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शहर की 23 हजार प्रॉपर्टी यूनिट का ब्योरा होगा ऑनलाइन, प्रॉपटी धारक को मिलेगी यूनिक आईडी
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Details of 23 thousand property units of the city will be online, property owner will get unique ID
- फोटो : CharkhiDadri
नगर परिषद अधिकारी जल्द ही शहर के 23 हजार प्रॉपर्टी धारकों को यूनिक आईडी देने जा रहे हैं। इसके बाद प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी घर बैठे कर सकेंगे तो वहीं, गूूगल की मदद से किसी भी प्रॉपर्टी की लोकेशन पर आसानी से पहुंचा जा सकेगा। इस समय गूगल पूरे पते की बजाय समीपवर्ती मुख्य स्थान ही दर्शा रहा है। 23 हजार प्रॉपर्टी यूनिट का ब्योरा ऑनलाइन करने की कवायद नप ने शुरू कर दी है। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से हायर की गई एजेंसी की टीमों को ग्राउंड में उतारा जा चुका है। पिछले तीन दिनों से 16 टीमें यह काम कर रही हैं।
एजेंसी की टीमें ड्रोन से भी शहर का सर्वे कर चुकी है। ड्रोन सर्वे के अनुसार शहर की सीमाएं बढ़ी हैं और प्रॉपर्टी की संख्या में भी इजाफा हुआ है। नप अधिकारियों के अनुसार इस समय करीब 23 हजार प्रॉपर्टीधारक हैं। इन्हें कर्मिशयल, रेजीडेंशियल और इंडस्ट्रीयल श्रेणी में बांटा गया है। रेजीडेंशियल श्रेणी की प्रॉपर्टी शहर में सबसे अधिक हैं।
सचिव प्रशांत पराशर ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स का डाटा भी डिजिटलाइज्ड किया जा रहा है। इसके लिए एक एजेंसी हायर की गई है। इस एजेंसी के 28 कर्मचारी शहर में सर्वे कार्य में जुटे हुए हैं। इस मुहिम के तहत प्रॉपर्टी का डाटा जीपीएस से जोड़कर फोटो के साथ ऑनलाइन अटैच होगा। सचिव ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक प्रॉपर्टी धारक को एक यूनिक आईडी मिल जाएगी। यह आईडी प्रॉपर्टीधारक को बताई जाएगी। इस यूनिक आईडी को गूगल पर डालने के बाद प्रॉपर्टी से संबंधित ब्योरा घर बैठे ही देख सकेंगे। इसके अलावा पता ढूंढ़ने में भी आसानी रहेगी। इस समय सही पते तक गूगल पर लोकेशन डालने के बाद लोग नहीं पहुंच पा रहे हैं। गूगल पते के समीपवर्ती लैंडमार्क तक ही पहुंचा पा रहा है। अगले चार माह में इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।
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ऑटो डेबिट की सुविधा होगी शुरू, छुट का उठा सकेंगे लाभ
शहर की प्रॉपर्टी का डाटा ऑनलाइन अटैच होने के बाद प्रॉपर्टी धारकों को ऑटो डेबिट की सुविधा भी मिलेगी। टैक्स बिल बनते ही प्रॉपर्टीधारक के खाते ये यह राशि कट जाएगी और इसके बाद उन्हें पांच प्रतिशत का लाभ भी मिलेगा। इस समय ऑटो डेबिट की सुविधा न होने से प्रॉपर्टीधारकों को बिल अदायगी पर पांच प्रतिशत छुट का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
शहर में किस कैटेगरी की कितनी प्रॉपर्टी
कैटेगरी- संख्या
रेजीडेंशियल- 15 हजार
कमर्शियल- 6 हजार
इंडस्ट्रीयल- 2 हजार
दो से तीन हजार प्रॉपर्टी की संख्या बढ़ने की उम्मीद, नप का बढ़ेगा खजाना
शहर में विकास कार्यों का खाका खींचने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। नप की आमदनी प्रॉपर्टी टैक्स समेत अन्य टैक्स से होती है। इस समय नप को आमदनी बढ़ाने की भी जरूरत है। सर्वे के बाद शहर में प्रॉपर्टी यूनिट दो से तीन हजार तक बढ़ने की उम्मीद है।
यूं होगी प्रॉपर्टी की लाकेशन ऑनलाइन
नप सचिव प्रशांत पराशर ने बताया कि इस समय नप के कर्मचारी प्रॉर्प्टी टैक्स के बिल देते समय मकान की फोटो भी उतार रहे हैं। वे वहीं से इसे अपलोड कर देते हैं और इसके बाद उक्त कंपनी जीपीएस के जरिये लोकेशन को अटैच कर प्रॉपर्टी का ब्योरा भी अपडेट कर रही है। सचिव प्रशांत पराशर का कहना है कि लोग इस काम में सहयोग करें।
प्रॉपर्टी यूनिट का डिजिटलाइजेशन होने से लोगों को काफी फायदा मिलेगा। सरकार द्वारा हायर की गई एजेंसी यह कार्य कर रही है। अगले चार माह के अंदर यह काम पूरा करवा लिया जाएगा।
प्रशांत पराशर, सचिव, नगर परिषद
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एजेंसी की टीमें ड्रोन से भी शहर का सर्वे कर चुकी है। ड्रोन सर्वे के अनुसार शहर की सीमाएं बढ़ी हैं और प्रॉपर्टी की संख्या में भी इजाफा हुआ है। नप अधिकारियों के अनुसार इस समय करीब 23 हजार प्रॉपर्टीधारक हैं। इन्हें कर्मिशयल, रेजीडेंशियल और इंडस्ट्रीयल श्रेणी में बांटा गया है। रेजीडेंशियल श्रेणी की प्रॉपर्टी शहर में सबसे अधिक हैं।
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सचिव प्रशांत पराशर ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स का डाटा भी डिजिटलाइज्ड किया जा रहा है। इसके लिए एक एजेंसी हायर की गई है। इस एजेंसी के 28 कर्मचारी शहर में सर्वे कार्य में जुटे हुए हैं। इस मुहिम के तहत प्रॉपर्टी का डाटा जीपीएस से जोड़कर फोटो के साथ ऑनलाइन अटैच होगा। सचिव ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक प्रॉपर्टी धारक को एक यूनिक आईडी मिल जाएगी। यह आईडी प्रॉपर्टीधारक को बताई जाएगी। इस यूनिक आईडी को गूगल पर डालने के बाद प्रॉपर्टी से संबंधित ब्योरा घर बैठे ही देख सकेंगे। इसके अलावा पता ढूंढ़ने में भी आसानी रहेगी। इस समय सही पते तक गूगल पर लोकेशन डालने के बाद लोग नहीं पहुंच पा रहे हैं। गूगल पते के समीपवर्ती लैंडमार्क तक ही पहुंचा पा रहा है। अगले चार माह में इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।
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ऑटो डेबिट की सुविधा होगी शुरू, छुट का उठा सकेंगे लाभ
शहर की प्रॉपर्टी का डाटा ऑनलाइन अटैच होने के बाद प्रॉपर्टी धारकों को ऑटो डेबिट की सुविधा भी मिलेगी। टैक्स बिल बनते ही प्रॉपर्टीधारक के खाते ये यह राशि कट जाएगी और इसके बाद उन्हें पांच प्रतिशत का लाभ भी मिलेगा। इस समय ऑटो डेबिट की सुविधा न होने से प्रॉपर्टीधारकों को बिल अदायगी पर पांच प्रतिशत छुट का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
शहर में किस कैटेगरी की कितनी प्रॉपर्टी
कैटेगरी- संख्या
रेजीडेंशियल- 15 हजार
कमर्शियल- 6 हजार
इंडस्ट्रीयल- 2 हजार
दो से तीन हजार प्रॉपर्टी की संख्या बढ़ने की उम्मीद, नप का बढ़ेगा खजाना
शहर में विकास कार्यों का खाका खींचने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। नप की आमदनी प्रॉपर्टी टैक्स समेत अन्य टैक्स से होती है। इस समय नप को आमदनी बढ़ाने की भी जरूरत है। सर्वे के बाद शहर में प्रॉपर्टी यूनिट दो से तीन हजार तक बढ़ने की उम्मीद है।
यूं होगी प्रॉपर्टी की लाकेशन ऑनलाइन
नप सचिव प्रशांत पराशर ने बताया कि इस समय नप के कर्मचारी प्रॉर्प्टी टैक्स के बिल देते समय मकान की फोटो भी उतार रहे हैं। वे वहीं से इसे अपलोड कर देते हैं और इसके बाद उक्त कंपनी जीपीएस के जरिये लोकेशन को अटैच कर प्रॉपर्टी का ब्योरा भी अपडेट कर रही है। सचिव प्रशांत पराशर का कहना है कि लोग इस काम में सहयोग करें।
प्रॉपर्टी यूनिट का डिजिटलाइजेशन होने से लोगों को काफी फायदा मिलेगा। सरकार द्वारा हायर की गई एजेंसी यह कार्य कर रही है। अगले चार माह के अंदर यह काम पूरा करवा लिया जाएगा।
प्रशांत पराशर, सचिव, नगर परिषद