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Charkhi Dadri News: नहरी पानी की कमी से पेयजल संकट गहराया

Sun, 26 Jul 2026 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 26 Jul 2026 01:02 AM IST
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Drinking water crisis deepens due to shortage of canal water.
चंपापुरी क्षेत्र स्थित जलघर टैंक। 
चरखी दादरी। जिले में नहरी पानी की कमी के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की करीब 115 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना का भी लोगों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। 11 जुलाई को नहरों में पानी छोड़े जाने के बावजूद पिछले 14 दिनों में शहर के जलघरों के स्टोरेज टैंक आधे ही भर पाए हैं।
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पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण कई टैंक खाली रह गए, जिससे शहर में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई क्षेत्रों में निर्धारित समय से कम पानी मिल रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर पानी का दबाव भी काफी कम है। विभाग ने जलघरों तक अधिक पानी पहुंचाने के लिए अतिरिक्त मोटरें भी लगाई हैं, पर नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है।
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पेयजल परियोजना की स्थिति
शहर की पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए विभाग ने 115 करोड़ रुपये की लागत से नई परियोजना पूरी की है। इसके तहत जलघरों के स्टोरेज टैंकों की क्षमता बढ़ाई गई, नई पाइपलाइनें बिछाई गईं। वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाया गया था। परियोजना का उद्देश्य बढ़ती आबादी को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना था। हालांकि, नहरी पानी की कमी के चलते पूरी व्यवस्था अपनी क्षमता के अनुरूप काम नहीं कर पा रही है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट
ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति शहर से भी अधिक गंभीर बनी हुई है। जिले के कई गांवों में तीन से चार दिन के अंतराल पर पेयजल की आपूर्ति हो रही है। लोगों को पानी का संग्रह करके रखना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को घरेलू जरूरतों के लिए अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। मानकों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 135 लीटर पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। वर्तमान हालात में यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है।

नागरिकों की नाराजगी और निर्भरता
शहर के नागरिक संदीप फोगाट और शारदा, तथा ग्रामीण कृष्णा देवी, मुन्नी देवी और सुंदर देवी ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी जब जलघरों के टैंक नहीं भर पा रहे, तो लोगों को लाभ कैसे मिलेगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, जिले की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह नहरी पानी पर निर्भर है। विभाग उपलब्ध पानी के बेहतर प्रबंधन और नियमित आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास कर रहा है।




शहर के जलघरों के स्टोरेज टैंक में 50 प्रतिशत पानी भरा गया है। विभाग शहरवासियों को पेयजल की किल्लत नहीं होने देगा। पानी की नियमित रूप से आपूर्ति की जाएगी।
- विवेक कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
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