हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर सीधा प्रभाव नहीं है, लेकिन इसके आंशिक असर से मौसम में बदलाव आया है।
धान कटाई व बोआई का कार्य प्रभावित
सुबह सवेरे बूंदाबांदी शुरू हो जाने से धान कटाई का कार्य प्रभावित रहा। साथ ही कपास व धान की फसल व सरसों बोआई को नुकसान होने की आशंका के चलते किसान चिंतित हैं। इस चिंता को मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान और बढ़ा रहा है कि मौसम शुक्रवार को भी परिवर्तनशील रहेगा और बारिश की भी संभावना है।
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आज भी रहेगा असर
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 30 अक्तूबर तक दोनों मौसम प्रणालियों का प्रभाव बना रह सकता है। इसके बाद 31 अक्तूबर को दक्षिण-पूर्वी जिलों में मौसम का असर रहने की संभावना है। उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में भी तापमान में और गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को सुबह और रात के समय ठंड का अधिक एहसास होगा।