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Charkhi Dadri News: निश्चय की दृढ़ता ने निश्चित किए 24 पदक
Sun, 23 Mar 2025 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 23 Mar 2025 11:48 PM IST
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पटना में स्पर्धा जीतने पर पदक दिखाते खिलाड़ी निश्चय।
चरखी दादरी। एथलीट माता-पिता की कामयाबी से प्रेरित होकर शहर निवासी 18 वर्षीय एथलीट निश्चय छह साल में राष्ट्रीय स्तर तक 24 पदक जीत चुके हैं। शॉटपुट और डिस्कस-थ्रो की उपलब्धियों के आधार पर निश्चय ने अपनी पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेलने के लिए वह प्रतिदिन सात घंटे मैदान में पसीना बहा रहे हैं।
शहर निवासी निश्चय 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। निश्चय ने माता-पिता को खेलते और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने पर उन्हें गर्व की अनुभूति करते देखा। माता-पिता से प्रेरित होकर उन्होंने खेल में कॅरिअर बनाने के लिए अपने कदम बढ़ाए। छह साल पहले यानी वर्ष 2019 में निश्चय ने खेल का अभ्यास शुरू किया।
निश्चय की माता पूर्णिमा और पिता अमित खेलने के लिए शहर के बलिदान स्टेडियम में जाते थे। सुबह के समय वे निश्चय को भी सैर के लिए साथ ले जाते थे। वहां पर निश्चय ने अपनी मां और पिता को खेलते देखा तो उनके मन में भी खेलने की भावना जागृत हुई।
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इसके बाद माता-पिता ने वरिष्ठ एथलेटिक्स कोच बिजेंद्र सिंह और राष्ट्रीय पदक विजेता कोच देंवेंद्र सिंह के पास निश्चय को खेल के अभ्यास के लिए छोड़ दिया। निश्चय ने जिलास्तर की स्पर्धाओं में शुरुआत में ही सफलता हासिल कर ली थी। इसके बाद कोरोना के कारण खेल गतिविधियां बंद रहीं। वर्ष 2021 में निश्चय ने राज्यस्तर पर पहला पदक हासिल किया। अब तक वह राज्यस्तरीय 15 जबकि राष्ट्रीय स्तर पर 9 पदक हासिल कर चुके हैं।
सात घंटे मैदान में बहा रहे पसीना
निश्चय प्रतिदिन कोच बिजेंद्र सिंह और देवेंद्र कुमार के पास अभ्यास करते हैं। पूरे दिन में वह सात घंटे तक मैदान में शॉटपुट और डिस्कस थ्रो का अभ्यास कर अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए जुटे हैं।
माता-पिता जीत चुके हैं 18 पदक
निश्चय की माता पूर्णिमा और पिता अमित भी राष्ट्रीय स्तर के एथलीट रह चुके हैं। दो साल पहले ही उन्होंने अपने खेल कॅरिअर को विराम दिया है। मां पूर्णिमा राष्ट्रीय स्तर तक 10 पदक जीत चुकी हैं जबकि पिता ने 8 पदक जीतकर खेल के क्षेत्र में नाम कमाया है। अपनी इकलौती संतान निश्चय को भी उन्होंने खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। बेटे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होते देखना उनका सपना है।
- ये हैं निश्चय की प्रमुख उपलब्धियां
- मार्च 2025 में पटना में आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक।
- फरवरी 2025 में करनाल में आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2024 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक।
- जनवरी 2023 में गुवाहटी में आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक।
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शहर निवासी निश्चय 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। निश्चय ने माता-पिता को खेलते और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने पर उन्हें गर्व की अनुभूति करते देखा। माता-पिता से प्रेरित होकर उन्होंने खेल में कॅरिअर बनाने के लिए अपने कदम बढ़ाए। छह साल पहले यानी वर्ष 2019 में निश्चय ने खेल का अभ्यास शुरू किया।
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निश्चय की माता पूर्णिमा और पिता अमित खेलने के लिए शहर के बलिदान स्टेडियम में जाते थे। सुबह के समय वे निश्चय को भी सैर के लिए साथ ले जाते थे। वहां पर निश्चय ने अपनी मां और पिता को खेलते देखा तो उनके मन में भी खेलने की भावना जागृत हुई।
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इसके बाद माता-पिता ने वरिष्ठ एथलेटिक्स कोच बिजेंद्र सिंह और राष्ट्रीय पदक विजेता कोच देंवेंद्र सिंह के पास निश्चय को खेल के अभ्यास के लिए छोड़ दिया। निश्चय ने जिलास्तर की स्पर्धाओं में शुरुआत में ही सफलता हासिल कर ली थी। इसके बाद कोरोना के कारण खेल गतिविधियां बंद रहीं। वर्ष 2021 में निश्चय ने राज्यस्तर पर पहला पदक हासिल किया। अब तक वह राज्यस्तरीय 15 जबकि राष्ट्रीय स्तर पर 9 पदक हासिल कर चुके हैं।
सात घंटे मैदान में बहा रहे पसीना
निश्चय प्रतिदिन कोच बिजेंद्र सिंह और देवेंद्र कुमार के पास अभ्यास करते हैं। पूरे दिन में वह सात घंटे तक मैदान में शॉटपुट और डिस्कस थ्रो का अभ्यास कर अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए जुटे हैं।
माता-पिता जीत चुके हैं 18 पदक
निश्चय की माता पूर्णिमा और पिता अमित भी राष्ट्रीय स्तर के एथलीट रह चुके हैं। दो साल पहले ही उन्होंने अपने खेल कॅरिअर को विराम दिया है। मां पूर्णिमा राष्ट्रीय स्तर तक 10 पदक जीत चुकी हैं जबकि पिता ने 8 पदक जीतकर खेल के क्षेत्र में नाम कमाया है। अपनी इकलौती संतान निश्चय को भी उन्होंने खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। बेटे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होते देखना उनका सपना है।
- ये हैं निश्चय की प्रमुख उपलब्धियां
- मार्च 2025 में पटना में आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक।
- फरवरी 2025 में करनाल में आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2024 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक।
- जनवरी 2023 में गुवाहटी में आयोजित राष्ट्रीय स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक।