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Charkhi Dadri News: पीआरआई ग्रांट से 80 गांवों में विकास कार्य शुरू
Tue, 09 May 2023 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 09 May 2023 12:11 AM IST
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चरखी दादरी। पीआरआई (पंचायती राज संस्था) ग्रांट से जिले के 80 गांवों में विकास कार्य शुरू हो गए हैं। हालांकि ग्रांट के उपयोग के लिए सरपंच, ग्राम सचिव, बीडीपीओ व पंचायत अधिकारी के डोंगल हस्ताक्षर जरूरी हैं और तभी राशि का उपयोग किया जा सकता है। वहीं, कई पंचायतों ने बड़े प्रोजेक्ट के एस्टीमेट भी पंचायत विभाग को भेजे हैं ताकि सरकार की ओर से बजट की मंजूरी मिल सके।
बता दें कि लंबे समय तक ई-टेंडरिंग पॉलिसी के विरोध में सरपंचों का विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। इस वजह से भी कामकाज ठप रहा। अब सरपंचों ने अपने स्तर पर गांवों में छोटे स्तर के कार्य करवाने शुरू कर दिये हैं। गांव में नालियों के ज्वाइंट पर लोहे की ग्रिल लगवाना, दूषित पानी के नालों की मरम्मत करवाना, सफाई अभियान सहित अन्य कई प्रकार के कार्य शुरू हो गये हैं।
अरावली की पहाड़ियों में बसे गांवों में झोझू कलां, कलियाणा, माई कलां, माई खुर्द, मानकावास, खेड़ी बत्तर, खेड़ी बूरा, अटेला प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन गांवों को पहाड़ों से माइनिंग के रूप में राजस्व की प्राप्ति होती है। इस सरकारी राजस्व की राशि पंचायत को एफडी करवानी पड़ती है। इस राशि से मिलने वाले ब्याज को पंचायत अपने स्तर पर विकास कार्यों के लिए खर्च कर सकती हैं। इसके लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है।
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गांवों में इन कार्यों की दरकार
सरपंचों का मानना है कि छोटे स्तर के जरूरी काम तो पीआरआई ग्रांट के बजट से पूरे करवाए जा सकते हैं। गांवों में दूषित पानी की निकासी का प्रबंधन नहीं होने से विकट समस्या बनी हुई है। गांवों के तालाब भी दूषित पानी की मिनी झील बने हुए हैं जिससे आसपास के क्षेत्रों का वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। गलियों की मरम्मत, नालों का निर्माण, श्मशानघाट चाहरदीवारी व अन्य कार्यों की कई गांवों में जरूरत बनी हुई है। कई गांवों में नई सड़कों के निर्माण की भी जरूरत है।
इमलोटा पंचायत ने भेजे ये प्रस्ताव
सरपंच रामनिवास ने बताया कि इमलोटा पंचायत ने गांव में खेल स्टेडियम, दो पार्क, जिम, खेतों के पांच रास्ते पक्के करवाने, नालों का निर्माण करवाने के लिए प्रपोजल तैयार कर पंचायत विभाग को भेज दिया है। अब सरकार से बजट का इंतजार है। गांव के लिए आबादी के अनुरूप 29.61 लाख रुपये का बजट पीआरआई ग्रांट के तहत मंजूर हुआ है।
जनसंख्या के हिसाब से यूं मिलती है ग्रांट
पंचायत विभाग के अधिकारियों के अनुसार करीब दस हजार की आबादी तक करीब 25 लाख रुपये मिलते हैं। इसके बाद जनसंख्या के अनुपात में ग्रांट राशि बढ़ा दी जाती है। न्यूनतम करीब पांच लाख के ग्रांट का प्रावधान है।
काफी पंचायतों के प्रस्ताव विभाग के पास आए हैं। पीआरआई ग्रांट से भी विकास कार्य शुरू हुए हैं। ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से विकास कार्य करवाए जाने हैं।
-अजीत कुमार, कनिष्ठ अभियंता, पंचायत विभाग
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बता दें कि लंबे समय तक ई-टेंडरिंग पॉलिसी के विरोध में सरपंचों का विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। इस वजह से भी कामकाज ठप रहा। अब सरपंचों ने अपने स्तर पर गांवों में छोटे स्तर के कार्य करवाने शुरू कर दिये हैं। गांव में नालियों के ज्वाइंट पर लोहे की ग्रिल लगवाना, दूषित पानी के नालों की मरम्मत करवाना, सफाई अभियान सहित अन्य कई प्रकार के कार्य शुरू हो गये हैं।
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अरावली की पहाड़ियों में बसे गांवों में झोझू कलां, कलियाणा, माई कलां, माई खुर्द, मानकावास, खेड़ी बत्तर, खेड़ी बूरा, अटेला प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन गांवों को पहाड़ों से माइनिंग के रूप में राजस्व की प्राप्ति होती है। इस सरकारी राजस्व की राशि पंचायत को एफडी करवानी पड़ती है। इस राशि से मिलने वाले ब्याज को पंचायत अपने स्तर पर विकास कार्यों के लिए खर्च कर सकती हैं। इसके लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है।
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गांवों में इन कार्यों की दरकार
सरपंचों का मानना है कि छोटे स्तर के जरूरी काम तो पीआरआई ग्रांट के बजट से पूरे करवाए जा सकते हैं। गांवों में दूषित पानी की निकासी का प्रबंधन नहीं होने से विकट समस्या बनी हुई है। गांवों के तालाब भी दूषित पानी की मिनी झील बने हुए हैं जिससे आसपास के क्षेत्रों का वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। गलियों की मरम्मत, नालों का निर्माण, श्मशानघाट चाहरदीवारी व अन्य कार्यों की कई गांवों में जरूरत बनी हुई है। कई गांवों में नई सड़कों के निर्माण की भी जरूरत है।
इमलोटा पंचायत ने भेजे ये प्रस्ताव
सरपंच रामनिवास ने बताया कि इमलोटा पंचायत ने गांव में खेल स्टेडियम, दो पार्क, जिम, खेतों के पांच रास्ते पक्के करवाने, नालों का निर्माण करवाने के लिए प्रपोजल तैयार कर पंचायत विभाग को भेज दिया है। अब सरकार से बजट का इंतजार है। गांव के लिए आबादी के अनुरूप 29.61 लाख रुपये का बजट पीआरआई ग्रांट के तहत मंजूर हुआ है।
जनसंख्या के हिसाब से यूं मिलती है ग्रांट
पंचायत विभाग के अधिकारियों के अनुसार करीब दस हजार की आबादी तक करीब 25 लाख रुपये मिलते हैं। इसके बाद जनसंख्या के अनुपात में ग्रांट राशि बढ़ा दी जाती है। न्यूनतम करीब पांच लाख के ग्रांट का प्रावधान है।
काफी पंचायतों के प्रस्ताव विभाग के पास आए हैं। पीआरआई ग्रांट से भी विकास कार्य शुरू हुए हैं। ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से विकास कार्य करवाए जाने हैं।
-अजीत कुमार, कनिष्ठ अभियंता, पंचायत विभाग